माँ तेरा एहसान हम पर

माँ तेरा एहसान हम पर

माँ तेरा एहसान हम पर

 

जीवन मे हर क्षण ढाल बन तुमने सम्हाला
माँ तेरा एहसान हम पर ।

नौ महीने कोख में रख कर पाला
माँ तेरा एहसान हम पर ।

धेर्य से हमको पढ़ाया प्रथम गुरु बनकर ।
संस्कारो से सींचा बढ़ाया स्नेह से भरकर ।
ढालकर सांचे में मूरत बना डाला
माँ तेरा एहसान हम पर ।

वार जो करता कोई आंचल छिपा लेता ।
कुदृष्टि से दुनिया की माँ हमको बचा लेता ।
तुमने लगाया माथे पर काला टीका
माँ तेरा एहसान हम पर ।

मां से बढ़कर मातृभूमि हमको सिखाया था ।
सच की विजय होती सदा हमको दिखाया था ।
सुविचारो का तुमने लगाया उपर से ताला
माँ तेरा एहसान हम पर ।

आशा झा
दुर्ग ( छत्तीसगढ़ )

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