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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • धर्मांतरण का धंधा: विदेशी फंडिंग और सामाजिक विघटन का षड्यंत्र
    आलेख

    धर्मांतरण का धंधा: विदेशी फंडिंग और सामाजिक विघटन का षड्यंत्र

    ByAdmin July 9, 2025July 9, 2025

    उत्तर प्रदेश में एटीएस ने एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें विदेशी फंडिंग के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये 40 खातों में भेजे गए। मुख्य आरोपी ‘छांगरू बाबा’ उर्फ जमशेदुद्दीन के नेतृत्व में यह गिरोह ऊंची जाति की लड़कियों के लिए 15-16 लाख रुपये की दर से धर्मांतरण कराता था। यह मामला…

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  • पुनरावृत्ति
    कहानियां

    पुनरावृत्ति

    ByAdmin July 8, 2025July 8, 2025

    कक्षा 12 में पढ़ने वाली प्रियांशी अपनी सहपाठी राधा के साथ जनरल स्टोर से कुछ सामान खरीदने के लिए गई। जब प्रियांशी सामान खरीदने और दुकानदार से बातें करने में व्यस्त थी तो राधा ने चुपके से नेल पॉलिश और फेसवाश को चुराकर अपने बैग में छुपा लिया। यह सब करते प्रियांशी ने राधा को…

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  • आखिरी रास्ता
    कहानियां

    आखिरी रास्ता

    ByAdmin July 7, 2025July 7, 2025

    अनपढ़ रामू मजदूरी करता था। एक दिन प्रात 8:00 बजे जैसे ही वह काम पर पहुँचा, तो उसके मजदूर साथी सौरभ ने उससे कहा- “रामू भैया, तुम आज काम पर क्यों आए हो? तुम्हारे घर तो मेहमान आए हुए हैं। तुम्हें तो आज उनके साथ होना चाहिए था। एक दिन काम पर ना आते तो…

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  • गुनहगार
    कहानियां

    गुनहगार

    ByAdmin July 7, 2025July 7, 2025

    कोतवाली के सामने से गुजरते वक्त… अचानक मेरी नज़र कोतवाली के बाहर गुमसुम, मायूस बैठी चिर परिचित महिला पर पड़ी। ऐसा लगा जैसे कि वह महिला मेरे मित्र राजन की पत्नी सुनीता हो। हालांकि मैं कोतवाली से थोड़ा आगे निकल चुका था, लेकिन मेरे दिल ने कहा… जरूर कोई बात है। तभी वे कोतवाली आयी…

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  • Sawan ke Jhoole
    आलेख

    सावन मनभावन: भीगते मौसम में साहित्य और संवेदना की हरियाली

    ByAdmin July 7, 2025July 7, 2025

    सावन केवल एक ऋतु नहीं, बल्कि भारतीय जीवन, साहित्य और संस्कृति में एक गहरी आत्मिक अनुभूति है। यह मौसम न केवल धरती को हरा करता है, बल्कि मन को भी तर करता है। लोकगीतों, झूले, तीज और कविता के माध्यम से सावन स्त्रियों की अभिव्यक्ति, प्रेम की प्रतीक्षा और विरह की पीड़ा का स्वर बन…

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  • पब्लिक स्कूल
    आलेख

    बचपन के दुश्मन बने पब्लिक स्कूल

    ByAdmin July 6, 2025July 6, 2025

    याद आते हैं बचपन के वह दिन जब लोग गांव के बगिया में प्राथमिक ज्ञान प्राप्त करते थे। 5- 6 वर्ष की उम्र में पढ़ने जाया जाना शुरू किया। आराम से सुबह 9:00 बजे घर से निकलते थे । उछलते कूदते मौज मस्ती करते विद्यालय 10:00 बजे पहुंचते । हमें कभी होमवर्क का भी ज्यादा…

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  • बच्चों को यांत्रिक मानव न बनाएं
    आलेख

    बच्चों को यांत्रिक मानव न बनाएं

    ByAdmin July 6, 2025July 6, 2025

    वर्तमान समय में अभिभावक बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के नाम पर उन्हें महंगे स्कूलों में भर्ती कराना, कोचिंग क्लास लगा देना मात्र अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लिया है। उनको गप्पे लड़ाना तास खेलना , पार्टियों में मौज मस्ती करने का तो समय होता है परंतु बच्चों के साथ बैठकर प्रेम से दो शब्द…

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  • चातुर्मास
    विवेचना

    चातुर्मास अस्तित्व का एक सूक्ष्म विराम

    ByAdmin July 6, 2025July 6, 2025

    चातुर्मास — केवल पंचांग के चार मास नहीं, बल्कि मानवीय चेतना के गहरे आरोहण का एक सनातन सूत्र है। यह मात्र एक धार्मिक अवधि नहीं, अपितु जीवन के विराट चक्र में आत्म-अन्वेषण और पुनर्संयोजन का एक दार्शनिक पड़ाव है। आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की प्रबोधिनी एकादशी तक फैला यह काल, समय के प्रवाह…

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  • बोल म्हारी माटी
    पुस्तक समीक्षा

    पुस्तक समीक्षा: “बोल म्हारी माटी”

    ByAdmin July 6, 2025July 6, 2025

    पुस्तक समीक्षा: “बोल म्हारी माटी”लेखक: डॉ. सत्यवान सौरभप्रकाशक: आर.के. फीचर्स, प्रज्ञानशाला, भिवानीमूल्य: ₹260/-पृष्ठ संख्या: 120ISBN: 978-7-1862-8282-6भाषा: हरियाणवी (देवनागरी लिपि)विधा: काव्य-संग्रह | लोक साहित्य | समकालीन सामाजिक कवितासमीक्षक: वेदप्रकाश भारत माटी री बोली में घुली कविता री आत्मा हरियाणा रा नाम आवै तो मन मैं दूध-दही, खेत-खलियाण, पहलवान, चौपाल, बागड़ी-जेबड़ी बोली अर सादगी भर्यी जिन्दगी सै।…

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  • पूर्णमद के फ्लैप पर
    पुस्तक समीक्षा

    पूर्णमदः के फ्लैप पर

    ByAdmin July 3, 2025July 3, 2025

    प्रेम की न कोई भाषा होती है,न परिभाषा,न सीमाएँ उसे सीमित करती हैं , न दूरियाँ उसे ओझल करती है, वह दूरी जीवन और मृत्यु भी क्यों न हो! “पूर्णमिदम् ” के बाद सरोज कौशिक का यह उपन्यास ” पूर्णमदः”; अलग-अलग होते हुए भी ये दोंनो उपन्यास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।वह अध्यात्म के आलोक…

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