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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Atukant kavita
    कविताएँ

    बुजुर्ग | Atukant kavita

    ByAdmin August 26, 2022

    बुजुर्ग ( Buzurg ) अतुकांत कविता   अधेड़ सी उम्र सफेद बालों वाले बुजुर्ग जीवन का अनुभव लिए हुए दुनिया का जाने क्या-क्या उतार-चढ़ाव देखे होंगे कितने आंधी और तूफान आए होंगे कितने सावन बरसे पुष्प खिले होंगे मन के किसी कोने में खुशियों की बहारों के कितनी मेहनत संघर्ष किया होगा जीवन में उम्र…

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  • Laghu katha in Hindi
    कहानियां

    अति शीघ्रता | Laghu katha in Hindi

    ByAdmin August 26, 2022

    अति शीघ्रता  ( Ati shighrata ) शशि ने पति की गाड़ी पर बैठे बैठे एक व्यक्ति को तेज रफ्तार गाड़ी चलाते हुए देखा उसकी मोटरसाइकिल का साइड स्टैंड लटक रहा था उसने पति से कहा थोड़ा तेज चला कर इसे आगाह कर दो पति ने वैसा ही किया जैसे ही उससे कहा l अपना स्टैंड…

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  • Poem man ek parinda hai
    कविताएँ

    मन एक परिंदा है | Poem man ek parinda hai

    ByAdmin August 26, 2022

    मन एक परिंदा है ( Man ek parinda hai )   ये मन एक परिंदा है उड़ाने ऊंची भरता। स्वप्न लोक विचरण सकल विश्व करता।   मन के नयन हजार मन जाए सरिता के पार। पंखों को व्योम पसार घूमे सपनों का संसार।   कभी झूमता कभी नाचता मतवाला सा गाता। पंछी मनवा सैर सपाटा…

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  • Hookah bar par kavita
    कविताएँ

    शहर में बढ़ते हुक्का बार | Hookah bar par kavita

    ByAdmin August 25, 2022August 25, 2022

    शहर में बढ़ते हुक्का बार ( Shahar mein badhte hookah bar )   थोड़ा समझो मेरे यार शहर में बढ़ते हुक्का बार। नशे ने घेर लिया है सबको डूबते जा रहे परिवार।   तंबाकू तबाही का घर तोड़ दो सारे बीयर बार। बिगड़े बच्चे आचार बचाओ संस्कृति संस्कार।   रगों में उतर रहा है जहर…

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  • Poem abhimaan
    कविताएँ

    अभिमान | Poem abhimaan

    ByAdmin August 25, 2022August 25, 2022

    अभिमान ( Abhimaan )   किस बात का गुरूर है क्यों है मगरूर तू क्या तूने कर दिया क्यों है नशे में चूर तू   गर्व ही करना तो कर ले वतन की शान पे बोल मीठे बोल प्यारे धरती पर इंसान से   होकर नशे में चूर तू मत करना अभिमान चंद सांसों का…

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  • Aazam shayari
    शेरो-शायरी

    जल गये लोग | Aazam shayari

    ByAdmin August 25, 2022August 25, 2022

    जल गये लोग उसको गुलाबी कहाँ! ( Jal gaye log usko gulabi kahan )     जल गये लोग उसको गुलाबी कहाँ! फूल सा खिलता जब शबाबी कहाँ   अंजुमन में ख़िलाफ़ हो गये लोग सब जब उसे आज अपना ज़नाबी कहाँ   हो गया है यहाँ आपस यूं फ़साद जब उसे यूं  लोगों ने…

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  • Ramakant poetry
    कविताएँ

    मैंने अपने होंठ बंद कर लिए | Ramakant poetry

    ByAdmin August 25, 2022

    मैंने अपने होंठ बंद कर लिए ( Maine apne honth band kar liye )   वक्त ने करवट बदली रिश्तो में दिखावा भर दिया इतनी दरारें आई घर में घट घट छलावा कर दिया   हम हितेषी हो उनके दुख दर्द बांटने चल दिए लड़ने को तैयार वो बैठे मैंने होंठ बंद कर लिए  …

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  • Kaash Shayari in Hindi
    कविताएँ

    काश वो भी याद करें | Kaash Shayari in Hindi

    ByAdmin August 25, 2022

    काश वो भी याद करें ( Kash wo bhi yaad kare )   अक्सर वो सपनों में रहते उनसे हम फरियाद करे। दिल तक दस्तक देने वाले काश वो भी याद करें।   हम तो उनके चाहने वाले मधुर सुहानी बात करें। आ जाए वो भी महफ़िल में मस्तानी प्रभात करें।   यादों में सौम्य…

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  • National Poetry Conference by Hridayang Sanstha
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांग संस्था द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    ByAdmin August 24, 2022

    ठाणे, मुंबई डा0 काशिनाथ घाणेकर प्रेक्षागार में शुक्रवार, 26 अगस्त 2022 को आजादी की 75वीं वर्षगाँठ – अमृत महोत्सव पर राष्ट्रीय कविसम्मेलन आयोजित किया जा रहा है । कविसम्मेलन के साथ ही नामचीन साहित्यकारो एव समाजसेवी महानुभावों का सम्मान किया जायेगा।। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री विधुभूषण त्रिवेदी ‘विद्यावाचस्पति’ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मे बताया कि…

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  • Poem laalasa
    कविताएँ

    लालसा | Poem laalasa

    ByAdmin August 24, 2022

    लालसा ( Laalasa )   लालसा न चाह का है  ,जीवन में कुछ पाने को लालसा न बड़ा बनू, न बहुत कुछ कर जाने को छीन कर खुशियां किसी की, रोटियां दो वक्त की मैं चलूं तारों को लाने,छोड़ इन्हें मर जाने को धिक्कार है जीवन को ऐसे,धिक्कारता हूं लोग को जो अपनी ही खुशियों…

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