• और आँखे खुल गई

    विभागीय कार्य से आज सब इंस्पेक्टर मनोज अपने बेटे के कॉलेज में गया।मनोज का एकलौता बेटा अभिनव उसी कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। भले ही मनोज विभाग के कार्य से कॉलेज गया था, लेकिन कॉलेज में पहुंचते ही उसकी निगाहें अपने बेटे अभिनव को ढूंढने लगी। उसकी अभिनव से मिलने की इच्छा…

  • ज़माने के संग रंग बदलती होली

    आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार की सच्ची भावना होती थी और दुश्मनी कहीं नहीं दिखती थी। परिवार और दोस्त मिलकर रंगों और हंसी-मजाक के साथ जश्न मनाते थे। जैसे-जैसे समय…

  • शरारत भरी होली

    गाँव की होली का रंग हर साल कुछ अलग ही होता था। हर गली-मोहल्ले में गुलाल उड़ता, ढोल की थाप पर ठुमके लगते, और सबसे ज्यादा मस्ती होती थी बच्चों की टोली में। इस बार भी बबलू गैंग—बबलू, सोनू, चिंटू और पिंकी—ने कुछ नया करने की सोची। गाँव के चौपाल पर हर साल ठंडाई बनती…

  • डॉ. कामिनी व्यास रावल की ग़ज़लें | Dr. Kamini Vyas Poetry

    छंद-मनहरण घनाक्षरी कण्ठ शोभे सर्प माला ,शिव  पिये  विष प्यालाबेल पत्र अति प्रियत्रिशूल वो धारी है । सोम शिव  सिर सोहे, संग गंगा मन मोहेडमरू लिए हाथ मेंनंदी की सवारी है। शिव पूजे वर मिले , शिव कृपा सृष्टि चले धन धान भर देतेभोला वो भंडारी है । हर पीड़ा हर हरे , हर काम हर…

  • बरस रहा है

    बरस रहा है बरस रहा है पिचकारी से, लाल गुलाबी रंग।रंग बिरंगी बौछारों से ,पुलक उठा हर अंग।। होली होली हुरयारों का ,गूँज रहा है शोरगली-गली में नाच रहा है, मादक मन का मोरनयी उमंगे लेकर आया यह फागुन का भोरथिरक उठीं ढोलक की थापें,बाज रही है चंग।चौबारे में मचा हुआ है,होली का हुडदंग।।बरस रहा…

  • फागुन संग- होली के रंग

    होली को त्यौहार मनाने का हर प्रदेश-शहर और गाँव का अपना तरीका है। आज अपने शहर की होली याद कर रहा हूँ। मध्यप्रदेश के बीना शहर में होली का त्यौहार मनाने का अपना ही तरीका है। यहाँ पर वैसे तो पांचों दिन होली खेली जाती है,परंतु रंग पंचमी के दिन की होली खेलने का अलग…

  • कपटी दुकानदार

    6 माह पुरानी बात है। स्कूल जाते समय मैंने एक किराना दुकानदार से 25 रुपए की नमकीन का एक पैकेट लिया और भुगतान करने को दुकानदार को 200 का नोट दिया। पेमेंट करके मैं दुकान से बाहर निकल गया। लगभग 3 किलोमीटर दूर जाने पर मुझे ध्यान आया कि दुकानदार ने मुझे 75 रुपये वापिस…

  • कवियों ने गाई धमाल, पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह आयोजित

    राजस्थान पेंशनर समाज जिला शाखा झुंझुनू कार्यालय में साहित्य स्पंदन समूह जयपुर के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा राही के संयोजन में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता लियाकत खान पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी , मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि बीएल सावन, विशिष्ट अतिथि पेंशनर समाज के अध्यक्ष नेमीचंद पूनिया, खुर्शीद हुसैन…

  • “बुरा न मानो, होली है” | मस्ती और ठिठोली का त्योहार होली।

    होली एक जीवंत और रंगीन उत्सव है जो प्रेम, एकता और एकजुटता का प्रतीक है। यह हमारे मतभेदों को दूर करने और सद्भाव, क्षमा और खुशी को अपनाने का समय है। यह सर्दियों के अंत का आभार व्यक्त करने का एक रंगीन तरीका है और वसंत के आगमन का प्रतीक है। यह बुराई पर अच्छाई…

  • मेरा सपना

    “कोई सपना देखा क्या?” पत्नी ने पति को नींद में बड़बड़ाते हुए देखकर… नींद से उठाकर कहा। “हाँ, मैंने सपने में देखा कि मैं एक बहुत महँगी कार में बैठा जा रहा हूँ। अचानक सामने एक विशालकाय दैत्य आया। वह दैत्य मुझे कार सहित निगल गया है। उसके नुकीले दांतों से बचता हुआ मैं उसके…