जो सच है सो सच है
जो सच है सो सच है जो सच है सो सच है, अनदेखा क्यों करें हम सदा की तरह भीड़ का ही पीछा क्यों करें हम जिन्हे रहती नहीं हमारी कोई खबर उनको बार बार यूँ देखा क्यों करें हम कोई अहल-ए-वफ़ा पर कुछ कहता क्यों नहीं इसी बात पर हर…
जो सच है सो सच है जो सच है सो सच है, अनदेखा क्यों करें हम सदा की तरह भीड़ का ही पीछा क्यों करें हम जिन्हे रहती नहीं हमारी कोई खबर उनको बार बार यूँ देखा क्यों करें हम कोई अहल-ए-वफ़ा पर कुछ कहता क्यों नहीं इसी बात पर हर…
ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया ( Gam ki baarish mein main bhigta rah gaya ) ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया उसकी यादों में ही डूबता रह गया वो सनम गैरों से आशना हो गये मै उन्हें ख़ुद से ही रोकता रह गया इश्क़ करके मुझे अब…
हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब है हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब है! बरसी मुझपे ही जब शबनमी ख़ूब है हो सकता जो नहीं हम सफर मेरा ही उसकी ही आरजू पल रही ख़ूब है प्यार की बातें आगे नहीं है बढ़ी उससे आंखों से आंखें मिली ख़ूब है लेकिन…
जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़ला जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़ला। मंजिलें पा गया सोचकर जो चला।। दोष क्या दें भला हम किसी और को। हर कदम पर यहां जिंदगी ने छला।। दुःख-सुख को सदा थाम कर दिल सहा। चाह कुछ भी नहीं ना लबों पे गिला।। फूंक कर ही…
ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों में ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों में ! प्यार नहीं है इन ज़रा भी जाहिलों में नफ़रतों की सिर्फ़ होती बातें है है नहीं उल्फ़त ज़रा भी इन घरों में झूठ आयेगा नज़र हर साफ़ तुझको देख हर चेहरा ज़रा…
हम जिंदा हैं हम जिंदा हैं क्योंकि हमारे जिंदा रहने के कारण हैं भले ही हमारी रगों का लहू सूख चुका है हमारे कानों तक नहीं पहुंचती कोई चीख पुकार ना ही कोई आहो बका हम नदी के कगारों पे खड़े ठूंठ हैं हम खामोश हैं क्योंकि हम दर्शक हैं …
याद मां की आ गयी परदेश में मन नहीं लगता किताबों में मेरा याद मां की आ गयी परदेश में चाय पीकर दूर होती थी थकान मां की हाथों की बनी वो चाय से पास है मां के दिया पत्ते नीम के डायरी में क़ैद यादों की तरह पी रहा…
तमाम बस्ती जला रहा है तमाम बस्ती जला रहा है। मकान अपना बचा रहा है।। नहीं किसी की बचेगी हस्ती । बिसात ऐसी बिछा रहा है ।। वो घोल करके दिलों में नफ़रत। जहां से उल्फ़त मिटा रहा है।। वो दोष औरों के सर पे मढ़कर। बेदाग़ ख़ुद को दिखा …
जान लेलेगा इंतजार मुझे किसने ये कह दिया बीमार मुझे। जान ले लेगा इंतजार मुझे ।। आखिरी हिचकी भी आजायेगी, देख न ऐसे बार बार मुझे ।। दौलते इश्क तो मिली ही नही, लोग कहते हैं मालदार मुझे।। कभी खुद आईने में देखा नहीं, दूसरों पर रहा एतबार मुझे ।।…