मिली जब से मुहब्बत
मिली जब से मुहब्बत मिली जब से मुहब्बत हम सफ़र की बात करते हैंहुईं पूरी मुरादें , रहगुज़र की बात करते हैं बड़े नादान है अब पूछते दिल में हमारे क्याये दिल हम हार बैठे अब जिगर की बात करते हैं सफ़ीना आज मेरा जब फँसा है इस भँवर में तोकरें हम याद रब को…
