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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem on waqt
    कविताएँ

    वक्त बदलते देर ना लगती | Poem on waqt

    ByAdmin November 14, 2022

    वक्त बदलते देर ना लगती ( Waqt badalte der na lagti )    समय बड़ा बलवान भैया दुनिया में करतार की चलती। कब डूबी नैया पार हो जाए वक्त बदलते देर ना लगती। वक्त बदलते देर ना लगती संकट का समय आए तो साहस रखना धीरज धरना। सुखों का सागर उमड़े तो सबका आदर सम्मान…

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  • Hindi romantic kavita
    कविताएँ

    पूनम की रात हो पिया मेरे साथ हो | Hindi romantic kavita

    ByAdmin November 14, 2022

    पूनम की रात हो, पिया मेरे साथ हो ( Poonam ki raat ho piya mere sath ho )   पूनम की चाँदनी रात हो,पिया मेरे साथ हो | नजरे जरा झुकी हो,दिल से दिल की बात हो ||   फूलो के सेज हो,केवल मेरे पिया साथ हो | धीमी धीमी रौशनी हो,फिर सुनेहरी रात हो…

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  • Poem in Hindi on doodh ka karz
    कविताएँ

    दूध का क़र्ज़ | Poem in Hindi on doodh ka karz

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

     दूध का क़र्ज़ ( Doodh ka karz )      माँ का जगह कोई ले न सकता, दूध का क़र्ज़  उतार ना सकता। माँ ने कितनी ये ठोकर  है खाई, दूध  की लाज  रखना मेंरे भाई।।   न जानें कहां-कहां मन्नत माॅंगी, मंदिर, मस्जिद, चर्च  में  जाती। तू जग में आऐ अर्ज़ ये लगाती, पीड़ा…

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  • Bal vivah par kavita
    कविताएँ

    बंद कर दो बाल-विवाह | Bal vivah par kavita

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

    बंद कर दो बाल-विवाह ( Band kar do bal-vivah )   ख़ूब पढ़ाओं यह देनी एक सलाह, बन्द कर दो अब तो बाल-विवाह। लड़का एवं लड़की होने दो जवान, ना करना बचपन में जीवन स्वाह।।   क्या सही गलत यह नही पहचान, अभी है यह कच्चे घड़े के समान। चुनने दे इनको अपनी अपनी राह,…

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  • Bal diwas poem in Hindi
    कविताएँ

    पापा पढ़ने जाऊंगी | Bal diwas poem in Hindi

    ByAdmin November 14, 2022November 14, 2022

    पापा पढ़ने जाऊंगी  ( Papa padhne jaungi )   गांव में खुलल आंगनबाड़ी मैं पापा  पढ़ने जाऊंगी तुम पढ़ें नही तो क्या हुआ? मैं पढ़कर तुम्हें पढ़ाऊंगी,   सीख हिन्द की हिंदी भाषा हिन्दुस्तानी कहलाऊंगी अरूणिमा सी बन कर बेटी पापा की नाम बढ़ाऊंगी ,   बेटा से बढ़कर बेटी है यह सिद्ध कर दिखलाऊंगी…

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  • Kavita bin machis
    कविताएँ

    बिन माचिस के आग लगा देते है | Kavita bin machis

    ByAdmin November 13, 2022

    बिन माचिस के आग लगा देते है ( Bin machis ke aag laga dete hai )    शब्दो को अधरों पर रखकर,मन का भेद खोलो। आंखो से सुन सकता हूं,तुम आंखो से तो बोलो।।   कहना है कुछ कह दो,इशारों के जरिए कह दो। समझता हूं सारे इशारे मै,अपनी बात कह दो।।   स्पर्श करने…

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  • Poem on kitab
    कविताएँ

    वो एक क़िताब | Poem on kitab

    ByAdmin November 13, 2022

    वो एक क़िताब ( Wo ek kitab )      सम्पूर्ण इतिहास समेटकर रखतीं वो एक क़िताब, देश और विदेशों में पहचान बढ़ाती यहीं क़िताब। शक्ल सूरत से कैसे भी हो देती सबको यें सौगात, हर प्रश्न का उत्तर है एवं श्रेष्ठ सलाहकार क़िताब।।   क़िताबें पढ़कर आगें बढ़ता संसार का यें नर नार, भरा…

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  • Bachcho par kavita
    कविताएँ

    बच्चों तुम हो जान मेरी | Bachcho par kavita

    ByAdmin November 13, 2022November 13, 2022

    बच्चों तुम हो जान मेरी ( Bachcho tum ho jaan meri )    बच्चों तुम हो जान मेरी तुम में ही भारत बसता है खुशी बाँटते इन चेहरों से हर जर्रा जर्रा हँसता है देश के तुम हो प्रतिनिधि तुम में बसती हर निधि विधि बनोगे तुम भाल इस देश का अर्जित होगी कई नई…

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  • Kavita apne aap
    कविताएँ

    इसे अपने आप समझिए | Kavita apne aap

    ByAdmin November 13, 2022November 14, 2022

    इसे अपने आप समझिए ( Ise apne aap samajhie )     जिंदगी संघर्ष है इसे अपने आप समझिए, बचपन डैस, जवानी कामा मृत्यु को फुलस्टाफ समझिए। जिंदगी दिल्लगी है इसे छोड़ कर ना भागिए, इस हार जीत की जिंदगी में कभी बच्चा तो कभी बाप समझिए। जिंदगी एक दौलत है कभी फुल तो कभी…

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  • Nari shakti ki kavita
    कविताएँ

    वो एक अकेली शेरनी | Nari shakti ki kavita

    ByAdmin November 13, 2022November 13, 2022

    वो एक अकेली शेरनी ( Wo ek akeli sherni )      उस वक्त लगा लेना चाहिए उस नारी का अंदाजा, निकाह या विवाह हो कितने लोग लेनें को जाता। अपनें ही व्यवहार से सबकें दिल में जगह बनाती, वो एक अकेली शेरनी कुटुंब छोड़कर संग आती।।   अगर न होती ये पाॅंचो लक्ष्मी रुपणी…

    Read More वो एक अकेली शेरनी | Nari shakti ki kavitaContinue

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