देश पाल सिंह राघव ‘वाचाल’ की कविताएं | Deshpal Singh Poetry
क्या हुआ आजतक जो भी किए वादों का क्या हुआसंग में चलने के इरादों का क्या हुआ उठ गए उस शाम काँधे से झटक के सरखट्टी-मीठी उन सभी यादों का क्या हुआ जिनके बहकावे में आकर रूठ गए थेआड़े-टेढ़े उन सभी प्यादों का क्या हुआ अल्लाह के दरबार में मांगी थीं जो कभीउन दुआओं और…
