Mehnat kavita

मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं | Mehnat kavita

मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं

( Mehnat se sab kuchh pa sakte hain ) 

 

हर्ष खुशी मौज मिल जाये जीवन में आनंद आ सकते हैं
पग पग खुशियां बरसे मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं
जीवन में आनंद आ सकते हैं

 

जो तूफान से टकराते है हौसलों से बढ़ते जाते हैं
मन में लगन धीर धरकर मंजिलों को सदा पाते हैं
लक्ष्य साधकर चलने वाले चरम सीमा तक जा सकते हैं
यश कीर्ति वैभव बढ़ते मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं
जीवन में आनंद आ सकते हैं

 

जो बस करके दिखलाते भावों में साहस भर जाते
हो मुश्किले चाहे पथ में सदा सफलता वो ही पाते
खून पसीना बहाने वाले सुख की गंगा ला सकते हैं
विजय मिले वीरों को मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं
जीवन में आनंद आ सकते हैं

 

अपनापन अनमोल घट में मोती प्यार के वो बरसाते
सतत साधना श्रम के दम पर दिलों में मुकाम बनाते
चल पड़े जो राहों में अब विजय ध्वजा लहरा सकते हैं
असंभव कुछ भी नहीं मेहनत से सब कुछ पा सकते हैं
जीवन में आनंद आ सकते हैं

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

बच्चे मन के सच्चे | Bachchon ki poem

 

Similar Posts

  • लक्ष्मण रेखा | Laxman rekha kavita

    लक्ष्मण रेखा ( Laxman rekha ) परिधि कों पार नही करना हे माता,वचन हमें दे दो। कोई भी कारण हो जाए,निरादर इसका मत करना। परिधि को पार नही करना….. ये माया का अरण्य है, जिसमें दानव रचे बसे है। कही भी कुछ भी कर सकते है,ये दानव दुष्ट बडे है। ये छल से रूप मोहिनी…

  • सांवलिया सेठ है दयालु | Sanwaliya Ji par Kavita

    सांवलिया सेठ है दयालु ( Sanwaliya seth hai dayalu )   देश के कोने-कोने से जहां पर आतें है कई श्रद्धालु, रोग-कष्ट सबका हर लेते वह सांवरिया सेठ दयालु। विश्व प्रसिद्ध मन्दिर है वह राजस्थान-चित्तौड़गढ़ में, जहां विराजे कृष्ण-अवतार सांवलिया सेठ कृपालु।। जिनका सम्बन्ध बताया जाता है भक्त मीरा बाई से, वें है गिरधर गोपाल…

  • भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक दिवस

    भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक दिवस धर्म मार्ग को जीवन आचरण में अपनायें ।विकट – विकटतम मार्ग से पार लगायें ।कही न रुके सदैव आगे बढ़ते जायें ।मानव जीवन से मोक्ष पायें ।प्रभु पार्श्वनाथ की तरह मंजिल पायें ।धर्म से भावना प्रबल रहती ।गलत आचरण से कोसों दूर रहते ।मन में निर्मल सरिता की भावना…

  • शब्द | Shabd

    शब्द ( Shabd )  ( 2 )  शब्द से अधिक शब्द के भाव महत्व के होते हैं प्रसंग के अनुरूप शब्द बोध का होना जरूरी है ना व्यक्ति महत्वपूर्ण है न शब्द महत्वपूर्ण है महत्वपूर्ण तो उद्गम स्रोत होता है एक ही बात को कब ,किसने, किसके लिए कहा शाब्दिक अर्थ वही महत्व का होता…

  • यें फाल्गुनी महीना | Fagun Mahina par Kavita

    यें फाल्गुनी महीना ( Ye falguni mahina )    यें फाल्गुनी महीना होता है प्रकृति के लिए सौगात, जो प्रकृति के नज़रिये से महत्वपूर्ण धार्मिक मास। जिसके पश्चात होता है हिन्दू नए साल का आगाज़, हिन्दू पंचांग में साल का यही होता आख़िरी मास।। इसी महिनें में आतें है दो लोकप्रिय बड़े ही त्योंहार, जो…

  • तेरे नयनों की बरसात

    तेरे नयनों की बरसात तेरे नयनों की बरसातसावन भादो की है जैसे सौगातमैने रखी है जतन कर अपने पासतेरे नयनों की बरसात …विरह बिछोह बड़ी लंबी है आईआ जाओ तुम की ह्दय प्राण से मैने पूकार है लगाईयाद करे मन मेरा तुम्हे दिन-राततेरे नयनों की बरसात ….सावन भादो की है जैसे सौगातमैने रखी है जतन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *