• हमेशा इश्क में

    हमेशा इश्क में हमेशा इश्क में ऊँची उठी दीवार होती हैनज़र मंज़िल पे रखना भी बड़ी दुश्वार होती है सभी उम्मीद रखते हैं कटेगी ज़ीस्त ख़ुशियों सेनहीं राहत मयस्सर इश्क़ में हर बार होती है । बढ़े जाते हैं तूफानों में भी दरियादिली से वोदिलों को खेने वाली प्रीत ही पतवार होती है नहीं रख…

  • मैं सोचता रहा

    मैं सोचता रहा मैं सोचता रहा उसे जिस पल ग़ज़ल हुईफिर सर से पांव तक ये मुसलसल ग़ज़ल हुई कुछ तो नशा भी चाहिए था काटने को जीस्तऔर ऐक दिन मेरे लिए बोतल ग़ज़ल हुई भड़की है आग बन के जिगर में कहीं,कहींदिलबर के गोरे पांव की पायल ग़ज़ल हुई हफ़्तों कलम उठा न रक़म…

  • हरियाणा के बड़वा का झांग-आश्रम: जहाँ मुग़ल बादशाह जहाँगीर ने डाला था डेरा

    1620 ईसवी के आस-पास मुग़ल बादशाह जहाँगीर (सलीम) उत्तर- पूर्वी पंजाब की पहाड़ियों पर स्थित कांगड़ा के दुर्ग जाने के लिए इसी रास्ते से गुज़रे थे। उस दौरान उनकी सेना ने आराम करने के लिए इस क्षेत्र में पड़ाव डाला था। तभी उनकी मुलाक़ात यहाँ के संत पुरुष लोहलंगर जी महाराज से हुई। तब पीने…

  • महाकुम्भ में खिचड़ी

    महाकुम्भ में खिचड़ी धनु को त्याग मकर में आये,जब दिनकर भगवान।दक्षिण वलित हो गई धरती,आया पावन पर्व महान। हुई अवस्थिति अयन उत्तरी,अब शुभ मंगल दिन आये।वर को वधू, वधू को वर अब,हर्षित मन को मिल पायें। अलग अलग क्षेत्रों में लोहरी,पोंगल, बिहू, टुसू, संक्रांति।उत्तरायण से ही जन-जन में,क्रमशः भरती जाती कान्ति। मिलती मुक्ति शीत से…

  • एकता का प्रतीक

    एकता का प्रतीक एकता का प्रतीक मकर संक्रान्तिजिन्हें जानकर दूर होगी भ्रांतिसभी जाति ,संप्रदाय, पंथ वालोंमिलकर रहो बनी रहेगी शांति । तिल है कालाचावल है उजलाशक्कर है गेरूआमूंग है हरासभी है एक रस में घुला । चावल , दाल मसाले मिलकरसबने एक खिचड़ी बनाईयह पर्व मानव को सौंपकरऋषि, मनि एक बात सिखाई । भले हमारा…

  • मेरे दिल की बस्ती

    मेरे दिल की बस्ती मेरे दिल की बस्ती क्यों इतनी है सस्तीन कोई हलचल न कोई मस्तीलोग आकर चले जाते हैंनहीं रुकती कोई हस्ती।। मैं भी सोचता हूं कोई आकर गुलज़ार करेंथोड़ा रुक कर यहां इंतजार करेंकुछ बहार लाए जिन्दगी मेंहमसे भी कोई प्यार करें।। जिंदगी का मेरे कोई थोड़ा किनारा बनेसाथ साथ चलने का…

  • स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरक वाक्यों से होगा पथ निर्माण: ऋतु गर्ग

    रविवार 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर भारत माता अभिनंदन संगठन सिलीगुड़ी शाखा पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा कार्यालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें संगठन के पदाधिकारी सदस्य सहित सभी युवाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। संगठन की राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती ऋतु गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलित कर स्वामी जी को पुष्प…

  • मकर संक्रांति (खिचड़ी)

    मकर संक्रांति (खिचड़ी) भगवान विष्णु ने असुरों पर विजय प्राप्त किया था,भगवान सूर्य इस दिन धनु से मकर में प्रवेश किया था।इस दिन पवित्र नदियों में लोग स्नान कर दान करते हैं,भागीरथी संग गंगा ने कपिल आश्रम में प्रवेश किया था।। प्रयाग में स्नान करने से पापों से छुटकारा मिलता हैं,गंगासागर में स्नान को महास्नान…

  • घी दही संग खिचड़ी खाए

    घी दही संग खिचड़ी खाए विष्णु ने काटा असुर सिर,सिर गाड़ दिया मंदराचल परजीत सभी संक्रान्ति पर्व मनाये,रवि उत्तरार्द्ध होकर मकर जाए । चीनी की पट्टी, गुड़ का डुन्डा,तिल का लड्डू मन को भाये।कुरई में रखकर लाई चूरा,घी दही संग खिचड़ी खाये। राज्यों में अनेक नाम प्रसिद्ध,कहीं खिंचड़ी कहीं लोहड़ी तो,कही पोंगल माघी, उत्तरायण,देशवासी मकर…

  • पानी पानी हर तरफ़

    पानी पानी हर तरफ़ दिख रहा है आज हमको पानी पानी हर तरफ़कर रहा है ख़ूब बादल मेहरबानी हर तरफ़ बेतकल्लुफ़ होके दोनों मिल न पाये इसलिएबज़्म में बैठे थे मेरे खानदानी हर तरफ़ तोड़कर वो बंदिशें वादा निभाने आ गयाकर रहे थे लोग जब के पासबानी हर तरफ तेरे जैसा दूसरा पाया नहीं हमने…