Parakram diwas

पराक्रम दिवस | Parakram diwas

पराक्रम दिवस

( Parakram diwas )

 

राष्ट्रीय चेतना के अनूप पर्याय, नेताजी सुभाष बोस

स्वतंत्रता संघर्ष अहम भूमिका,
अद्भुत ओजस्वी मुखर स्वर ।
प्रत्यक्ष विरोध फिरंगी शासन,
क्रांति ज्वाला आजादी तत्पर ।
प्रेरणा पुंज नेतृत्व प्रतिभा,
प्रदत्त जय हिंद दिल्ली चलो उद्घोष ।
राष्ट्रीय चेतना के अनूप पर्याय,नेताजी सुभाष बोस ।।

तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा,
राष्ट्र प्रेम हुंकार आह्वान ।
परित्याग कर आई सी एस,
रक्षित मातृ धरा स्वाभिमान ।
उत्प्रेरक बिंब नागरिक जन,
संचरित उत्साह उमंग जोश ।
राष्ट्रीय चेतना के अनूप पर्याय, नेताजी सुभाष बोस ।।

अंग्रेजी सूर्य अस्त काज,
आजाद हिन्द फौज गठन ।
क्रांति बिगूल सीमा पार,
रणनीति सुदृढ़ संगठन ।
अप्रतिम दूरदर्शिता दृष्टांत,
हर कदम पर लक्ष्य होश ।
राष्ट्रीय चेतना के अनूप पर्याय, नेताजी सुभाष बोस ।

क्रांतिकारी विराट व्यक्तित्व,
राष्ट्र स्वाधीनता परम ध्येय ।
सशक्ति मूर्धन्यता अभिप्राय,
सोच विचार हावभाव अजेय ।
ह्रदय प्रज्वलित अखंड ज्वाला,
आजादी चाह जीवन परितोष ।
राष्ट्रीय चेतना के अनूप पर्याय,नेताजी सुभाष बोस ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें:-

खुशियों की मंगल भोर | Pran Pratishtha par Kavita

Similar Posts

  • राई का पहाड़ | Rai ka Pahad

    राई का पहाड़ ( Rai ka pahad )   क्यों  बनाता  है ? राई  को  पहाड़  तू, क्यों  बात  छोटी को  बनाता  ताड़  तू।   टूट  कर  पत्थर  बना  कंकड़  सदा ही है  गया  फेका  कहीं  भी  बेवजह  ही सह गया  जो  चोट पत्थर मार  खाकर पूजा  गया  भगवान    बन  सर्वदा  ही   शैल …

  • आपकी सीमा | App ki Seema

    आपकी सीमा ( App ki seema )    पृथ्वियां तो बहुत हैं ब्रम्हांड मे किंतु,जल और वायु के प्रभाव मे ही होती है श्रृष्टि की रचना… आपकी संगत और योग्यता के आधार पर ही होती है आपके व्यक्तित्व की पहचान….. व्यक्तिगत मे आप कैसे हैं इससे समाज को कोई फर्क नहीं पड़ता किंतु ,आप समाज…

  • Hindi Kavita on Betiyan -बेटियॉं

    बेटियॉं ( Betiyan )   पढ़  रही  हैं बेटियॉं, बढ़ रहीं हैं बेटियॉं। रोज नये कीर्तिमान, गढ़ रहीं हैं बेटियॉं।       बेटियॉं नहीं दुख की, नीर भरी बदरी है, बेटियॉं नहीं कोई, आफ़त की गगरी है।       बेटियॉं  श्रृंगार और,सृजन की गठरी है, ऊंची-ऊंची सीढ़ियां,चढ़ रहीं हैं बेटियॉं।      …

  • चंद लम्हों से जिंदगी चुरा लाए हैं। Poem Chand lamhon

    चंद लम्हों से जिंदगी चुरा लाए हैं ( Chand lamhon se zindagi chura laye hain )    हम बहारों से खुशबू जरा लाए हैं। चंद लम्हों से जिंदगी चुरा लाए हैं। गीत लफ्जों से प्यारे सजा आए हैं। जुड़े तार दिलों के नजारे मुस्काये हैं। आंधी तूफान से कश्ती उतार लाए हैं। चंद सांसे ले…

  • घर घर आएंगे राम | Ghar Ghar Aayenge Ram

    घर घर आएंगे राम ( Ghar Ghar Aayenge Ram )   घर घर राम आएंगे मर्म धर्म का बतलाएंगे पुन स्थापित होंगे राम अवध में फिर से प्राण प्रतिष्ठा होगी जन-जन के हित साधें राम नरेश अवध के जय श्री राम मनु के वंशज कहलाते श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम है श्री राम कौशल्या सुत दशरथ…

  • युद्ध | Kavita youdh

    युद्ध ( Youdh )   देशों की लड़ाई भीषण चाहे युद्ध महाभारत होता समर भयंकर दुखदाई अनिष्ट अशुभ आर्त होता   हाहाकार मच जाता है मारकाट होती भारी नरसंहार निरंतर होता विनाश लीलायें सारी   राम रावण युद्ध हुआ तो लंका का विनाश हुआ कलिंग युद्ध में अगणित कितना नरसंहार हुआ   कौरवों की जिद…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *