Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • जो सच है सो सच है
    शेरो-शायरी

    जो सच है सो सच है

    ByAdmin October 5, 2020December 30, 2020

    जो सच है सो सच है     जो सच है सो सच है, अनदेखा क्यों करें हम सदा की तरह भीड़ का ही पीछा क्यों करें हम   जिन्हे रहती नहीं हमारी कोई खबर उनको बार बार यूँ देखा क्यों करें हम   कोई अहल-ए-वफ़ा पर कुछ कहता क्यों नहीं इसी बात पर हर…

    Read More जो सच है सो सच हैContinue

  • ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया
    शेरो-शायरी

    ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया | Gam ki Shayari

    ByAdmin October 5, 2020July 5, 2023

    ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया ( Gam ki baarish mein main bhigta rah gaya )   ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया उसकी यादों में ही डूबता रह गया   वो सनम गैरों से आशना हो गये मै उन्हें ख़ुद से ही रोकता रह गया   इश्क़ करके मुझे अब…

    Read More ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया | Gam ki ShayariContinue

  • हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब है
    शेरो-शायरी

    हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब है

    ByAdmin October 5, 2020December 30, 2020

    हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब है   हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब है! बरसी मुझपे ही जब शबनमी ख़ूब है   हो सकता जो नहीं हम सफर मेरा ही उसकी ही आरजू पल रही ख़ूब है   प्यार की बातें आगे नहीं है बढ़ी उससे आंखों से आंखें मिली ख़ूब है   लेकिन…

    Read More हो रही फूलों से आशिक़ी ख़ूब हैContinue

  • जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़ला
    शेरो-शायरी

    जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़ला

    ByAdmin October 5, 2020December 30, 2020

    जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़ला   जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़ला। मंजिलें पा गया सोचकर जो चला।।   दोष क्या दें भला हम किसी और को। हर कदम पर यहां जिंदगी ने छला।।   दुःख-सुख को सदा थाम कर दिल सहा। चाह कुछ भी नहीं ना लबों पे गिला।।   फूंक कर ही…

    Read More जिंदगी का सफर मुश्किलों से ढ़लाContinue

  • न्याय
    कविताएँ

    न्याय

    ByAdmin October 5, 2020December 30, 2020

    न्याय ** गरीब मजलूमों को अब न्याय नहीं मिलता! मिलतीं हैं सिर्फ धमकियां! मुकदमा वापस ले लो.. वरना ? तो क्या करें? रो रहे हैं सिसक रहे हैं बहा रहे हैं आंसू बंद कर घर की दरवाजे खिड़कियां। सुना है ! कचहरियों में भी अब न्याय नहीं मिलता रंगीन कागजों के बदले में है बिकता!…

    Read More न्यायContinue

  • ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों में
    शेरो-शायरी

    ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों में

    ByAdmin October 4, 2020October 26, 2022

    ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों में      ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों में ! प्यार नहीं है इन ज़रा भी जाहिलों में     नफ़रतों की सिर्फ़ होती बातें है है नहीं उल्फ़त ज़रा भी इन घरों में     झूठ आयेगा नज़र हर साफ़ तुझको देख हर चेहरा ज़रा…

    Read More ढूंढ़ता क्या है तू दिल के पत्थरों मेंContinue

  • हम जिंदा हैं
    कविताएँ

    हम जिंदा हैं

    ByAdmin October 4, 2020December 30, 2020

    हम जिंदा हैं   हम जिंदा हैं क्योंकि हमारे जिंदा रहने के कारण हैं   भले ही हमारी रगों का लहू सूख चुका है हमारे कानों तक नहीं पहुंचती कोई चीख पुकार ना ही कोई आहो बका   हम नदी के कगारों पे खड़े ठूंठ हैं   हम खामोश हैं क्योंकि हम दर्शक हैं  …

    Read More हम जिंदा हैंContinue

  • याद मां की आ गयी परदेश में
    शेरो-शायरी

    याद मां की आ गयी परदेश में

    ByAdmin October 4, 2020December 31, 2020

    याद मां की आ गयी परदेश में      मन नहीं लगता किताबों में मेरा याद मां की आ गयी परदेश में   चाय पीकर दूर होती थी थकान मां की हाथों की बनी वो चाय से   पास है मां के दिया पत्ते नीम के डायरी में  क़ैद यादों की तरह   पी रहा…

    Read More याद मां की आ गयी परदेश मेंContinue

  • तमाम बस्ती जला रहा  है
    शेरो-शायरी

    तमाम बस्ती जला रहा है

    ByAdmin October 4, 2020December 31, 2020

    तमाम बस्ती जला रहा  है     तमाम    बस्ती  जला   रहा  है। मकान   अपना   बचा  रहा है।।   नहीं  किसी  की  बचेगी हस्ती । बिसात  ऐसी   बिछा  रहा है  ।।   वो घोल करके दिलों में नफ़रत। जहां से  उल्फ़त  मिटा रहा है।।   वो दोष औरों के सर पे मढ़कर। बेदाग़  ख़ुद को  दिखा …

    Read More तमाम बस्ती जला रहा हैContinue

  • जान लेलेगा इंतजार मुझे
    शेरो-शायरी

    जान लेलेगा इंतजार मुझे

    ByAdmin October 4, 2020December 31, 2020

    जान लेलेगा इंतजार मुझे     किसने ये कह दिया बीमार मुझे। जान ले लेगा  इंतजार  मुझे ।।   आखिरी हिचकी भी आजायेगी, देख  न  ऐसे  बार  बार मुझे ‌।।   दौलते इश्क तो मिली ही नही, लोग कहते हैं मालदार  मुझे।।   कभी खुद आईने में देखा नहीं, दूसरों पर  रहा  एतबार मुझे ।।…

    Read More जान लेलेगा इंतजार मुझेContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 785 786 787 788 789 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search