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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem Prem Deewani Radha
    कविताएँ

    भीगी प्रेम दीवानी राधा | Poem Prem Deewani Radha

    ByAdmin March 9, 2023

    भीगी प्रेम दीवानी राधा ( Bhigi prem deewani Radha )    तन भीगा है मन भीगा है, रंगों से उपवन भीगा है। भीगी प्रेम दीवानी राधा, चोली दामन सब भीगा है। मन का कोना कोना भीगा, रोम-रोम हर तन भीगा है। फागुन रंग बसंती छाया, प्रेम रंग से जन-जन भीगा है। भीगा शहर गांव भीगा…

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  • Paijaniya par Kavita
    कविताएँ

    पैंजनिया | Paijaniya par Kavita

    ByAdmin March 9, 2023

    पैंजनिया ( Paijaniya )    छम छम बाजे पांव में घुंघरू रुनक झुनक पैजनिया। नाच रहे हैं मदन मुरारी मधुबन गूंजे प्यारी मुरलिया। नटखट कान्हा झूम झूम के पैजनिया खनकाता है। सारी दुनिया हुई कृष्ण दीवानी प्रेम रंग बरसाता है। बाल लीलाएं बालकृष्ण की मनमोहक चितचोर है। सारे जग का पालन हारा सांवरिया माखन चोर…

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  • Holi ki Kavita Hindi Mein
    कविताएँ

    बह चली बसंती वात री | Holi ki Kavita Hindi Mein

    ByAdmin March 8, 2023March 8, 2023

    बह चली बसंती वात री ( Bah chali basanti wat ri )      बह चली बसंती वात री। मह मह महक उठी सब वादी खिल उठी चांदनी रात री।     सब रंग-रंग में  रंग उठे       भर अंग अंग में रंग उठे           रग रग में रंग लिए सबने               उड़ उठा गगन…

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  • Poem in Hindi on Holi
    गीत

    होली है | Poem in Hindi on Holi

    ByAdmin March 8, 2023

    होली है ( Holi hai )    तन -मन पे छाई जवानी रे, होली देखो आई रे ! होली है !! इधर भी टोली है,उधर भी टोली, ऊँच-खाल होई जाई बना मत भोली। भर-भर के मारो पिचकारी रे, होली देखो आई रे ! तन -मन पे छाई जवानी रे, होली देखो आई रे ! होली…

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  • Holi ke Hurdang par Kavita
    कविताएँ

    हुड़दंग मचा होली में | Holi ke Hurdang par Kavita

    ByAdmin March 8, 2023March 12, 2023

    हुड़दंग मचा होली में  ( Hurdang macha Holi mein )    हुड़दंग मचा हैं होली में देखो मस्ती की डोली में मस्त मगन हमजोली में किशोर सारे डोल रहे हैं, भंग चढ़ी हैं इस होली में उड़ रहा है अबीर गुलाल ढोल का अपना सुरताल मचा हुआ, गजब धमाल खुशियों के रंगों से रंगी होली…

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  • Nari par Kavita
    कविताएँ

    नारी हो तुम | Nari par Kavita

    ByAdmin March 8, 2023March 8, 2023

    “नारी हो तुम “ ( Nari ho tum )    जगत मैं आई हो तो, संसार का कुछ उद्धार करो! अपने अस्तित्व की एक नई , फिर से तुम शुरुआत करो जो जग में जाने जाते हैं , वही वीर कहलाते हैं तुम नारी हो शक्ति स्वरूपा नारायणी जैसा तुम काम करो ! हो समाज…

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  • Poem Fagun ka Rang
    कविताएँ

    फागुन का रंग | Poem Fagun ka Rang

    ByAdmin March 8, 2023

    “फागुन का रंग” ( Fagun ka Rang )    वर्षा बीती शरद गया, आई बसंत बहार। रंगीला मौसम हुआ ,फागुन का त्योहार।। बूढ़ जवान हरे हुए ,बाल हृदय उमंग । तन मन सब मदमस्त हुआ, चढ़ा फाग का रंग।। मस्तानों की टोली सजी, करे खूब हुड़दंग। नाचे गाए मस्ती में, खूब चढ़ी है भंग।। हाथ…

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  • Holi Shayari in Hindi
    शेरो-शायरी

    बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में | Holi Shayari in Hindi

    ByAdmin March 8, 2023

    बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में ( Bahane dhoondta hai rang leke yaar holi mein )    बहाने ढूँढता है रंग लेकर यार होली में लुटाये प्यार यूँ मुझ पर मेरा दिलदार होली में सभी को छोड़ कर डाले है मुझ पर रंग वो धानी करे है प्यार का इस ढंग से इजहार…

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  • Holi Kavita 2023
    कविताएँ

    होली है मुस्कुरा के मिलो | Holi Kavita 2023

    ByAdmin March 8, 2023March 8, 2023

    होली है मुस्कुरा के मिलो ( Holi hai muskura ke milo )   होली है सब भूला के मुस्कुरा के मिलो प्यार का मौसम आया फूलों सा खिलो रंगों की छाई घटा भावन फागुन आया सरसों लहराई है पीली बसंत हरसाया सद्भाव प्रेम बरसा रंग लगा के मिलो होली है सब भूलाके मुस्कुराके मिलो सुरीले…

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  • Kavita Do Ghodon ki Sawari
    कविताएँ

    दो घोड़ों की सवारी | Kavita Do Ghodon ki Sawari

    ByAdmin March 8, 2023March 8, 2023

    दो घोड़ों की सवारी ( Do ghodon ki sawari )    दो अश्वों पे होकर सवार मत चलना रे प्यारे। मुंह के बल गिर जाओगे दिन में देखोगे तारे। चाहे जितनी कसो लगाम मिल ना सकेगा विराम। कोई इधर चले कोई उधर चले गिर पड़ोगे धड़ाम। दो नावों पे दो घोड़ों पे वो मंझधार में…

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