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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • अनमोल धरोहर
    कविताएँ

    Kavita अनमोल धरोहर

    ByAdmin March 2, 2021

    अनमोल धरोहर ( Anmol Dharohar )   बेटी हैं अनमोल धरोहर, संस्कृति और समाज की। यदि सभ्यता सुरक्षित रखनी, सींचो मिल सब प्यार से ।।   मां के पेट से बन न आई, नारी दुश्मन नारी की । घर समाज से सीखा उसने, शिक्षा ली दुश्वारी से।।   इच्छाओं को मन में अपने, एक एक…

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  • गए छोड कर वो हमें एक पल में
    शेरो-शायरी

    Ghazal गए छोड कर वो हमें एक पल में

    ByAdmin March 1, 2021March 2, 2021

    गए छोड कर वो हमें एक पल में ( Gae Chhod Kar Wo Hame Ek Pal Mein )   गए  छोड  कर  वो  हमें  एक  पल में।। लुटा दिल का गुलशन बहारे-चमन में।।   बनाए  सभी  ख़ास  जग  में खुदा ने। है खो जाती पहचान सारी नकल में।।   उसे  छोड़  दो  हाल  पे  तुम …

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  • सांसों में ही आती रोज खुशबू रही
    शेरो-शायरी

    Ghazal सांसों में ही आती रोज खुशबू रही

    ByAdmin March 1, 2021March 1, 2021

    सांसों में ही आती रोज खुशबू रही ( Sanson Mein Hi Aati Roj Khushboo Rahi )   सांसों में ही आती रोज़ ख़ुशबू रही इसलिए याद दिल को आती तू रही   चैन दिल को भला कैसे हो जीस्त में ए सनम तू नजर आती हर सू रही   प्यार का ही असर तेरे ऐसा…

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  • धीरे-धीरे
    कविताएँ

    Kavita धीरे-धीरे

    ByAdmin March 1, 2021

    धीरे-धीरे ( Dhire Dhire )     साजिश का होगा,असर धीरे-धीरे। फिजाँ में घुलेगा ,जहर धीरे-धीरे।   फलाँ मजहब वाले,हमला करेंगे, फैलेगी शहर में,खबर धीरे-धीरे।   नफरत की अग्नि जलेगी,हर जानिब, धुआँ-धुआँ होगा,शहर धीरे-धीरे।   मुहल्ला-मुहल्ला में,पसरेगा खौप, भटकेंगे लोग दर,बदर धीरे-धीरे।   सियासत के गिद्ध,मँडराने लगेंगे, लाशों पर फिरेगी,नज़र धीरे-धीरे। कवि : बिनोद बेगाना जमशेदपुर, झारखंड…

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  • नेतागिरी (व्यंग )
    कविताएँ

    Bhojpuri Vyang नेतागिरी

    ByAdmin February 28, 2021

    नेतागिरी (व्यंग ) ( Netagiri – Vyang )   हमहू करबई नेतागिरी झट से आए हमरो अमीरी नेतागिरी में आराम बा सबसे बढ़िया काम बा एक बार जब जीत के जाईब जिवन भर पेंशन हम पाईब जब तक रहिब विधायक सांसद, खूबई पैसा लेब कमाईब हमहू करबई जम के लूट बोलब जनता से खूब झूठ…

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  • Ghazal कलेजा चीरने वाले बहुत हथियार दुनिया में
    शेरो-शायरी

    Ghazal नहीं तिरछी नज़र जैसा कोई भी वार दुनिया में

    ByAdmin February 28, 2021March 1, 2021

    नहीं तिरछी नज़र जैसा कोई भी वार दुनिया में ( Nahi Tirchi Nazar Jaisa Koi Bhi War Duniya me )   कलेजा  चीरने  वाले  बहुत  हथियार  दुनिया में। नहीं तिरछी नज़र जैसा कोई भी वार दुनिया में।।   चलन सबका यहां उल्टा मिलेगा तुम अगर देखो। गुलों  को  पूजने  वाले  बिछाते  ख़ार दुनिया में।।  …

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  • Ghazal बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना
    शेरो-शायरी

    Ghazal बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना

    ByAdmin February 28, 2021

    बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना ( Bahot Dushwar Hai Dil Ka Dariya Ho Jana )     बहोत दुश्वार है दिल का दरिया हो जाना जैसे एक दम से बेहरका क़तरा हो जाना   ये फितरत नहीं होती हर किसी में सुमार सबको मयस्सर और एक पे फ़िदा हो जाना   दश्त-ए-बे-आब…

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  • आँखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैं!
    शेरो-शायरी

    Sad Shayari | आंखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैं

    ByAdmin February 28, 2021June 8, 2023

    आंखों में अश्कों के समंदर रो रहे हैं ( Aankhon Mein Ashkon Ke Samandar Ro Rahe hain )     आँखों में अश्कों  के समंदर  रो रहे हैं! ग़म मुहब्बत के कई मेरे अंदर रो रहे हैं!   मिट गया झगड़े में नामो निशान घर का, और  दहलीज़  पे  बैठे खंडहर रो रहे हैं!  …

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  • दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथा
    कहानियां

    Hindi Laghukatha | Kahaniya -दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथा

    ByAdmin February 27, 2021February 28, 2021

    दहेज़ एक मज़ाक : लघुकथा ( Dahej Ek Mazak : Laghukatha ) लाला नारायण दास की शहर में सुनार की बहुत बड़ी दुकान है । आज उनकी दुकान पर उनके एक पुराने मित्र रत्नसेठ आए । उनका कारोबार भी अच्छा चल रहा है। औपचारिक अभिवादन के बाद रतन सेठ उनसे अपनी बेटी के लिए, उनके लड़के…

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  • बिटिया रानी
    कविताएँ

    Kavita Bitiya Rani | Hindi Kavita – बिटिया रानी

    ByAdmin February 27, 2021February 28, 2021

    बिटिया रानी ( Bitiya Rani )     बिटिया जब डाँट लगाती है , वो दिल को छू जाती है l   बिटिया जब दुलराती है , मन को बहुत लुभाती है l   बिटिया जब हंसती है , रोम रोम पुलकित हो जाता है l   बिटिया के रोते ही , तन मन सब…

    Read More Kavita Bitiya Rani | Hindi Kavita – बिटिया रानीContinue

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