Mera astitva

मेरा अस्तित्व मेरी पहचान | Mera Astitva

मेरा अस्तित्व मेरी पहचान

( Mera astitva meri pehchaan )

 

मेरा अस्तित्व मेरी पहचान,
मेरा विश्वास मेरा अभिमान।
मेरी हिम्मत हौसलों से डरते,
बाधाएं आंधी और तूफान।

मेरी धडकनें मेरी जान,
सत्य सादगी है ईमान।
मेरी कलम लिखती सदा,
देश भक्ति स्वर राष्ट्रगान।

मेरी सोच मेरे मन विचार,
अपनापन और सदाचार।
मेरे शब्दों में बहती रहती,
मधुर भावों की रसधार।

मेरा पता वही मेरा ठिकाना,
दिलों में बसा दिल का दीवाना।
ढूंढता रहता हूं हरदम बस यूं,
तेरे चेहरे का यूं ही मुस्कुराना।

मेरी कलम मेरी कविता,
शून्य सा हूं भावों से रीता।
शारदे भवानी भर दो झोली,
शब्दों से मां पावन पुनीता।

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :

आओ गोरी खेले होली | Khelen Holi

Similar Posts

  • माता लक्ष्मी जी | Laxmi ji par kavita

    माता लक्ष्मी जी ( Mata lakshmi ji )    मेरे मन-मंदिर में मैया आप करना सदा निवास, जन्मों-जन्मों से भक्त हूॅं मैं उदय आपका दास। मुझको है भरोसा आप पर और पूरा है विश्वास, सुख शान्ति समृद्धि का मेरे घर में रखना वास।।   शरद पूर्णिमा के दिन हुआ माता आपका जन्म, पुराणों के अनुसार…

  • झूठी शान | Jhoothi Shaan

    झूठी शान ( Jhoothi shaan )    पिज्जा ,बर्गर खाय के, कैंसर रहे बुलाय दाल रोटी शुद्ध सब , वोका देत भुलाय मैगी,नूडल्स,फास्ट फूड,करें गरल सो काम झूठी शान देखाय के, कमाय रहयो है नाम दूध,छाछ,गन्ना नही,कोल्ड ड्रिंक्स पीवन लगे सौ के साठ,अब पचपन माहि जावन लगे दूर किए जड़ी बूटी,खाय गोली कैप्सूल जड़ जमाए…

  • सुनामी | Tsunami

    सुनामी ( Tsunami )    किसी दिन विशेष पर आ जाती है सुनामी शुभ कामनाओं की उस दिन के गुजरते ही मर जाती हैं भावनाएं सारी कामनाओं की रह जाता है शेष शून्य रोज की तरह जल जाते हैं दीए हजारों हर चौखट पर बस जल नही पाता दीप एक हृदय मे प्रेम और मानवता…

  • Kavita | गुनाह

    गुनाह ( Gunaah )   सद्भावों की पावन गंगा सबके   मन  को भाए वाणी के तीखे बाणों से कोई घायल ना हो जाए   प्रेम के मोती रहा लुटाता खता   यही    संसार  में कदम बढ़ाता फूंक फूंक कर कहीं  गुनाह  ना  हो जाए   कोई अपना रूठ ना जाए रिश्तो   के   बाजार   में घूम…

  • दीबार | Deewar kavita

     “दीबार”  ( Deewar )   –>मत बनने दो रिस्तों में “दीबार” || 1.अगर खडी हो घर-आंगन, एक ओट समझ मे आती है | छोटी और बड़ी मिलकर एक, सुंदर आवास बानाती है | मत खडी होने दो रिस्तों मे, टकरार पैदा कारती है | हंसते गाते हमारे अपनों मे, दरार पैदा करती है | –>मत…

  • दुनिया है खूबसूरत | Duniya hai Khoobasoorat

    दुनिया है खूबसूरत! ( Duniya hai khoobasoorat )   दुनिया है खूबसूरत हमें जीने नहीं आता, रूठे हुए लोगों को मनाने नहीं आता। न कोई साथ गया है और न ही जाएगा, सलीके से देखो हमें जीने नहीं आता। जरूरत पड़ेगी चार कंधों की तुम्हें भी, गर दिल मिला नहीं,हाथ मिलाने नहीं आता? जरा ठहरो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *