• सवाल:- गलती किसकी ?

    नेहा बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत थी। ससुराल से ही वह बैंक आना-जाना करती थी। नेहा का पति राहुल एक प्राइवेट कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। दोनों की शादी को 3 वर्ष बीत चुके थे लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं था। नेहा को प्राइवेसी पसंद थी। उसे पाबंदी लगाने…

  • सर्दी की धूप | Sardi ki Dhoop

    सर्दी की धूप सर्दियों में धूप का राज,हर गली में उसका ही बाज।घर के आँगन में जो उतर आई,लगता जैसे सरकार बनकर आई। गुनगुनी धूप का खेल निराला,कभी सीधे छत पर, कभी आँगन में पग डाला।जहाँ तिरपाल देखा वहीं लेट गई,फूस की छत पर तो जैसे फिक्स बैठ गई। चाय की दुकान पर चर्चा थी…

  • छोड़ो | Chhodo

    ‘छोड़ो’ किसी बहाने जब देखो छज्जे पर आना-जाना छोड़ोआता देख मुझे खिड़की में आकर बाल बनाना छोड़ो क्या नाता है तुमसे मेरा क्यों अपनापन जता रहे होहँस हँस के यूँ बार-बार नैनों से तीर चलाना छोड़ो मैं नसीब का मारा मुझको पाकर होगा हासिल क्याअपने दिल के बालू पर बरसाती फसल उगाना छोड़ो आहें भरना…

  • नववर्ष दोहे

    नववर्ष दोहे अभिनंदन सबके लिए, लाए ये नववर्ष।हर तबका फूले फले, पहुँचे नव उत्कर्ष।। आशा है नववर्ष में, किस्मत हो रंगीन।प्रेम बढ़े परिवार में, मिटे दु:ख संगीन।। नये साल में कीजिए, नया-नया कुछ काम।छोंड़ के गंदी आदतें, पहुँचो सच्चे धाम।। सदा सत्य अपनाइए, रहो झूँठ से दूर।मिले सफलता आपको, नहीं रहो मगरूर।। रखो स्वच्छ तन-मन…

  • नव वर्ष पर एक नवगीत

    दीप प्रेम का जग में जलाएं दीप प्रेम का जग में जलाएंआओ मिल नव वर्ष मनाएं रहे न भूखा कोई कहीं परसोए नहीं मजबूर जमीं परहाथ मदद का चलो बढ़ाएंआओ मिल नव वर्ष मनाएं। १। लुटे न अस्मत किसी बहन कीउठे न अर्थी किसी दुल्हन कीसंस्कारों की हम जोत जलाएंआओ मिल नव वर्ष मनाएं।२। नशे…

  • आधुनिक द्वंद्व

    आधुनिक द्वंद्व प्रभु सुमिरन के पथ पर, पाओ सच्ची राह,सत्य, करुणा, प्रेम ही, जीवन का उन्नाह। फूलों की महक में छुपा, है प्रभु का आभास,जीवन की हर साँस में, बसा प्रेम-विलास। नदी बहती निर्बाध सी, सिखलाए ये बात,कठिनाई चाहे जितनी, रखना सहज प्रवाह। भारतीय संस्कृति में, गूँज रहा संसार,रीति-रिवाज और कला, अनमोल उपहार। नृत्य में…

  • अलविदा से स्वागत

    अलविदा से स्वागत गुज़रा साल बहुत ही अच्छा था,हर हाल में इतिहास वह रचा था;गुजरा कल सारा वो भी सच्चा था,हर पल जो ख़ुशीओं में बीता था। वक्त आएगा और निकल जाएगा,सोच अपनी अपनी कैसे जिएगा;गर बुरी आदतों को छोड़कर रहेगा,अच्छी आदतों से खुशियां पाएगा। अब सारी बुराइयां हम मिटा देंगे,जीवन में सदा सभ्यता को…

  • बाँट रहे शुभकामना, मंगल हो नववर्ष।

    नए साल पर अपनी आशाएँ रखना हमारे लिए बहुत अच्छी बात है, हमें यह भी समझने की ज़रूरत है कि आशाओं के साथ निराशाएँ भी आती हैं। जीवन द्वंद्व का खेल है और नया साल भी इसका अपवाद नहीं है। यदि हम ‘बीते वर्ष’ पर ईमानदारी से विचार करें, तो हमें एहसास होगा कि हालांकि…

  • कागा के खट्टे मीठे अनुभव

    राम नाम राम मेरे रोम रोम में बसता,राम मेरे सांस रोमांस में बसता! आंखों का तारा बन हर पल,राम मेरी नज़र नूर में बसता! रक्त धारा बहती रग रग में,लाल ध्वल नस नस में बसता! राम रंग रूप स्वरूप मन मूर्त,स़ूरत बन सलोनी तन में बसता ! मृग नाभि कस्तूरी ढूंढे वन उपवन,सूंघे घास सुगंध…

  • मैंने सीख लिया

    मैंने सीख लिया मन के भावों को होंठों पर लाना मैंने सीख लियालफ़्फ़ाज़ी में लोगों को उलझाना मैंने सीख लिया पहले थोड़ा डर लगता था फ़िर बेशर्मी ओढ़ी तोखुलकर हर महफ़िल में आना-जाना मैंने सीख सच्चाई में जीना मुश्किल अच्छे-अच्छे डूब गएभर-भर थाली घोटालों से खाना मैंने सीख लिया शेख़ असल हूँ पीना छोड़ो छूना…