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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • आज उसकी चले हम गली छोड़कर
    शेरो-शायरी

    आज उसकी चले हम गली छोड़कर

    ByAdmin December 22, 2020December 29, 2020

    आज उसकी चले हम गली छोड़कर     आज उसकी चले हम गली छोड़कर नफ़रतें उसकी वो दोस्ती छोड़कर   चैन दिल को मिलेगी बहुत तेरे ही देख तू दोस्त ये मयकशी छोड़कर   दोस्ती प्यार का होगा अहसास वो देख दिल से अपनें दुश्मनी छोड़कर   प्यार के गुल उगाये आंगन में हमने दीवारें…

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  • तुमसा बेवफा जमाने में नहीं
    कविताएँ

    तुमसा बेवफा जमाने में नहीं

    ByAdmin December 21, 2020December 29, 2020

    तुमसा बेवफा जमाने में नहीं   जब भी छेडा किस्सा वो पुराना, प्रेम से मैं महीनों सो ना न पाई चैन से मेरा दिल बेचैन था उस अनजानी सी टीस से  मैं महीनों सो ना पाई चैन से तुमतो मुडकर खो गए अपनी दुनियाँ में कहीं तेरी आहट से धड़कता दिल रहा मैं वहीं से…

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  • मुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां
    शेरो-शायरी

    मुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां

    ByAdmin December 21, 2020December 29, 2020

    मुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां   मुश्किलों का न डर फिर रहेगा यहां।। सामना होश से ग़र करेगा यहां।।   चैन पाते नहीं जिंदगी में कभी। वैर जिनके दिलों में पलेगा यहां।।   मौज बेशक मना लो भले लूट से। ज़र न ज्यादा दिनों वो टिकेगा यहां।।   दिल कभी भी किसी का…

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  • नहीं फूलों भरा आंगन रहा है
    शेरो-शायरी

    नहीं फूलों भरा आंगन रहा है

    ByAdmin December 21, 2020December 29, 2020

    नहीं फूलों भरा आंगन रहा है     नहीं फूलों भरा आंगन रहा है यहां सूखा यारों सावन रहा है   ख़ुशी के फूलों से दामन भरा कब ग़मों से ही भरा दामन रहा है   मिली मंजिल नहीं राहें वफ़ा की परेशां हर घड़ी बस मन रहा है   खिले खुशियों कें जीवन में…

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  • खरगोश की खरीददारी
    कविताएँ

    खरगोश की खरीददारी

    ByAdmin December 20, 2020December 29, 2020

    खरगोश की खरीददारी ******* लाए बाजार से शशक दो रखा नाम काॅटन और स्नो। व्यय किए रुपए अर्द्ध सहस्र, बच्चे दोनों से खेलने में हैं व्यस्त। परेशान किए थे सप्ताह भर से, रट लगाए थे- पापा ला दो न झट से। बाजार नहीं है इसका यहां, भटका सप्ताह भर जहां तहां। यीष्ट मित्रों को फोन…

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  • नज़र का तीर जब निकला यहां तेरी कमानी से
    शेरो-शायरी

    नज़र का तीर जब निकला यहां तेरी कमानी से

    ByAdmin December 20, 2020December 29, 2020

    नज़र का तीर जब निकला यहां तेरी कमानी से     नज़र का तीर जब निकला यहां तेरी कमानी से। हज़ारों हाथ धो बैठे जहां में जिंदगानी से।।   बहुत सोचा लगा हमको ख़ता तेरी नहीं कोई। शिकायत है हमें ज़ालिम तेरी कातिल जवानी से।।   किया घायल सदा तूने अदाओं से हमें अपनी। हुआ…

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  • उसको तो ज़रा भी दिल में ही प्यार नहीं है
    शेरो-शायरी

    उसको तो ज़रा भी दिल में ही प्यार नहीं है

    ByAdmin December 20, 2020December 29, 2020

    उसको तो ज़रा भी दिल में ही प्यार नहीं है     उसको तो ज़रा भी दिल में ही प्यार नहीं है मैं सच कहूँ होठों पे ही  इक़रार नहीं है   आ दोस्त गले से ज़रा लग जा तू आकर अब राहों में खड़ी नफ़रत की दीवार नहीं है   हाँ छोड़ नगर इसलिए…

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  • सबकी इच्छा पूर्ति मुश्किल है
    कविताएँ

    सबकी इच्छा पूर्ति मुश्किल है

    ByAdmin December 19, 2020December 29, 2020

    सबकी इच्छा पूर्ति मुश्किल है ******** बढ़ती चाहतों ने जिंदगी को दुश्वारियों से भर दिया है बहुत कुछ किया है बहुत कुछ दिया है पर सुनने को बस यही मिला है! क्या किया है? क्या किया है? सुन आत्मा तक रो दिया है, बेचैन हो- आसमां से अर्ज किया है। कुछ और नेमतों से नवाज़…

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  • इस कदर वो याद आती हर घड़ी है
    शेरो-शायरी

    इस कदर वो याद आती हर घड़ी है

    ByAdmin December 19, 2020December 29, 2020

    इस कदर वो याद आती हर घड़ी है     इस कदर वो याद आती हर घड़ी है ! पाने की आज़म उसी की ही लगी है   भूल पाना ही उसे मुश्किल हुआ अब  वो जुदा ऐसी मुझसे सूरत हुई है   प्यार जिसके लहजे में था ही नहीं जो एक सूरत जीस्त में…

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  • किसी का ज़ोर न चलता यहां तक़दीर के आगे
    शेरो-शायरी

    किसी का ज़ोर न चलता यहां तक़दीर के आगे

    ByAdmin December 19, 2020December 29, 2020

    किसी का ज़ोर न चलता यहां तक़दीर के आगे     किसी का ज़ोर न चलता यहां तक़दीर के आगे। झुकाते सर सभी अपना इसी तासीर के आगे।।     बला की खूबसूरत हो मिले कैसे कोई तुम सा। ठहरता जब नहीं कोई तिरी तस्वीर के आगे।।     न करते घाव वो दिल पर…

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