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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal ek chehra khwab mein
    शेरो-शायरी

    आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में | Ghazal ek chehra khwab mein

    ByAdmin September 24, 2022September 24, 2022

    आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में ( Aa raha hai ek chehra khwab mein )     आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में चैन लूटे वो हमारा ख़्वाब में   वो हक़ीक़त में कभी मिलता नहीं होता है दीदार उसका ख़्वाब में   हम सफ़र मेरा बना दे  उम्रभर जो खुदा चेहरा दिखाया…

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  • Poem on siyasat
    कविताएँ

    सियासत से बड़ा कोई जालिम नहीं है | Poem on siyasat

    ByAdmin September 24, 2022April 27, 2023

    सियासत से बड़ा कोई जालिम नहीं है ( Siyasat se bada koi zalim nahi hai )     दूसरों के दर्द को   जो  अपना  समझते हैं, नमक के बदले  वो  मरहम ले के चलते हैं   जिंदगी की हर जंग  वही  लोग जीतते  है, जीते  जी  जो कभी   हार  नहीं मानते हैं।   उन्हीं के …

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  • Ramdhari Singh Dinkar par kavita
    कविताएँ

    राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर | Ramdhari Singh Dinkar par kavita

    ByAdmin September 23, 2022

    राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर ( Rashtriya kavi Ramdhari Singh Dinkar )     मैं दिनकर का अनुयायी हूं ओज भरी हुंकार लिखूं। देशभक्ति में कलम डुबती कविता की रसधार लिखूं।   अन्नदाता की मसीहा लेखनी भावों की बहती धारा। शब्द शिल्प बेजोड़ अनोखा काव्य सृजन लगे प्यारा।   शब्द जब मिलते नहीं भाव सिंधु…

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  • Ram Rajtilak
    नाटक

    राम का राजतिलक | Ram ka Rajtilak

    ByAdmin September 23, 2022October 27, 2023

    राम राजतिलक : आलेख ( Ram Rajtilak ) राजा दशरथ ने अपने श्वेत केशों को देखकर कहा कि अब मैं वृद्ध हो गया हूं। राम अब युवा हो गए हैं। राम में राज सिंहासन संभालने व शासन की बागडोर चलाने के सभी गुण है। मेरी राय में राम अयोध्या ही नहीं अपितु तीनों लोकों का…

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  • Nikharta bhi pyar pyar mein nar
    गीत

    निखरता भी प्यार में नर बिखरता भी प्यार में | गीत

    ByAdmin September 23, 2022June 24, 2023

    निखरता भी प्यार में नर, बिखरता भी प्यार में ( Nikharta bhi pyar pyar mein nar, bikharta bhi pyaar mein )   निखरता भी प्यार में नर, बिखरता भी प्यार में। खिलता चांद सा मुखड़ा, महके प्यार के इजहार में। दिलों के संसार में, दिलों के संसार में।   एक अजब अहसास है यह जिंदगी…

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  • Ravan marich samvad
    नाटक

    रावण मारीच संवाद | आलेख

    ByAdmin September 22, 2022

     रावण मारीच संवाद ( Ravan marich samvad )   अपनी बहन शूर्पणखा के नाक कान काट लेने पर बदले की भावना से रावण ने सीता हरण की योजना बनाई। षड्यंत्र को मूर्त रूप देने की उसने मामा मारीच की सहायता चाहिए थी। मामा मारीच एक मायावी राक्षस था जो ताड़का का पुत्र था। रावण मारीच…

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  • Gau mata par kavita
    कविताएँ

    कविता गऊ | Gau mata par kavita

    ByAdmin September 22, 2022September 24, 2022

    कविता गऊ gau mata par kavita   चीतो के आने से होता अगर विकास ll गायो के मरने पर उड़ता नही परिहास ll पूजते थे गाय को भूल गए इतिहास ll गोशाला मे ही अब भक्ष रहे गोमांस ll महंगाई के कारण मिलत नही है दानll भूखी गाय घूमती द्वारे द्वारे छान् ll रोटी देने…

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  • Geet kitabi gyan
    कविताएँ

    किताबी ज्ञान | Geet kitabi gyan

    ByAdmin September 22, 2022

    किताबी ज्ञान ( Kitabi gyan )   जीवन का अनुभव सच्चा है झूठा है अभिमान ढाई आखर प्रेम का सच्चा व्यर्थ किताबी ज्ञान सभ्यता संस्कार जीवन में व्यवहार सिखाते हैं किताबी ज्ञान के दम पर मानव ठोकरें खाते हैं हम तूफां से टकराते हैं माना पुस्तक मार्गदर्शक राह सही दिखलाती है असल जिंदगी में तो…

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  • Shiv ji par kavita
    कविताएँ

    शिव | Shiv ji par kavita

    ByAdmin September 22, 2022October 1, 2022

    शिव ( Shiv )   जो आरम्भ है, अनादि है, सर्वश्रेष्ठ है, जो काल, कराल, प्रचंड है, जिनका स्वरूप अद्वितीय है, जिनका नाम ही सर्वस्व है, शिव है, सदा शिव है। मस्तक में जो चाँद सजाये, भस्म में जो रूप रमाये, गंगप्रवाह जो जटा मे धराये, मंथन को जो कण्ठ में बसाये, शिव है, सदा…

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  • Kavita pujya pitar
    कविताएँ

    पुज्य पितर | Kavita pujya pitar

    ByAdmin September 22, 2022

    पुज्य पितर ( Pujya pitar )   हे पूज्य पितर देव हमारे कृपा दृष्टि बरसा देना फुलवारी पूर्वज आपकी वरदानों से हरसा देना तुम बसे हो यादों में चित में नित्य समाए हो जीवन की प्रचंड धूप में आशीषों के साए हो तुम बगिया को महकाये हो   हे देव पितृलोक में रह जीवन में…

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