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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • राणा वीर जब्बर
    कविताएँ

    रणबंका राणा वीर जब्बर | Kavita marwadi

    ByAdmin May 9, 2022May 9, 2022

    रणबंका राणा वीर जब्बर ( Ranbanka rana veer jabbar )   आजादी रो दीवानो हूं मैं देशभक्त मतवाळो हूं भारत मां को लाडलो मायड़ रो लाल रुखाळो हूं   तीर चलै तलवार चलै वारा रा ऊपर वार चलै रणबांकुरा रण म कूदै रणवीरां री हुंकार चलै   चित्तौड़ शान सूं खड़यो मुगलां सूं टक्कर लेतो…

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  • Marwadi poem
    कविताएँ

    लाय बरस री | Marwadi poem

    ByAdmin May 9, 2022

    लाय बरस री   सन सन करती लूंवां चालै आकांशा सूं अंगारा चिलचिलाती दोपारी म बिलख रहया पंछी सारा   आग उगळती सड़कां तपरी बळती लाय पून चलै झूळस ज्यायै काळजो सगळो ताती रेतां पग बळै   गरम तवा सी तपै धरती च्यारूं चोखटां लाय बळै पाणी ढूंढता फिरै पंछीड़ा भरी दोपारी दिन ढळै  …

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  • पर्यावरण चेतना
    कविताएँ

    पर्यावरण चेतना | Marwadi Rachna

    ByAdmin May 9, 2022

    पर्यावरण चेतना ( Paryavaran chetna )   बिना दरख्तां क आ धरती सूनी सूनी लागै है आसमान सूं बादळिया भी परै परै ही भागै है   आओ सगळा मिलकै रूंखड़ल्या री खैर लेवां साढ़ सावण झूमकै बरसै इंदर राजा री महर लेवां   हरी भरी हरियाळी धरती कूंचा कूंचा हरसावै है मस्त चालै भाळ मोकळी…

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  • Ghazal waqt ka masala
    शेरो-शायरी

    वक्त का एक मसअला हैं हम | Ghazal waqt ka masala

    ByAdmin May 8, 2022

    वक्त का एक मसअला हैं हम ( Waqt ka ek masala hai hum )   वक्त का एक मसअला हैं हम ! चल रहा एक काफिला हैं हम!!   मौज के साथ हैं हवा हैं हम चलती साँसों का सिलसिला हैं हम !!   दर्द भी जिसके साथ हँसते हैं ज़िन्दगी ऐसा हौसला हैं हम…

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  • Kavita Maa
    कविताएँ

    माँ | Kavita Maa | Mother’s Day 2022 Poem

    ByAdmin May 8, 2022May 8, 2022

    माँ ( Maa )   जन्मदात्री धातृ अम्बा अम्बिका शुभनाम हैं। माँ से बढ़कर जगत में न तीर्थ है न धाम हैं।। नौ महीने उदर में रख दिवस निशि संयमित रही, प्राणघातक असह्य पीड़ा प्रसव तू जननी सही। कड़कड़ाती ठंड में गीला बिस्तर मैने किया, ठिठुरती ही रही मैया सूखे में मुझको किया।। तेरी गोदी…

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  • Rahoon main khuda ki panah mein
    शेरो-शायरी

    रहूँ मैं खुदा की पनाह में | Rahoon main khuda ki panah mein

    ByAdmin May 8, 2022

    रहूँ मैं खुदा की पनाह में ( Rahoon main khuda ki panah mein )     रहूँ मैं ख़ुदा की पनाह में   न आऊँ अदू की  निग़ाह में      ख़ुदा ख़ूब मुझसे ख़फ़ा होगा   न कर जीस्त अपनी गुनाह में     सनम सोफ़ तुझसे दिया सदा   मेहर और क्या दू निकाह…

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  • Poem shabdon ka safar
    कविताएँ

    शब्दों का सफर | Poem shabdon ka safar

    ByAdmin May 8, 2022

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   शिकस्त शिकस्त कर देंगे मंसूबे हम अपने प्यार से। कह देंगे राज सारे आज अपने दिलदार से। दुश्मनों से कह दो आंखें खोलकर देखें जरा। तूफानों में पलने वाले डरते नहीं तलवार से।   चौबारा घर का आंगन दीवारें वो चौबारा भी गाता है बिटिया आंगन…

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  • Ghazal jazbaat
    शेरो-शायरी

    पल पल में जज़्बात बदलते हैं | Ghazal jazbaat

    ByAdmin May 7, 2022

    पल पल में जज़्बात बदलते हैं ( Pal pal mein jazbaat badalte hain )     पल पल में जज़्बात बदलते हैं लोग यहां अब साथ बदलते हैं   लहज़ों में तब्दीली लाकर क्यों तू से तुम,तुम से आप बदलते हैं   चुगली करके वो पीछे मेरी मेरे आगे बात बदलते हैं   अब मेरे…

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  • Poem keh do ye
    कविताएँ

    कह दो ये | Poem keh do ye

    ByAdmin May 7, 2022May 7, 2022

    कह दो ये ( Keh do ye )   दूर के ढोल ,सुहाने अच्छे लगते है। दिल आये तो,बेगाने अच्छे लगते है॥   हंसते हंसते जो फांसी पर झूल गया हमको वो,दीवाने अच्छे लगते है॥   शम्मा को भी पता है,वो जल जाएगा उसको पर,परवाने अच्छे लगते है॥   अपनों से धोखे इतने खाये है…

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  • Aazam Poetry
    शेरो-शायरी

    गैरों से हाथ वो अब मिलाने लगा | Aazam Poetry

    ByAdmin May 7, 2022

    गैरों से हाथ वो अब मिलाने लगा ( Gairon se hath wo ab milane laga )     गैरों से हाथ वो अब मिलाने लगा इस तरह करके वो अब सताने लगा   वो नयी बात करता नहीं है कोई रोज  मुद्दा  पुराना  उठाने लगा   साथ वो छोड़कर दोस्तो का मगर साथ वो अब…

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