Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Kal ek phool isi ghutan mein mar gaya
    मुक्तक

    मुक्तक : कल एक फूल इसी घुटन में मर गया

    ByAdmin April 22, 2022December 3, 2022

     कल एक फूल इसी घुटन में मर गया ( Kal ek phool isi ghutan mein mar gaya )   कल इक फूल इसी घुटन में मर गया, कि उसका भँवरा उससे रूठ गया, वो मरकर यही शिकायत करता रहा.. कि मेरा मुकद्दर ही मुझसे रूठ गया ।   सम्मुख शिकायत करूं तो हिदायत है, पीठ…

    Read More मुक्तक : कल एक फूल इसी घुटन में मर गयाContinue

  • Poem tum mat rona priye
    कविताएँ

    तुम मत रोना प्रिय | Poem tum mat rona priye

    ByAdmin April 22, 2022

    तुम मत रोना प्रिय ( Tum mat rona priye )   तुम मत रोना प्रिय मेरे, यह तेरा काम नही है। जिससे मन मेरा लागा, मोरा घनश्याम वही है।।   जो राधा का है मोहन, मीरा का नटवर नागर। वो एक रसिक इस जग का, मेरा मन झलकत गागर।।   शबरी की बेरी में दिखे…

    Read More तुम मत रोना प्रिय | Poem tum mat rona priyeContinue

  • ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी
    साहित्यिक गतिविधि

    ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी

    ByAdmin April 22, 2022January 25, 2023

    ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी-: मथुरा (उ.प्र.) दि.२१/०४) २०२२ दिन गुरुवार को ब्रजभूमि साहित्यिक मंच के एक वर्ष पूर्ण होने पर स्थापना दिवस के अवसर पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आ.नरेन्द्र शर्मा”नरेन्द्र“जी अलीगढ़ (उ.प्र.), मुख्य अतिथि आ.डॉ.रोशनी किरण जी मुम्बई (महाराष्ट्र), संचालन डॉ.एल.बी. तिवारी”अक्स”जी…

    Read More ब्रजभूमि साहित्यिक मंच मथुरा पर वार्षिक मैराथन काव्य गोष्ठीContinue

  • Kavita vaahavaahi lootane lage
    कविताएँ

    वाहवाही लूटने लगे | Kavita vaahavaahi lootane lage

    ByAdmin April 22, 2022

    वाहवाही लूटने लगे ( Vaahavaahi lootane lage )   छा गए बड़े मंच पर लेकर शब्दों के माया जाल। हथकंडों से शोहरत पा छवि बनाई बड़ी कमाल।   वाकपटुता के माहिर हो वाह वाही लूटने लगे। प्रसिद्धि के चक्कर में तार दिलों के टूटने लगे।   अपार जनसमूह सारा चलती हास्य की फुहार। व्यंग्य बाण…

    Read More वाहवाही लूटने लगे | Kavita vaahavaahi lootane lageContinue

  • Chhand dharti maa
    कविताएँ

    धरती माँ | Chhand dharti maa

    ByAdmin April 22, 2022April 22, 2022

    धरती माँ ( Dharti Maa )   धरती मांँ धरती माँ, लाल को लोरी सुना दो। लड़े समर में वीर, प्यार दो दुलार दो माँ।   शूरवीर महारथी, योद्धा जांबाज सिपाही। मातृभूमि चरणों में, लाडलो को प्यार दो माँ।   अमर सपूत तेरे, लड़ते सीना तान के। जोश जज्बा भरपूर, शक्तियां अपार दो माँ।  …

    Read More धरती माँ | Chhand dharti maaContinue

  • Poem Singer Ishita Vishwakarma
    कविताएँ

    सिंगर इशिता विश्वकर्मा | Poem Singer Ishita Vishwakarma

    ByAdmin April 22, 2022

    सिंगर इशिता विश्वकर्मा ( Singer Ishita Vishwakarma ) जबलपुर का अभिमान् हो तुम   1.इशिता हो तुम आसमान,जबलपुर की हो तुम शान | बडे-बडे दिग्गज को दी टक्कर,तुमने पाया प्रथम् स्थान | मेहनत तुम्हारी,लगन् तुम्हरी,समर्थन तुम्हारे परिवार का | लोगों से मिली सराहना बनी,तुम्हारी नई एक पहचान | –> जबलपुर का अभिमान् हो तुम |…

    Read More सिंगर इशिता विश्वकर्मा | Poem Singer Ishita VishwakarmaContinue

  • Geet akhiyan lad gayi
    कविताएँ

    अखियां लड़ गई | Geet akhiyan lad gayi

    ByAdmin April 22, 2022

    अखियां लड़ गई ( Akhiyan lad gayi )   अखियां लड़ गई भरे बजार दिल को करार आया। उनको देखा पहली बार दिल को मेरे प्यार आया। अखियां लड़ गई भरे बजार…   मस्तानी चाल दीवानी मिल गई सपनों की रानी। महकी जीवन की बगिया प्यार की नई कहानी। मनमौजी मन ले हिलोरे नए तराने…

    Read More अखियां लड़ गई | Geet akhiyan lad gayiContinue

  • Poem Siya Ke Ram
    कविताएँ

    सिया के राम | Poem Siya Ke Ram

    ByAdmin April 22, 2022

    सिया के राम ( Siya Ke Ram )   सिया के राम जन्म लेकर, पतित का नाश करेगे अब। ताड़का खर दूषण के संग, नाराधम मारेगे वो अब।   धरा पर पाप बढा जब,नारायण राम रूप सज धज, मनोहर रूप भुजा कोदंड, धरा से पाप मिटेगा अब।   प्रकट भयो नवमी को श्रीराम,पूर्णिमा जन्म लिए…

    Read More सिया के राम | Poem Siya Ke RamContinue

  • Essay on NGOs in hindi
    निबंध

    निबंध : सामाजिक आर्थिक विकास में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका

    ByAdmin April 21, 2022October 31, 2022

    सामाजिक आर्थिक विकास में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका ( Role of NGOs in Socio-Economic Development : Essay in Hindi )   प्रस्तवना :- सरकार और गैर सरकारी संगठनों (NGO ) के बीच एक अच्छे साझेदारी सरकार को कई समस्याओं का समाधान खोजने और सामाजिक क्षेत्र में पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में…

    Read More निबंध : सामाजिक आर्थिक विकास में गैर सरकारी संगठनों की भूमिकाContinue

  • Poem chand phir nikla
    कविताएँ

    चांद फिर निकला | Poem chand phir nikla

    ByAdmin April 21, 2022July 14, 2023

    चांद फिर निकला ( Chand phir nikla )   चांद फिर निकला है लेकर रवानी नई। मधुर इन गीतों ने कह दी कहानी नई।   बागों में बहारें आई कली कली मुस्कुराई। मन मेरा महका सा मस्त चली पुरवाई।   चांद सा मुखड़ा देखूं थाम लूं तेरी बाहों को। चैन आ जाए मुझको सजा दो…

    Read More चांद फिर निकला | Poem chand phir niklaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 611 612 613 614 615 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search