पीएम जन संवाद | PM Jan Samvad

पीएम जन संवाद

( PM Jan Samvad )

 

पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा

हिंद प्रधानमंत्री प्रेरक व्यक्तित्व,
वंदन संपूर्ण राष्ट्र एक परिवार ।
सरकारी योजना धरातल अवबोध,
लाभार्थी परितोष साझा विचार ।
शासन प्रशासन सक्रिय भागिता,
लोकतंत्र मुस्कान भाव चितेरा ।
पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा ।।

उज्जवला योजना अभिरक्षित,
हर गृहणी आदर स्वाभिमान ।
सुरक्षा बीमा सुदृढ़ भविष्य,
आर्थिक संकट समाधान ।
स्व निधि महत्ता अनंत,
कामकाजी ऋण सुलभ घनेरा।
पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा ।।

किसान सम्मान निधि निहित,
बीज उर्वरक भव्य अनुदान ।
आवास योजना अद्भुत अनुपम,
हर घर छत स्वप्न आह्वान ।
आयुष्मान भारत आरोग्य स्तंभ,
स्वच्छ स्वस्थ जीवन पगफेरा ।
पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा ।।

दो हजार सैंतालीस लक्षित,
विकसित राष्ट्र दिव्य निर्माण ।
शिक्षा, विज्ञान, कृषि,उद्योग सह,
आत्मनिर्भरता पथ निर्वाण ।
नारी सशक्ति युवा निर्धन उत्थान,
समग्र प्रयास सफलता बसेरा ।
पीएम जन संवाद,खुशियों का नया सवेरा ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें:-

तुलसी पूजन दिवस | Tulsi Pujan Diwas

Similar Posts

  • मीराबाई | Meerabai par kavita

    मीराबाई ( Meerabai )   कृष्ण भक्ति में मीरा नाची लेकर हाथों में इकतारा। मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया गिरधर लगता प्यारा। विष का प्याला राणा भेजा अमृत रस बन आया। सुंदर पुष्प माला सज गई विषधर जब भिजवाया। भक्ति में शक्ति भारी पावन मेवाड़ धरा हो गई सारी। मीरा माधव प्रेम पुजारी तान मुरलिया वो…

  • मेरा अस्तित्व मेरी पहचान | Mera Astitva

    मेरा अस्तित्व मेरी पहचान ( Mera astitva meri pehchaan )   मेरा अस्तित्व मेरी पहचान, मेरा विश्वास मेरा अभिमान। मेरी हिम्मत हौसलों से डरते, बाधाएं आंधी और तूफान। मेरी धडकनें मेरी जान, सत्य सादगी है ईमान। मेरी कलम लिखती सदा, देश भक्ति स्वर राष्ट्रगान। मेरी सोच मेरे मन विचार, अपनापन और सदाचार। मेरे शब्दों में…

  • आजादी के शहजादे | Poem in Hindi on Bhagat Singh

    आजादी के शहजादे ( Azadi ke shahzade )    अठाईस सितंबर धन्य हुआ,तेईस मार्च की स्तुति में अठाईस सितंबर उन्नीस सौ सात, शहीदे आजम हिंद अवतरण । रज रज अति उमंग उल्लास, सर्वत्र अप्रतिम खुशियां संचरण । फिरंगी सिंहासन हिला डाला, प्रतिभाग कर क्रांतिकारी युक्ति में । अठाईस सितंबर धन्य हुआ, तेईस मार्च की स्तुति…

  • कोई तो है | Koi to Hai

    कोई तो है (मां पर कविता)    मन में जीवन में जीवन भर सदा के लिए दिल में बसी,                कोई तो है।   हर एक दुख में दर्द में सामने खड़ी हो जाती है ममता की मरहम लिए और हवा की सांसों सी सहला जाती है वह…..                 कोई तो है।  …

  • चाँद का दीदार | Karva chauth ki kavita

    चाँद का दीदार! ( Chaand ka deedar )   बाँहों में बीते उनके सारी उमर ये खंजन की जैसी नहीं हटती नजर ये। जिधर देखती हूँ बहार ही बहार है पति मेरे जीवन का देखो आधार है।   सोलह श्रृंगार करती नित्य उनके लिए मैं आज करवा की व्रत हूँ ये उनके लिए मैं। वो…

  • पुलिस | Police par Kavita

    पुलिस ( Police )   हम हिन्दुस्तान के वीर सिपाही, मिलकर रहते है सब भाई भाई। चाहें कितनी हो यहाँ कठिनाई, पर खुशियों में बाॅंटे हम मिठाई।। कंधे पर रहती यह सदा बन्दूक, कोत में रखें है ऐसे कई सन्दूक। गोला बारूद, पिस्टल और गन, इनसे बचें नहीं कोई भी दुश्मन।। चाहें कितना कोई जोर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *