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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दिलों को तोड़ने वाले जहां में कम नहीं मिलते
    शेरो-शायरी

    Ghazal | दिलों को तोड़ने वाले जहां में कम नहीं मिलते

    ByAdmin March 7, 2021March 7, 2021

    दिलों को तोड़ने वाले जहां में कम नहीं मिलते ( Dilon Ko Todne Wale Jahan Mein Kam Nahi Milte )   दिलों  को  तोड़ने  वाले जहां में कम नहीं मिलते। मगर फिर भी ज़माने में हमेशा ग़म नहीं मिलते।।   कभी  खुशियाँ चली आती कभी हो सामना ग़म से। मिटा दे सिर्फ ग़म को जो…

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  • जिंदगी में खुशी नहीं आती
    शेरो-शायरी

    Ghazal | जिंदगी में खुशी नहीं आती

    ByAdmin March 6, 2021March 6, 2021

    जिंदगी में खुशी नहीं आती   ( Zindagi Mein Khushi Nahi Aati )   जिंदगी  में  खुशी नहीं आती हाँ  ऐसी आशिक़ी नहीं आती   आबरु लुट जाए अगर जो ये लौटकर वो  कभी नहीं आती   लुट जाते है जो प्यार में यारों उन  लबो पे हंसी नहीं आती   जब अधेरे घेरे है…

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  • कैसा दौर जमाने आया
    कविताएँ

    Ghazal | कैसा दौर जमाने आया

    ByAdmin March 5, 2021March 5, 2021

    कैसा दौर जमाने आया ( Kaisa Daur Jamane Aya )   कैसा   दौर   जमाने   आया। लालच है हर दिल पे छाया।।   बात  कहां  वो अपनेपन की। सब कुछ लगता आज पराया।।   कोई  सच्ची  बात  न  सुनता। झूठ सभी के मन को भाया।।   कौन किसी से कमतर बोलो। रौब  जमाते  सब  को  पाया।।…

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  • तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है
    शेरो-शायरी

    Ghazal | तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है

    ByAdmin March 5, 2021March 5, 2021

    तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है ( Tujhse Mukhphi Karte Hue Bhi Dar Lagta Hai )   तुझसे मुख्फी करते हुए भी डर लगता है सोज़-ए-दीवानगी क्यों मुझे खर लगता है   जहाँ देखो वहीँ बैठ जाता हूँ नाजाने क्यों देखने में तो यह अपना ही घर लगता है   बे-सब्र  बचाए  जा …

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  • लकीर
    शेरो-शायरी

    Ghazal | लकीर

    ByAdmin March 4, 2021March 10, 2021

    लकीर ( lakeer )   हाथों की उलझी लकीरों में, तेरा नाम ढूंढ रहा हूँ। इक  बार  नही कोशिश ये, बार बार कर रहा  हूँ।   शायद  नही तू किस्मत में, एहसास कर रहा हूँ। फिर भी हृदय से कोशिश मैं, हर बार कर रहा हूँ।   कुछ रेखाएं ऐसी है जो, कुछ दूरी  तक…

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  • मिटाया तेरा नाम दिल और दर से
    शेरो-शायरी

    Ghazal || मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर से

    ByAdmin March 3, 2021March 5, 2021

    मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर से (Mita Jab  Tera Naam Is Dil Ke Dar Se)     मिटा जब तेरा नाम इस दिल के दर से। हटा बौझ- सा कुछ कोई जैसे सर से।।   हुई हम को नफ़रत शकल से बहुत ही। गिरे  जब  से  हो तुम हमारी नज़र से।।  …

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  • मेरी नजर में 'आका बदल रहे हैं' ग़जल संग्रह
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review | मेरी नजर में ‘आका बदल रहे हैं’ ग़जल संग्रह

    ByAdmin March 3, 2021March 3, 2021

    मेरी नजर में ‘आका बदल रहे हैं’ ग़जल संग्रह ‘आका बदल रहे हैं’- गजल संग्रह, श्री विजय तिवारी का एक बहुत सार गर्भित ग़जल संग्रह है। साहित्य और समाज दोनों का चोली दामन का संबंध है, इस लिहाज से भी इन ग़जलों में प्रस्तुत भाव,विचार, व्यंग्य,जैसे-जैसे इस गजल संग्रह को हम पढ़ते हैं, वैसे वैसे…

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  • जुगनू आये नया उजाला लेकर
    शेरो-शायरी

    Ghazal || जुगनू आये नया उजाला लेकर

    ByAdmin March 3, 2021

    जुगनू आये नया उजाला लेकर ( Jugnoo Aaye Naya Ujala Lekar )   बुझते  दीपक  मे  साथ  जलने आई  हूं अपनी सारी ही तमन्नाए साथ लाई  हूँ खुदको खोकर मेरा मोल लगाया तुमने दिल के बाजार में बिकने के लिए आयी हूँ चोट पत्थर से नहीं फूल से खायी तुमने इक नादान मुहब्बत में लुट…

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  • हुंकार का दिल
    शेरो-शायरी

    Ghazal || हुंकार का दिल

    ByAdmin March 3, 2021

    हुंकार का दिल ( Hunkaar Ka Dil )     मूंगफली  के  दाने  सा,  छोटा  सा  दिल  है  मेरा। उसपर भी ना सम्हाला तुझसे,ला दिल वापस मेरा।   कोई कही तो होगा जिसको, मेरा दिल प्यार होगा, लाखों  मे  कही  एक  है  होता,  ऐसा दिल है मेरा।   छोटा सा है चिप के जैसा,जिसकी मेमोरी…

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  • न जाने कौन सी बीमारी है
    शेरो-शायरी

    Ghazal || न जाने कौन सी बीमारी है

    ByAdmin March 2, 2021

    न जाने कौन सी बीमारी है ( Na Jane Kaun Si Bimari Hai )     जिगर में दर्द अश्क जारी है। न जाने कौन सी बीमारी है।।   शुकून लाऊं तो लाऊं कैसे, हर तरफ बहुत पहरेदारी है।।   चार कंधों पर सज गया बिस्तर, क्या मेरे जाने की तैयारी है।।   मुहब्बत खेल…

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