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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Holi kavita
    आलेख

    ज़माने के संग रंग बदलती होली

    ByAdmin March 12, 2025March 12, 2025

    आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार की सच्ची भावना होती थी और दुश्मनी कहीं नहीं दिखती थी। परिवार और दोस्त मिलकर रंगों और हंसी-मजाक के साथ जश्न मनाते थे। जैसे-जैसे समय…

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  • Holi ki kavita
    आलेख

    शरारत भरी होली

    ByAdmin March 12, 2025March 12, 2025

    गाँव की होली का रंग हर साल कुछ अलग ही होता था। हर गली-मोहल्ले में गुलाल उड़ता, ढोल की थाप पर ठुमके लगते, और सबसे ज्यादा मस्ती होती थी बच्चों की टोली में। इस बार भी बबलू गैंग—बबलू, सोनू, चिंटू और पिंकी—ने कुछ नया करने की सोची। गाँव के चौपाल पर हर साल ठंडाई बनती…

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  • डॉ. कामिनी व्यास रावल की ग़ज़लें | Dr. Kamini Vyas Poetry
    ग़ज़ल

    डॉ. कामिनी व्यास रावल की ग़ज़लें | Dr. Kamini Vyas Poetry

    ByAdmin March 12, 2025August 17, 2025

    किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाईतिरी राधिका भी चली दौड़ी आई नहीं और कुछ देखने की तमन्नातुम्हारी जो मूरत है मन में समाई हुई राधिका सी मैं भी बाबरी अबकथा भागवत माँ ने जब से सुनाई रहे भक्त तेरी शरण में सदा जोभंवर से उसी की है नैया बचाई…

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  • Saawariya Rajsthani Geet
    गीत

    बरस रहा है

    ByAdmin March 12, 2025March 12, 2025

    बरस रहा है बरस रहा है पिचकारी से, लाल गुलाबी रंग।रंग बिरंगी बौछारों से ,पुलक उठा हर अंग।। होली होली हुरयारों का ,गूँज रहा है शोरगली-गली में नाच रहा है, मादक मन का मोरनयी उमंगे लेकर आया यह फागुन का भोरथिरक उठीं ढोलक की थापें,बाज रही है चंग।चौबारे में मचा हुआ है,होली का हुडदंग।।बरस रहा…

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  • Holiya me
    आलेख

    फागुन संग- होली के रंग

    ByAdmin March 12, 2025March 12, 2025

    होली को त्यौहार मनाने का हर प्रदेश-शहर और गाँव का अपना तरीका है। आज अपने शहर की होली याद कर रहा हूँ। मध्यप्रदेश के बीना शहर में होली का त्यौहार मनाने का अपना ही तरीका है। यहाँ पर वैसे तो पांचों दिन होली खेली जाती है,परंतु रंग पंचमी के दिन की होली खेलने का अलग…

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  • कपटी दुकानदार
    कहानियां

    कपटी दुकानदार

    ByAdmin March 11, 2025March 11, 2025

    6 माह पुरानी बात है। स्कूल जाते समय मैंने एक किराना दुकानदार से 25 रुपए की नमकीन का एक पैकेट लिया और भुगतान करने को दुकानदार को 200 का नोट दिया। पेमेंट करके मैं दुकान से बाहर निकल गया। लगभग 3 किलोमीटर दूर जाने पर मुझे ध्यान आया कि दुकानदार ने मुझे 75 रुपये वापिस…

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  • कवियों ने गाई धमाल, पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह आयोजित
    साहित्यिक गतिविधि

    कवियों ने गाई धमाल, पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह आयोजित

    ByAdmin March 11, 2025March 11, 2025

    राजस्थान पेंशनर समाज जिला शाखा झुंझुनू कार्यालय में साहित्य स्पंदन समूह जयपुर के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा राही के संयोजन में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता लियाकत खान पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी , मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि बीएल सावन, विशिष्ट अतिथि पेंशनर समाज के अध्यक्ष नेमीचंद पूनिया, खुर्शीद हुसैन…

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  • Holi Ke Rang
    आलेख

    “बुरा न मानो, होली है” | मस्ती और ठिठोली का त्योहार होली।

    ByAdmin March 11, 2025March 11, 2025

    होली एक जीवंत और रंगीन उत्सव है जो प्रेम, एकता और एकजुटता का प्रतीक है। यह हमारे मतभेदों को दूर करने और सद्भाव, क्षमा और खुशी को अपनाने का समय है। यह सर्दियों के अंत का आभार व्यक्त करने का एक रंगीन तरीका है और वसंत के आगमन का प्रतीक है। यह बुराई पर अच्छाई…

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  • मेरा सपना
    कहानियां

    मेरा सपना

    ByAdmin March 10, 2025March 10, 2025

    “कोई सपना देखा क्या?” पत्नी ने पति को नींद में बड़बड़ाते हुए देखकर… नींद से उठाकर कहा। “हाँ, मैंने सपने में देखा कि मैं एक बहुत महँगी कार में बैठा जा रहा हूँ। अचानक सामने एक विशालकाय दैत्य आया। वह दैत्य मुझे कार सहित निगल गया है। उसके नुकीले दांतों से बचता हुआ मैं उसके…

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  • Narendra Kumar
    कविताएँ

    नरेन्द्र कुमार की कविताएं | Narendra Kumar Poetry

    ByAdmin March 10, 2025June 10, 2025

    जरूरी है यह बात जीवन में सफलता के लिए जरूरी है यह बात,कहना न पड़े किसी को अच्छा से करो यह कार्य। जब आपको प्रत्येक कार्य के लिए पड़े टोकना,सफलता आपसे कोसों दूर है यह बात तू समझना। नित्य क्रिया में भी जब नहीं है अनुशासन,पशु ही हो तुम जो ढ़कता तन खाता है राशन।…

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