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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है 
    शेरो-शायरी

    पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है !

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है      पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है ! इसलिए आहें निकलती दिल से है   मिल गया है दर्द दिल को इक ऐसा वो गया पीला दग़ा की चाय है   बेवफ़ा से मैं मुहब्बत कर बैठा जो नहीं समझा वफ़ा की चाय है   रह…

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  • पास उसके हमारा घर होता
    शेरो-शायरी

    पास उसके हमारा घर होता

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    पास उसके हमारा घर होता     काश कुछ इस कदर बसर होता। पास उसके हमारा घर होता ।।   काटकर पेड़ उसने रोके कहा छांव मिलता जो इक शज़र होता।।   रतजगे मार डालेंगे अब मुझे, यार तुम पर भी कुछ असर होता।।    जीने मरने की तो फिकर ही कहां, जो भी होता…

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  • प्यार है तू देख मेरे गांव में
    शेरो-शायरी

    प्यार है तू देख मेरे गांव में

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    प्यार है तू देख मेरे गांव में     प्यार है तू देख मेरे गांव में जो नहीं है शहर में लेकिन तेरे   नफ़रतों के ही मिले ख़ंजर मुझे दोस्त चलता हूँ मै अपनें गांव में   शहर में तो तल्ख़ लहजे है बहुत प्यार के लहजे है  मेरे गांव में   चोट दिल…

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  • ढा रही है सितम ये हंसी आपकी
    शेरो-शायरी

    ढा रही है सितम सादगी आपकी

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    ढा रही है सितम सादगी आपकी     ढा  रही  है  सितम सादगी आपकी। कातिलाना अदा  यूं  सभी  आपकी।।   उस ख़ुदा की तरह दिल से चाहा तुझे। कर  रहा  है  ये  दिल  बंदगी आपकी।   महफिलों  में  गया  तो  वहां  ये लगा। खल रही है कहीं कुछ कमी आपकी।।   हुश्न तेरा वो दिल…

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  • और घूंघट
    कविताएँ

    और घूंघट

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    और घूंघट   शरद सिहरन चलन चटपट और घूंघट। प्राण ले लेगी ये नटखट और घूंघट।।   कुंद इंदु तुषार सघनित दामिनी तन, व्यथित पीड़ित प्रणयिनी सी काम बिन, मिल रही कुछ ऐसी आहट और घूंघट।। प्राण०   नैन पुतरी मीन सी विचरण करें, अधर फरकन चपला संचालन करे, करत बेसर अकट झंझट और घूंघट।।…

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  • ढ़ाई आखर प्रेम के ( दोहे )
    कविताएँ

    ढ़ाई आखर प्रेम के (दोहे)

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    ढ़ाई आखर प्रेम के ( दोहे ) ( मंजूर के दोहे ) ***** १) ढ़ाई आखर प्रेम के,पंडित दियो बनाय। सद्भावना के पथ चले,जग को हिंद सुहाय।। २) ढ़ाई आखर प्रेम के,मित्रता दियो बढ़ाए। शत्रुता मिटाकर शत्रु जन,करने सलाह आए।। ३) ढ़ाई आखर प्रेम के, हैं उच्च शक्ति के पुंज। तमस मिटा रौशन करें,हर ले…

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  • chaahe kaante mile ya ki phool
    शेरो-शायरी

    चाहे काँटे मिले या कि फूल

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    चाहे काँटे मिले या कि फूल   चाहे काँटे मिले या कि फूल मुस्कुरा के तू कर ले क़ुबूल   झूट को सच कहा ही नहीं अपने तो कुछ हैं ऐसे उसूल   हाल ऐसा हुआ हिज्र में जर्द आँखें है चेहरा मलूल   आस फूलों की है किसलिए बोये हैं आपने जब बबूल  …

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  • ग़म में ही ऐसा बिखरा हूँ
    शेरो-शायरी

    ग़म में ही ऐसा बिखरा हूँ

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    ग़म में ही ऐसा बिखरा हूँ     ग़म में ही ऐसा बिखरा हूँ ! अंदर से इतना टूटा हूँ   दिल से उसका मेरे भुला रब यादों में जिसकी  रोता हूँ   नफ़रत उगली है उसने ही जब भी कुछ उससे बोला हूँ   ग़ैर हुआ वो चेहरा  मुझसे उल्फ़त जिससें मैं करता हूँ…

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  • नारी : एक स्याह पक्ष
    कविताएँ

    नारी : एक स्याह पक्ष ! ( दोहे )

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    नारी : एक स्याह पक्ष ! ( मंजूर के दोहे ) ******* १) नारी नारी सब करें, किसी की यह न होय। उद्देश्य पूर्ति ज्यों भयो, पहचाने ना कोय।। २) नारी सम ना दुष्ट कोई, होवे विष की खान। दयी लयी कुछ निपट लो,संकट डाल न जान।। ३) त्रिया चरित्र की ये धनी,करें न कभी…

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  • है जुबां पे सभी के कहानी अलग
    शेरो-शायरी

    है जुबां पे सभी के कहानी अलग

    ByAdmin October 6, 2020December 30, 2020

    है जुबां पे सभी के कहानी अलग     है  जुबां  पे  सभी  के कहानी अलग। फितरते  है अलग जिंदगानी अलग।।   कौन  माने  किसी की  कही बात को। खून  में  है  सभी  के  रवानी अलग।।   मानता खुद को कमतर ना कोई यहां। जोश  से  है  भरी हर जवानी अलग।।   लाभ  की  चाह …

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