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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • समझदारी
    कहानियां

    समझदारी

    ByAdmin February 6, 2025February 6, 2025

    2005 की बात है। रामपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में मुकुल गुरु जी की पोस्टिंग हेड मास्टर के पद पर हुई। मुकुल बच्चों के प्रति बहुत संवेदनशील थे और बच्चों से विशेष लगाव व स्नेह रखते थे। मुकुल जी का व्यवहार बच्चों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण, समझदार और प्रेरक था। वे बच्चों की जरूरतों और समस्याओं…

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  • Ananad Asawle Poetry
    कविताएँ

    आनंदा आसवले की कविताएं | Ananad Asawle Poetry

    ByAdmin February 6, 2025August 26, 2025

    बढ़ना सीखो लिखते लिखते चलना सीखो,चलते चलते बढ़ना सीखो।रुकना मत तूम राहों में अब,हर मुश्किल से लड़ना सीखो।।धृ।। काग़ज़ पे उतरे ख्वाब जो तेरे,उन्हें हकीकत बनाना सीखो।हर गिरने को सीढ़ी समझकर,मंज़िल तक जाना सीखो।।१।। लिखते लिखते चलना सीखो,चलते चलते बढ़ना सीखो….. थोड़ा दर्द, थोड़ा सुख होगा,हर रंग में जीना सीखो।आंधी आए या हो तूफ़ाँ,जैसे दीपक,…

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  • निशाना
    कहानियां

    निशाना

    ByAdmin February 6, 2025February 6, 2025

    तीव्र बुद्धि की सानिया एक गरीब लड़की थी। वह कक्षा 5 में पढ़ती थी। उसको जो भी सिखाओ या पढ़ाओ वह तुरंत सीख जाती थी और याद कर लेती थी। उसकी मैडम संध्या उसको बहुत प्यार करती थी। सानिया के पिता मजदूरी करते थे। पिछले 6 माह से सानिया विद्यालय बेहद कम आने लगी थी…

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  • मैं कितना बदल गया
    कविताएँ

    प्रभात सनातनी “राज” गोंडवी की कविताएं | Prabhat Sanatani Poetry

    ByAdmin February 6, 2025July 31, 2025

    वादे पे वादा अब वो वादा तो करती है पर भूल जाती है,अब उसे मैं नहीं कोई और याद आता है।उसकी मुस्कान अब हम पर मुस्कराने लगी है,उसके मुस्कान में अब और कोई नजर आता है।। अब वो बात नहीं रही हमारे और उसके बीच में,जो हमेशा मुझे ही हर पल याद किया करती थी।उसकी…

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  • विवाह संस्कार
    कविताएँ

    विवाह संस्कार

    ByAdmin February 6, 2025February 6, 2025

    विवाह संस्कार सात फेरे लेकर हम दोनों मिले,एक दूसरे के साथ जीवन का संगम बनाएं,और साथ में जीवन की यात्रा पर निकले। विवाह के बंधन में बंधने से ना डरें,एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने का वचन दें,और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने का वचन दें। सात फेरे लेकर हम…

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  • विनय साग़र जायसवाल की ग़ज़लें | Vinay Sagar Jaiswal Poetry
    ग़ज़ल

    विनय साग़र जायसवाल की ग़ज़लें | Vinay Sagar Jaiswal Poetry

    ByAdmin February 6, 2025June 27, 2025

    मुक़द्दर फूट गया उनके आने का वादा जब टूट गयादिल बोला के आज मुक़द्दर फूट गया इस दर्जा मदहोश किया उन आँखों नेदिल की दौलत पल भर में ही लूट गया कैसे बोझ सहे इतने सदमों का दिलशीशे का बर्तन था आखिर टूट गया वक़्त की आँधी होश कहाँ रहने देतीकौन मुसाफ़िर कितना पीछे छूट…

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  • मीना भट्ट सिद्धार्थ की ग़ज़लें
    ग़ज़ल

    मीना भट्ट सिद्धार्थ की ग़ज़लें | Meena Bhatt Siddharth Poetry

    ByAdmin February 6, 2025September 2, 2025

    मुझको यारब न लाल-ओ- गुहर दीजिए मुझको यारब न लाल-ओ- गुहर दीजिएजो वतन पे हो कुर्बां वो सर दीजिए नफ़रतों का जहाँ पर बसेरा न होइक मुहब्बत का ऐसा नगर दीजिए जो गुज़रती हो दर से तुम्हारे सनमउस डगर का पता कुछ ख़बर दीजिए घर में वालिद से ही रौशनी है सदाउनकी छाया हमें उम्र…

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  • भयमुक्त समाज बने
    आलेख

    भयमुक्त समाज बने

    ByAdmin February 6, 2025February 6, 2025

    आज पूरा समाज डरा हुआ है। पहले रास्ते चलते यदि कोई साथी मिल जाता था तो सोचते थे कि कोई साथी मिल गया है परन्तु आज उल्टा हो गया है। अब लोग जानवरों से अधिक मनुष्य से डरने लगा है। मनुष्य को हर समय यह भय सताता रहा है कि अकेला पड़ने पर कही कोई…

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  • प्रकृति का मानवीकरण
    कविताएँ

    प्रकृति का मानवीकरण

    ByAdmin February 5, 2025February 5, 2025

    प्रकृति का मानवीकरण प्रकृति की गोद में हम रहते हैं,उसकी सुंदरता से हमें प्रेरणा मिलती है,की उसकी शक्ति से हमें जीवन मिलता है। प्रकृति की हरियाली में हम खो जाते हैं,उसकी ध्वनियों में हमें शांति मिलती है,की उसकी सुंदरता में हमें आनंद मिलता है। प्रकृति की शक्ति से हमें प्रेरणा मिलती है,उसकी सुंदरता से हमें…

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  • जलील करना क्या होता है वो इस समाचार को पढ़कर महससू कीजिये
    आलेख

    जलील करना क्या होता है वो इस समाचार को पढ़कर महससू कीजिये

    ByAdmin February 5, 2025February 5, 2025

    इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है कि अवैध प्रवास कर रहे भारतीयों को वापस भेजा भी तो अपराधियों की तरह हाथों में हथकड़ियां डालकर, विदेश में देश का डंका बजना इसी को कहते हैं क्या ?? कि एक धेले की कद्र नहीं करता कोई। और आप एक बात notice करना कि कोई…

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