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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • हाल-ए-दिल का मत पूछ मेरे यार
    शेरो-शायरी

    हाल-ए-दिल | Hal-E- Dil | Ghazal

    ByAdmin June 25, 2020May 23, 2022

    हाल-ए-दिल का मत पूछ मेरे यार ( Hal-e-dil ka mat poochh mere yar )   सीने पे देखु तो दर्द का खबर लगता है मेरे ज़ख्म-ए-दिल लोगो को तमाशा का नगर लगता है   अब बसेरा कर चूका हूँ बीरान शहर में जहाँ कहीं यहाँ अपना ही घर लगता है   हाल-ए-दिल का मत पूछ…

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  • कर गये बदनाम
    शेरो-शायरी

    कर गये बदनाम | Kar gaye badnam | Ghazal

    ByAdmin June 25, 2020May 23, 2022

    कर गये बदनाम ( Kar gaye badnam )   नजरों मे उनकी अनदेखा हो गये जिंदगी मे आज तन्हा हो गये   कर गये बदनाम ऐसा वो हमें प्यार मे हम आज रुसवा हो गये   पेश आये इस तरह से आज वो प्यार के हर शब्द खारा हो गये   वो हक़ीक़त मे हमारे…

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  • ये जहाँ यूं भी तो नहीं मेरा
    शेरो-शायरी

    ये जहाँ यूं भी तो नहीं मेरा | Ye jahan | Ghazal

    ByAdmin June 24, 2020May 23, 2022

    ये जहाँ यूं भी तो नहीं मेरा ( Ye jahan yun bhi to nahi mera )   ये जहाँ यूं भी तो नहीं मेरा तुम्हारे बगैर गुज़ारा यूं भी तो नहीं मेरा   मौत  के बाहों में सोने वाले से ज़िक्र-ए-ज़िन्दगी ना करे लगता है, है अपना मगर ज़िन्दगी यूं भी तो नहीं मेरा  …

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  • मधु-मक्खी
    कविताएँ

    मधु-मक्खी | Madhumakhi par kavita

    ByAdmin June 24, 2020May 23, 2022

    मधु-मक्खी ( Madhumakhi )   मधु-मक्खी की महानता …..| 1.सौ शहर-सौ खेत गई, सौ कलियों से मुलाकात हुई | साथ मे लाखों साथी लेकर, सौ गलियों से शुरुवात हुई | मुख मे मधुरस भरकर, पहुँच गई अपने ठिकाने मे | दिन-रात मेहनत करती, लगती हैं शहद जुटाने मे | मधु-मक्खी की महानता …..| 2.फूलों से…

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  • सपनों के लिये
    कविताएँ

    सपनों के लिये | Sapno ke liye | Kavita

    ByAdmin June 24, 2020May 22, 2022

    सपनों के लिये ( Sapno ke liye )   हम अपने हर सपनों को सच कर सकते हैं,  चाहे वो चांद पर जाना हो या हो कोई और लक्ष्य  बस इच्छा हो, सनक हो एक जुनून मन में हो,  एक चाहत हो, जो कभी कम न हो। सपनों को सच करने के लिए इस पर…

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  • मधु
    कविताएँ

    मधु | Madhu par kavita

    ByAdmin June 23, 2020May 22, 2022

     मधु  ( Madhu )    शहद बडी गुणकारी…..|| 1.शहद बडी गुणकारी, रहतीं दूर अनेक बिमारी | अमृत सा गाढा मीठा द्रव्य, कुदरत की कलाकारी | मधु की रचना मक्खी करती, फूलों से रस लेकर | फूलों को खुश कर देतीं हैं, मीठी सी बातें कहकर |  शहद बडी गुणकारी…..|| 2.शहद से निकले छत्ते को, मोम…

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  • क्यों मौत लिख कर कलम तक तोड़ दिया जाता है
    शेरो-शायरी

    क्यों मौत लिख कर कलम तक तोड़ दिया जाता है | Ghazal

    ByAdmin June 23, 2020May 22, 2022

    क्यों मौत लिख कर कलम तक तोड़ दिया जाता है ( Kyon maut likh kar kalam tak tod diya jaata hai )   ज़िन्दगी का सफर क्या सिर्फ मौत तक है वर्ना क्यों मौत लिख कर कलम तक तोड़ दिया जाता है   हम दीवाने को नज़र से ही लूट लिया जाता है जो बात…

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  • खामोशी विरोध की भाषा
    कविताएँ

    खामोशी विरोध की भाषा | Kavita khamoshi virodh ki bhasha

    ByAdmin June 23, 2020May 22, 2022

    खामोशी विरोध की भाषा ( Kavita khamoshi virodh ki bhasha )   ये खामोशी,  सहमति नहीं विरोध की भाषा है! यह तो मजबूरी है,  सहमति में बदल जाना  किसी तकलीफ देय  घटना के डर से! एक वक्त आएगा  सब्र का घड़ा भर जाएगा तब नही होगी कोई मजबूरी न किसी प्रकार का कोई डर  तब…

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  • गुजारिश आपसे
    शेरो-शायरी

    गुजारिश आपसे | Ghazal guzarish aap se

    ByAdmin June 22, 2020May 22, 2022

     गुजारिश आपसे ( Guzarish aap se )   गुजारिश आपसे, मेरे ख्याल को सराह दिया जाए अपने दिल में इस ग़ैर मुस्तहिक़ को पनाह दिया जाए   ये बात नहीं आसान इतनी दिकत के लिए जो हो हमें सजा दिया जाए   क्या पसंदीदा और क्या ना-पसंदीदा अल्फ़ाज़ को बस अल्फ़ाज़ की दर्ज़ा दिया जाए…

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  • रॉंग नंबर
    कहानियां

    रॉंग नंबर (PART-4 ) | Wrong number Hindi kahani

    ByAdmin June 22, 2020May 22, 2022

    रॉंग नंबर (PART-4 ) # अगले_दिन_शाम_को                   ★★★ हम टहलने आये थे।कल की यात्रा ने हमे थका दिया था। वह लड़की और उसका नम्बर हमे अब भी याद था यद्यपि नम्बर मिलने के चांस न के ही बराबर थे तब भी हमने try किया।रवी मेरे फोन से…

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