पौधा संरक्षण है जरूरी

पौधा संरक्षण है जरूरी

पौधा संरक्षण है जरूरी

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आओ मिलकर ठान लें
पौधों की न जान लें
महत्त्व उसकी पहचान लें
अपना साथी मान लें
वायु प्राण का है दाता
फल फूल बीज दे जाता
जीवन भर प्राणी उसे है खाता
आश्रय भी है पाता
फिर भी उसकी रक्षा करने से है कतराता
जिस दिन नष्ट हो जाएगा
हमारा अस्तित्व मिट जाएगा
बिन खाए प्राणी जीवित कहां रह पाएगा?
गर्मी धूप बारिश में सर कहां छुपाएगा?
उस दिन अपनी गलती समझ आएगा
पछताएगा और सिर्फ पछताएगा!
कहीं का नहीं रह जाएगा?
मानव तुम ज्ञानी हो
इसी भूलोक के प्राणी हो
इतना न स्वार्थी बनो
जीवन बचाने को तो कुछ करो
पेड़ पौधों का संरक्षण तुम करो
वसुंधरा के आभूषणों की रक्षा करो
संग समस्त प्राणियों की रक्षा करो
सर्वाधिक दोहन तुम्हीं करते हो?
कुछ करो ऐसा
आवश्यकता तुम्हारी पूरी होती रहे
धरती भी हरी भरी रहे
ख्वाहिशें कोई न अधूरी हो
सबकी जरूरतें भी पूरी हो।
बस ध्यान रखें इतना
बिगड़े न पर्यावरण इतना
कि समाप्त ही हो जाए जीवन अपना।

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नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

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