पौधा संरक्षण है जरूरी

पौधा संरक्षण है जरूरी

पौधा संरक्षण है जरूरी

******

आओ मिलकर ठान लें
पौधों की न जान लें
महत्त्व उसकी पहचान लें
अपना साथी मान लें
वायु प्राण का है दाता
फल फूल बीज दे जाता
जीवन भर प्राणी उसे है खाता
आश्रय भी है पाता
फिर भी उसकी रक्षा करने से है कतराता
जिस दिन नष्ट हो जाएगा
हमारा अस्तित्व मिट जाएगा
बिन खाए प्राणी जीवित कहां रह पाएगा?
गर्मी धूप बारिश में सर कहां छुपाएगा?
उस दिन अपनी गलती समझ आएगा
पछताएगा और सिर्फ पछताएगा!
कहीं का नहीं रह जाएगा?
मानव तुम ज्ञानी हो
इसी भूलोक के प्राणी हो
इतना न स्वार्थी बनो
जीवन बचाने को तो कुछ करो
पेड़ पौधों का संरक्षण तुम करो
वसुंधरा के आभूषणों की रक्षा करो
संग समस्त प्राणियों की रक्षा करो
सर्वाधिक दोहन तुम्हीं करते हो?
कुछ करो ऐसा
आवश्यकता तुम्हारी पूरी होती रहे
धरती भी हरी भरी रहे
ख्वाहिशें कोई न अधूरी हो
सबकी जरूरतें भी पूरी हो।
बस ध्यान रखें इतना
बिगड़े न पर्यावरण इतना
कि समाप्त ही हो जाए जीवन अपना।

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें : 

जानें कब आएंगे अपने अच्छे दिन!

Similar Posts

  • एक रोटी | Ek Roti

    एक रोटी ( Ek Roti )   एक रोटी जो कल शाम की रोटीदान में रखी थी जो गली से कुत्ता आया रोटीदान को तोड़ रोटी उठा ले गया अब इंतजार है रोटी कहां से पैदा करें घर में दो चीज़ है एक मैं और एक रोटीदान मेरे बच्चों की निगाह उस कुत्ते की तरफ…

  • देश अब तुम्हें पुकारे

    देश अब तुम्हें पुकारे वापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारेदेखो हाल इस धरती काजो तुम कर गए हमारे हवालेवापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारे भूल गए सब तुम्हारी कुर्बानीलहू तुम्हारा बहा कटे हाथ और पैरमां बहन पत्नी और बेटीरोती थी तब घर में अकेलीवापस आओ देश के लालोदेश अब तुम्हें पुकारे…

  • जय हो | Jai Ho

    जय हो ( सूर्य नमस्कार एवं युवा दिवस विशेषांक )   जय हो, जय हो, जय युवा वर्ग, जय हो, जय हो, जय योगा पर्व। जय हो…।। सूर्य नमस्कार नित्य ही करो, जीवन में खुश सर्वदा ही रहो। योगा पर्व की सभी को बधाई, युवा दिवस की हार्दिक बधाई। जय हो…।। स्वस्थ रहो तुम निरोगी…

  • देव भूमि की सैर | Poem dev bhoomi ki sair

    देव भूमि की सैर ( Dev bhoomi ki sair )   यूं ही नहीं बसती जिंदगानी यहां, यूं ही नहीं समाती बर्फ की आगोश में वादियां। यूं ही नहीं लुभाती सैलानियों को जन्नत की घाटियां। कुदरत भी सफेद चादर सी बिछा देता है उनके आगमन में, कुछ तो बात है मेरे उत्तराखंड में, कुछ तो…

  • मोहब्बत का जादू | Kavita Mohabbat ka Jadu

    मोहब्बत का जादू ( Mohabbat ka Jadu ) तेरी मोहब्बत का जादू, जैसे बहार की पहली किरण, तेरे बिना ये दिल मेरा, जैसे सूनी हो हर बगिया की चिरन। तेरे हंसने की आवाज़, संगीत की मधुर लहर है, तेरे बिना ये जीवन, जैसे बिना रंगों का सफर है। तेरे संग बिताए लम्हे, वो चाँदनी रातों…

  • दहलीज | Dahleez kavita

    दहलीज ( Dahleez )   दहलीज वो सीमा रेखा मर्यादाएं जिंदा रहती है आन बान और शान की सदा कहानी कहती है   घर की दहलीज से बेटी जब ससुराल को जाती है आंगन की मीठी यादें रह रहकर याद सताती है   दहलीज समेटे रखती है आदर्शों को संस्कारों को रिश्तो की नाजुक डोर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *