Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • R K Rastogi Ke Dohe
    दोहे

    आज के हालात पर कुछ दोहे | R K Rastogi Ke Dohe

    ByAdmin November 17, 2022December 15, 2022

    आज के हालात पर कुछ दोहे ( Aaj ke halat par kuch dohe )    भरोसा मत ना कीजिए,कुल की समझो लाज। पैंतीस टुकड़ों में कटा,श्रद्धा का बटा विश्वास।। भरोसा किसी पर न करे,सब पर आंखे मीच। स्वर्ण मृग के भेष में,आ सकता है मारीच।।   मां बाप के हृदय से,गर निकलेगी आह। कभी सफल…

    Read More आज के हालात पर कुछ दोहे | R K Rastogi Ke DoheContinue

  • Poem shak ki bimari
    कविताएँ

    शक की बीमारी | Poem shak ki bimari

    ByAdmin November 17, 2022November 17, 2022

    शक की बीमारी ( Shak ki bimari )    कोई व्यक्ति ना पालना ये शक वाली बीमारी, छीन लेती है सुकून घर परिवार का ये हमारी। इसी शक से हो जाती अक्सर रिश्तों में दरारें, शक पर सुविचार एवं लिख रहा हूं में शायरी।।   आज-कल हर आदमी है इसी शक के घेरे में, पहले…

    Read More शक की बीमारी | Poem shak ki bimariContinue

  • Mehnat kavita
    कविताएँ

    मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं | Mehnat kavita

    ByAdmin November 17, 2022

    मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं ( Mehnat se sab kuchh pa sakte hain )    हर्ष खुशी मौज मिल जाये जीवन में आनंद आ सकते हैं पग पग खुशियां बरसे मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं जीवन में आनंद आ सकते हैं   जो तूफान से टकराते है हौसलों से बढ़ते जाते…

    Read More मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं | Mehnat kavitaContinue

  • Kavita dil toh baccha hai ji
    कविताएँ

    दिल तो बच्चा है जी | Kavita dil toh baccha hai ji

    ByAdmin November 17, 2022

    दिल तो बच्चा है जी ( Dil toh baccha hai ji )    सुनता कहां किसी की कभी करता रहता ये मनमानियां दिलकश अदाएं इसकी बड़ी चुपचाप रहता संग खामोशियां किसी को बताता बिल्कुल नहीं मनमौजी बहुत करता नादानियां गुमसुम नहीं ये, यह मालूम है मुझे है पता दिल तो मशगूल अपनी ही धुन मैं…

    Read More दिल तो बच्चा है जी | Kavita dil toh baccha hai jiContinue

  • Bachchon ki poem
    कविताएँ

    बच्चे मन के सच्चे | Bachchon ki poem

    ByAdmin November 17, 2022

    बच्चे मन के सच्चे ( Bachche man ke sachche )    बच्चे मन के सच्चे होते छोटे-छोटे प्यारे प्यारे। खेलकूद में मस्त रहते जान से प्यारे नैन तारे।   नटखट नखरे बालक के भोली भोली बोली। सीधे-साधे अच्छे बालक करते हंसी ठिठोली।   निश्चल प्रेम वो बरसाते संस्कार करके धारण। तभी बालरुप में आते जगतपति…

    Read More बच्चे मन के सच्चे | Bachchon ki poemContinue

  • Jal hai to kal hai kavita
    कविताएँ

    जल है तो कल है | Jal hai to kal hai kavita

    ByAdmin November 16, 2022November 16, 2022

    जल है तो कल है ( Jal hai to kal hai )    पानी न बहाओं यारों कोई भी फ़िज़ूल, याद रखना हमेंशा नही करना है भूल। इसी से है जीवन ये हमारा एवं तुम्हारा, पेड़-पौधे जीव-जन्तु जीवित है समूल‌।।   वसुंधरा पर यें बहुत दूर-दूर तक फ़ैला, फिर भी कमी गाॅंव एवं शहर में…

    Read More जल है तो कल है | Jal hai to kal hai kavitaContinue

  • Kavita aasteen ka sanp
    कविताएँ

    आस्तीन का सांप | Kavita aasteen ka sanp

    ByAdmin November 16, 2022November 16, 2022

    आस्तीन का सांप ( Aasteen ka sanp )      कोई भी नहीं बनना यह आस्तीन का सांप, दोस्त अपनें हृदय को रखना हमेशा साफ़। नहीं सोचना कभी भी बुरा किसी का आप, अपना या पराया एक बार तों करना माफ़।।   जिसमें जो है खाता उसी मे छेद ना करना, अपना हो या पराया…

    Read More आस्तीन का सांप | Kavita aasteen ka sanpContinue

  • Samrat prithviraj chauhan par kavita
    कविताएँ

    सम्राट पृथ्वीराज चौहान | Samrat prithviraj chauhan par kavita

    ByAdmin November 16, 2022

    सम्राट पृथ्वीराज चौहान ( Samrat prithviraj chauhan )   नाम आपका अमर रहेगा सम्राट पृथ्वीराज चौहान, ऐसा रचाया इतिहास कि याद करता रहेगा जहान। माफ़ किया आपने मोहम्मद-गौरी को सोलवी बार, ढेरों युद्ध जीतकर रणभूमि से बनें हो आप महान।।   बचपनें में तीर-कमान युद्ध-कला में निपुण हो गये, और १५ वर्ष की आयु में…

    Read More सम्राट पृथ्वीराज चौहान | Samrat prithviraj chauhan par kavitaContinue

  • Poem jeevan ke raaste
    कविताएँ

    अजीब है हमारे जीवन के रास्ते | Poem jeevan ke raaste

    ByAdmin November 16, 2022

    अजीब है हमारे जीवन के रास्ते ( Ajeeb hai hamare jeevan ke raaste )      दोस्त बड़े-ही अजीब है हमारे जीवन के यह-रास्तें, कोई है कहा-से कोई कहा से पर अपनें बन जाते। दिल के सारे दुःख ग़म हम अपनें दोस्त को बताते, लेकिन बिछुड़ने का ग़म हम सभी को देकर जातें।।   हर…

    Read More अजीब है हमारे जीवन के रास्ते | Poem jeevan ke raasteContinue

  • Poem kalam ki taqat
    कविताएँ

    क़लम की ताक़त | Poem kalam ki taqat

    ByAdmin November 16, 2022

     क़लम की ताक़त ( Kalam ki taqat )      क़लम चलती ही गई लेकिन स्याही ख़त्म ही नहीं हुई, चेहरे पर झुर्रियां और ऑंसूओं की लाईन सी बन गई। लोगों ने कहा क्या होगा लिखनें से पर हाथ रुकें नहीं, जब रूपए आने लगें तो हमारी तकदीर ही बदल गई।।   अब वही लोग…

    Read More क़लम की ताक़त | Poem kalam ki taqatContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 543 544 545 546 547 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search