Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • मां के आंगन की मिट्टी
    कविताएँ

    मां के आंगन की मिट्टी | Dr. Preeti Parmar Poetry

    ByAdmin December 1, 2022

    मां के आंगन की मिट्टी ( Maan ke aangan ki mitti )    दो पल के लिए मेरे मन उस रास्ते से गुजर जाऊं मां के आंगन की मिट्टी अपने आंचल में भर लाउ मां के आंचल की खुशबू अपनी सांसों में भर लाऊं आम के पेड़ और झूला धमाचौकड़ी का मंजर अपनी आंखों में…

    Read More मां के आंगन की मिट्टी | Dr. Preeti Parmar PoetryContinue

  • Harivansh Rai Bachchan par kavita
    कविताएँ

    राष्ट्रवादी कवि हरिवंशराय बच्चन | Harivansh Rai Bachchan par kavita

    ByAdmin December 1, 2022December 1, 2022

    राष्ट्रवादी कवि हरिवंशराय बच्चन ( Rashtrawadi kavi harivansh rai bachchan )      हिन्दी साहित्य में जिनका यह आदरणीय स्थान, हरिवंश राय बच्चन है ऐसी शख्सियत का नाम। कई कथाएं कई कविताएं एवं गीतों में योगदान, महान कवियों में लिया जाता है आपका नाम।।   सहज-सरल और उत्साह भरी रचनाएं है अपार, कभी हृदय पीड़ा…

    Read More राष्ट्रवादी कवि हरिवंशराय बच्चन | Harivansh Rai Bachchan par kavitaContinue

  • Geet uth jaag musafir
    कविताएँ

    उठ जाग मुसाफिर भोर भई | Geet uth jaag musafir

    ByAdmin December 1, 2022

    उठ जाग मुसाफिर भोर भई ( Uth jaag musafir bhor bhai )    चार दिन की चांदनी है, दो दिन का मेला है। झूठी जग की माया है, झुठा हर झमेला है। मन की आंखें खोल प्राणी, मत पाल तमन्नायें नई। उठ जाग मुसाफिर भोर भई, उठ जाग मुसाफिर भोर भई।   खाली हाथ आया…

    Read More उठ जाग मुसाफिर भोर भई | Geet uth jaag musafirContinue

  • Poem on zindagi in Hindi
    कविताएँ

    जिन्दगी का गुलिस्तां | Poem on zindagi in Hindi

    ByAdmin December 1, 2022

    जिन्दगी का गुलिस्तां ! ( Zindagi ka gulistan )    झुकता है आसमां भी झुकाकर तो देखो, रूठने वाले को तू मनाकर तो देखो। प्यार में होती है देखो ! बेहिसाब ताकत, एक बार जीवन में अपनाकर तो डेखो।   सिर्फ दौलत ही नहीं सब कुछ संसार में, किसी गरीब का आंसू पोंछकर तो देखो।…

    Read More जिन्दगी का गुलिस्तां | Poem on zindagi in HindiContinue

  • Geet apno se pyar pata hoon
    कविताएँ

    अपनों से प्यार पाता हूं | Geet apno se pyar pata hoon

    ByAdmin December 1, 2022

    अपनों से प्यार पाता हूं ( Apno se pyar pata hoon )    रिश्तो की डगर पर जिम्मेदारी खूब निभाता हूं जीवन के उतार-चढ़ाव में संभल कर जाता हूं घर परिवार कुटुंब समाज सदा स्नेह लुटाता हूं अपनापन अनमोल है अपनों से प्यार पाता हूं अपनों से प्यार पाता हूं   मात पिता की सेवा…

    Read More अपनों से प्यार पाता हूं | Geet apno se pyar pata hoonContinue

  • Ehsaas kavita
    कविताएँ

    एक ऐसा एहसास | Ehsaas kavita

    ByAdmin November 30, 2022

    एक ऐसा एहसास ( Ek aisa ehsaas )      कविता नही, कुछ खास लिख रहा हूं तेरे लिए एक ऐसा, एहसास लिख रहा हूं।   मिल कर न बिछड़ने का बिछड़कर फिर मिलने का तेरे लिए मन का, विश्वास लिख रहा हूं।   कविता नही कुछ खास लिख रहा हूं तेरे लिए एक ऐसा,…

    Read More एक ऐसा एहसास | Ehsaas kavitaContinue

  • Brahma ji par kavita
    कविताएँ

    परमपिता ब्रह्मदेव | Brahma ji par kavita

    ByAdmin November 30, 2022

    परमपिता ब्रह्मदेव ( Param Pita Brahma Dev )    सनातन धर्म के अनुसार आप है सृजन के देव, तीनों प्रमुख देवताओं में आप एक है ब्रह्मदेव। वेदव्यास द्वारा लिखें पुराण में है आपका लेख, चतुर्भुज और चतुर्मखी भगवान आप ब्रह्मदेव।।   यू तों आपका ब्रह्मदेव जग में ढ़ेर सारा है नाम, सृष्टि-की रचना करनें का…

    Read More परमपिता ब्रह्मदेव | Brahma ji par kavitaContinue

  • जिले का साहित्य इतिहास तैयार करेगी साहित्य अकादमी
    साहित्यिक गतिविधि

    साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश द्वारा कृति पुरस्कार कैलेण्डर वर्ष 2020 के पुरस्कारों की घोषणा

    ByAdmin November 30, 2022

    भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा अखिल भारतीय 13 (तेरह) एवं प्रादेशिक 15 (पन्द्रह) कृति पुरस्कार कैलेण्डर वर्ष 2020 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। अखिल भारतीय प्रति पुरस्कार रुपये 1,00,000/- (रुपये एक लाख) एवं प्रादेशिक प्रति पुरस्कार रुपये 51,000/- (रुपये इक्यावन हजार) के साथ शाॅल, श्रीफल,…

    Read More साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश द्वारा कृति पुरस्कार कैलेण्डर वर्ष 2020 के पुरस्कारों की घोषणाContinue

  • Vishwa bal diwas par kavita
    कविताएँ

    विश्व बाल दिवस | Vishwa bal diwas par kavita

    ByAdmin November 30, 2022

    विश्व बाल दिवस ( Vishwa bal diwas )    आज विश्व बाल दिवस है बच्चे बेच रहे सामान है दिल में बड़ी कसक है कहीं लगे हैं मजदूरी में कहीं लगे हैं रेत खनन में बाल श्रम अपराध भले हो पुस्तक छोड़ कुदाल लिए हैं पेट की आग को पूछो ना अरमानों को कुचल खड़े…

    Read More विश्व बाल दिवस | Vishwa bal diwas par kavitaContinue

  • Rishtey par kavita
    कविताएँ

    रिश्ते | Rishtey par kavita

    ByAdmin November 30, 2022

    रिश्ते ( Rishtey )    खामोशियों से रुकसत हो जाते हैं हर रिश्ते, अगर चुपचाप रहोगे गूंगे हो जाते है हर रिश्ते। कभी कभी बेमतलब ही बात कर लिया करो, बने रहेंगे हमेशा सदा तुम्हारे अपने हर रिश्ते।।   बनाने से बन जाते हैं इस दुनिया में रिश्ते, बिगाड़ने से बिगड़ जाते हैं दुनिया में…

    Read More रिश्ते | Rishtey par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 537 538 539 540 541 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search