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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghodon ki nilami
    व्यंग्य

    घोड़ों की नीलामी | Vyang

    ByAdmin December 4, 2021

    घोड़ों की नीलामी ( Ghodon ki nilami )   हर दिशा के घोड़ो को इकट्ठा किया गया था । उनको हिदायत दी गई थी कि नीलामी स्थल पर वे लीद न करें। घोड़ो के गरदन पर उनके भागने की गति लिखी हुई थी । ताज्जुब तो यह था कि घोडोे को मालूम था कि उनकी…

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  • Deewar khadi ho gayi
    शेरो-शायरी

    दीवार खड़ी हो गयी | Ghazal

    ByAdmin December 4, 2021

    दीवार खड़ी हो गयी ( Deewar khadi ho gayi )   उतरेगा वो फलक से सबकी नज़र रही। उम्मीद वस्ल-ए-खास की अक्सर जब़र रही। कहने को तुम सही थे हम भी कहां गलत, दीवार खड़ी हो गयी गलती मगर रही।। शीशे ने टूटने की जिद ठान ली आखिर, उस पर वफा हमारी तो बेअसर रही।।…

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  • Dahleez
    कविताएँ

    दहलीज | Dahleez kavita

    ByAdmin December 4, 2021

    दहलीज ( Dahleez )   दहलीज वो सीमा रेखा मर्यादाएं जिंदा रहती है आन बान और शान की सदा कहानी कहती है   घर की दहलीज से बेटी जब ससुराल को जाती है आंगन की मीठी यादें रह रहकर याद सताती है   दहलीज समेटे रखती है आदर्शों को संस्कारों को रिश्तो की नाजुक डोर…

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  • Poetry of Dr. Kaushal
    कविताएँ

    जमीं अपनी है | Poetry of Dr. Kaushal Kishore Srivastava

    ByAdmin December 2, 2021

    जमीं अपनी है ( Zamee apni hai )   पार कर कांटो को कली फूल बनी है । तपिश मिट्टी की ही तो हीरे की कनी है ।।   राह में कांटे बिछे और दूर है मंजिल । राह और मंजिल में बेहद तना तनी है ।।   झुग्गियां  कीचड़ की तुमको खटकती क्यों हैं…

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  • Gulshan geet
    कविताएँ

    गुलशन | Gulshan geet

    ByAdmin December 2, 2021

    गुलशन ( Gulshan )     गुल खिले गुलशन खिले खिलती चले बहार महकती फिजायें सारी चमन हुआ गुलज़ार   दिल की हसीं वादियो में फूलों का डेरा है खुशबूओं से भरा चमन है प्यार घनेरा है   बागों में बैठी कोयल तितलियां पंखों वाली गुलशन सारा महकता फलों से लदी डाली   पेड़ों पे…

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  • Ghazal preshan
    शेरो-शायरी

    परेशाँ | Ghazal preshan

    ByAdmin December 2, 2021

    परेशाँ ही इसलिए ये दिमाग़ है मेरा ( Pareshan hi isliye ye dimag hai mera )     परेशाँ  ही  इसलिए  ये  दिमाग़ है मेरा ख़ुशी के पल जिंदगी सें फराग़ है मेरा   भुलानें को कैसे पीऊं शराब ए यारों कहीं खोया देखिए वो अयाग़ है मेरा   अंधेरे है ग़म भरे ही नसीब…

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  • वर्ष 2017 के शेष कृति पुरस्कारों की घोषणा
    साहित्यिक गतिविधि

    वर्ष 2017 के शेष कृति पुरस्कारों की घोषणा

    ByAdmin December 1, 2021

    वर्ष 2017 के शेष कृति पुरस्कारों की घोषणा   भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2017 के शेष अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। प्रादेशिक प्रति पुरस्कार रुपये 51,000/- (रुपये इक्यावन हजार) एवं अखिल भारतीय प्रति पुरस्कार रुपये 1,00,000/- (रुपये एक लाख) दिया…

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  • Sheeshon ke ghar kavita
    कविताएँ

    शीशों के घर | Sheeshon ke Ghar Kavita

    ByAdmin December 1, 2021February 6, 2023

    शीशों के घर ( Sheeshon ke ghar )     शीशों के घर लड़ते हैं । पत्थर हम पर पड़ते हैं ।।   कहने के ही पत्थर हैं । शीशों से भी डरते हैं ।।   चाकू और सियासत को । हम भेड़ो से लगते हैं ।।   कच्चे शीशों की पत्थर । पहरेदारी करते…

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  • पाठक मंच का महा अभियान
    साहित्यिक गतिविधि

    पाठक मंच का महा अभियान

    ByAdmin December 1, 2021January 25, 2023

    पठन संस्कृति को समृद्ध करने पाठक मंच का महा अभियान ग्रंथालयों में पहुंचा रहा साहित्य   छिंदवाड़ा – साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की जिला इकाई पाठक मंच बुक क्लब छिंदवाड़ा द्वारा पठन संस्कृति को विकसित करने का संकल्प लिए नगर के दो प्रमुख ग्रंथालय शासकीय ग्रंथालय और हिंदी प्रचारिणी समिति ग्रंथालय में पुस्तकें व…

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  • Dil ne pukara tumko
    शेरो-शायरी

    दिल ने पुकारा तुमको | Ghazal

    ByAdmin December 1, 2021

    दिल ने पुकारा तुमको ( Dil ne pukara tumko )   प्यार भरी धड़कनों ने किया खूब इशारा तुमको दिल की आवाज है यह दिल ने पुकारा तुमको   आ जाओ आज उतरकर महलों में रहने वाली मुंतजिर तेरा हूं कब से मेरे मन ने पुकारा तुमको   सिंधु की लहरें मन में उठती पावन…

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