Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Dewali essay in Hindi
    निबंध

    दीपावली पर निबंध | Dewali essay in Hindi

    ByAdmin April 17, 2022October 31, 2022

    दीपावली पर निबंध ( Essay in Hindi on Dewali )   प्रस्तवना – भारत त्योहारों की भूमि है। हालांकि कोई भी त्योहार दिवाली से बढ़ कर नही है। यह निश्चित रूप से भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह शायद दुनिया का सबसे चमकीला त्योहार है। आजकल तो विभिन्न धर्मों के लोग…

    Read More दीपावली पर निबंध | Dewali essay in HindiContinue

  • हीरो के भाई का मुंडन | Vyang hero ke bhai ka mundan
    व्यंग्य

    हीरो के भाई का मुंडन | Vyang hero ke bhai ka mundan

    ByAdmin April 17, 2022April 17, 2022

    हीरो के भाई का मुंडन ( Hero ke bhai ka mundan ) मैं संगम पर अपना सिर मुंडवा रहा था। मेरे वालिद का इन्तकाल जो हो गया था। अभी आधा सिर ही मुंडा था, कि एक खुशखबरी पास के रखे ट्रान्जिस्टर नें दी । “मेरे आदर्श” “मेरे प्यारे” हीरो बिग ए की मां का देहावसान…

    Read More हीरो के भाई का मुंडन | Vyang hero ke bhai ka mundanContinue

  • Ghazal yahan ho rahi khoob ab mayakashi hai
    शेरो-शायरी

    यहाँ हो रही ख़ूब अब मयकशी है | Ghazal yahan ho rahi khoob ab mayakashi hai

    ByAdmin April 16, 2022

    यहाँ हो रही ख़ूब अब मयकशी है ! ( Yahan ho rahi khoob ab mayakashi hai )   यहाँ हो रही ख़ूब अब मयकशी है ! न  कोई  बची  गांव  की वो गली है   हुई बात ऐसी यहाँ कल अपनों में यहाँ गोलियां ख़ूब देखो चली है   मिले दोस्ती का भला हाथ कैसे…

    Read More यहाँ हो रही ख़ूब अब मयकशी है | Ghazal yahan ho rahi khoob ab mayakashi haiContinue

  • Ghazal mausam gulabi kahan hai
    शेरो-शायरी

    मौसम गुलाबी कहाँ है | Ghazal mausam gulabi kahan hai

    ByAdmin April 15, 2022

    मौसम गुलाबी कहाँ है ( Mausam gulabi kahan hai )   मुहब्बत ऐ मौसम गुलाबी कहाँ है! मेरे पास उसकी निशानी कहाँ है   उसी का यहाँ नाम बदनाम यूं ही वही दोस्त देखो शराबी कहाँ है   क्यों परदेश जाकर मुझे भूल बैठे कि चिट्टी वो आयी तुम्हारी कहाँ है   सहे ख़ूब ग़म…

    Read More मौसम गुलाबी कहाँ है | Ghazal mausam gulabi kahan haiContinue

  • Dr. Bhimrao Ambedkar par kavita
    कविताएँ

    डॉक्टर भीमराव अंबेडकर | Poem Dr. Bhimrao Ambedkar

    ByAdmin April 15, 2022

    डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ( Dr. Bhimrao Ambedkar )   संविधान निर्माता नमन वंदन हे राष्ट्र रतन भारत पंचशील सिद्धांत अपनाया बौद्ध धर्म में हुये रत   समानता भाईचारा मानवतावाद के पथ प्रदर्शक छुआछूत मिटाने का प्रचार प्रसार किया भरसक   पत्रकार संपादक बने कलम के सजग सिपाही समता समाचार निकाला पक्षधर दीन ए इलाही  …

    Read More डॉक्टर भीमराव अंबेडकर | Poem Dr. Bhimrao AmbedkarContinue

  • Khushi se bahut badnaseeb hoon
    ग़ज़ल

    ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ | Badnaseeb Shayari

    ByAdmin April 14, 2022July 12, 2023

    ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ ( Khushi se bahut badnaseeb hoon )     ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ बड़ा जिंदगी में ग़रीब हूँ   वफ़ा पर तू मेरी यकीन कर तेरा एक सच्चा हबीब हूँ   भला चाहता हूँ सदा तेरा नहीं दोस्त कोई रकीब हूँ   वही दिल दुखा अब रहा मेरा यहाँ…

    Read More ख़ुशी से बहुत बदनसीब हूँ | Badnaseeb ShayariContinue

  • Poem manzil
    कविताएँ

    मंजिल | Poem manzil

    ByAdmin April 13, 2022

    मंजिल ( Manzil )   मंजिल अपनी निश्चित है,और भाव भी मन मे सुदृढ़ है। रस्ता तय करना है केवल,जो मंजिल तक निर्मित है।   जो मिलता ना रस्ता तो फिर, खुद ही नया बनाएगे। कर्मरथि हम मार्ग बनाकर, खुद मंजिल तक जाएगे।   टेढी मेढी हो पगदण्डी या फिर कंटक राहों मे। हम पर्वत…

    Read More मंजिल | Poem manzilContinue

  • Ghazal chehare ke peechhe chehara hai
    शेरो-शायरी

    चेहरे के पीछे चेहरा है | Ghazal chehare ke peechhe chehara hai

    ByAdmin April 13, 2022

    चेहरे के पीछे चेहरा है ( Chehare ke peechhe chehara hai )   वो राज़ बहुत ही गहरा है चेहरे  के  पीछे चेहरा है।   आंखें उसकी काली काली बालों का रंग सुनहरा है।   हुस्न कयामत है उसका जो देखे वो ही ठहरा है।   दीदार की दी है छूट मुझे मिलने पे लगाया…

    Read More चेहरे के पीछे चेहरा है | Ghazal chehare ke peechhe chehara haiContinue

  • Ghazal Dil kisi ki
    शेरो-शायरी

    दिल किसी की | Ghazal Dil Kisi Ki

    ByAdmin April 13, 2022April 13, 2022

    दिल किसी की  ( Dil kisi ki  )     दिल किसी की बहुत आरजू कर रहा रात दिन दिल यही गुफ़्तगू कर रहा   वो नजर आता मुझको नहीं है मगर हर गली में उसे जुस्तजू कर रहा   फूल जिसको दिया प्यार का रोज़ है और दिल रोज़ अपना अदू कर रहा  …

    Read More दिल किसी की | Ghazal Dil Kisi KiContinue

  • Poem badalte rishtey
    कविताएँ

    बदलते रिश्ते | Poem badalte rishtey

    ByAdmin April 13, 2022

    बदलते रिश्ते ( Badalte rishtey )   रिश्ते बदलते सारे रिश्तो की अब डोर संभालो। प्रेम की धारा से खींचो प्यार के मोती लुटा लो।   मतलब के हो गए हमारे सारे रिश्ते नाते। खो गया प्रेम पुराना खोई सब मीठी बातें।   स्वार्थ रूपी शेषनाग डस रहा है रिश्तो को। सद्भाव प्रेम को भूल…

    Read More बदलते रिश्ते | Poem badalte rishteyContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 613 614 615 616 617 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search