Pareshani par Kavita

परेशानी | Pareshani par Kavita

परेशानी

( Pareshani ) 

 

दिल थाम लो जरा तुम तिरछी धाराओं को मोड़ दो
राह की अड़चन बन जाये उन बेड़ियों को तोड़ दो

बाधाओं मुश्किलों ने घेरा परेशानियां बुन रही जाल
आंधी तूफां आते जाते चलना जरा कदम संभाल

घोर निराशाओं के बादल जब आके सर पे मंडराए
धीरज धरना मीत मेरे हिम्मत हौसला साथ निभाए

परेशानी का करो सामना आगे बढ़ो करके तैयारी
मन का अन्धेरा दूर करो रख हौसला हिम्मत भारी

जीवन की हर राहों में गर्त भी होंगे पर्वतमाला भी
परेशानी के ढेर भी होंगे विजय हर्ष मतवाला भी

कह दो हर बाधाओं से हमने हिम्मत को धार लिया
हर मुश्किलों हर तूफानों को हौसलों से पार किया

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

रंग | Daisy Chain Poem in Hindi

Similar Posts

  • तिरंगा | Tiranga par kavita

    तिरंगा ( Tiranga )    वीर शहीदों की कुर्बानी याद दिलाता है तिरंगा। भारतवासी के सीने में जोश जगाता है तिरंगा।।   मुश्किल चाहे हो रस्ता या मंजिल तेरी हो दूर बहुत। ग़र जज़्बा हो तो पा सकते हैं हमें सिखलाता है तिरंगा।।   रातें हो चाहे गहरी -लंबी ढ़ल तो वो भी जाती है।…

  • रात ठहरी सी | Raat Thehri si

    रात ठहरी सी ( Raat thehri si )   कुछ रात ठहरी सी है ,स्याह सी,गहरी सी है धुंध को ओढ़े सी है ,कई राज  समेटे  सी है सर्द सी , जर्द सी ,सीने में अलाव लिए हुए कांपती, कंपाती सी ,दिल को हाथ में थामे सी है सांसों की हरारत से ,जमा लहू पिघलाते…

  • चला जायेगा साल तेईस | Chala Jayega 2023

    चला जायेगा साल तेईस ( Chala Jayega 2023 )    चला जायेगा साल तेईस आ गया है दिसंबर दो बातें याद है मुझे एक आपकी शक्ल एक आपका नम्बर चला जायेगा साल तेईस कुछ नहीं हुआ ऐसे बीता जैसे और बीतते थे एक बदलाव आया है मुझे बाप जैसा दोस्त खोया है रविन्द्र गासो चला…

  • होली की हलचल | Kavita Holi ki Halchal

    होली की हलचल ( Holi ki Halchal )   रंग -रंगीली होली आई रंगों की बौछार लाई उमंग की उफान उठाई उल्लास दिल में उगाई मजीर मन में बजाई बढ़उ देवर को बनाई रंगों की फुहार में भींगी है राधा कान्हां संग टेसू की बौछार में बौराया है बरसाना सारा डफ-मजीरे की थाप पर डूबा…

  • स्वामी दयानंद सरस्वती | Hindi Poem on Swami Dayanand Saraswati

    स्वामी दयानंद सरस्वती ( Swami Dayanand Saraswati )    आर्य समाज की स्थापना कर वेदों का प्रचार किया। दयानंद सरस्वती ने सिद्धांत जीवन में उतार लिया। ओमकार हुंकार भर देता दिव्य ज्ञान अलौकिक सा। आस्था उपासक प्रबल किया अध्ययन किया वेदों का। मूर्तिपूजा अंधविश्वासों का संतों ने बढ़ विरोध किया। आडंबर से दूर रहो सब…

  • Hindi Kavita On Life -प्रतिघात

    प्रतिघात ( Pratighaat )   लिख दिया मस्तक पटल पर, वाद का प्रतिवाद होगा। बन्द  दरवाजे  के  पीछे, अब  ना  कुछ संवाद  होगा। जो भी कहना है  मुझे  कह लो, मगर ये  याद  रखना, शेर  के  शब्दों  में  भी  है, घात  का  प्रतिघात होगा।   रूग्ण  जीवन  अब  नही  है, मास  मे   मधुमास  होगा। सुन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *