सशक्त मैं समय हूँ
सशक्त मैं समय हूँ वस्त्र मैं हूँ – अस्त्र मैं हूँ,शस्त्रों में शशक्त मैं हूं। धड़ कटे प्रलय मचे जो मैं रुकूं ना हो सके ये,समय मैं, समर्थ मैं जो रुकूं मैं ना हो सके ये। हो जाए संभव अगर यह बोलूं ना समय मैं खुदको,खंजरों-कटारों से जो सर्व शक्तिमानों से। बेड़ियों से जकड़ लो,तुम…










