Poem on Taranga in Hindi

तिरंगा | Poem on Tiranga

तिरंगा

( Tiranga ) 

 

फहर फ़हर फहराए तिरंगा
भारत की शान बढ़ाए तिरंगा
वतन का गौरव गान तिरंगा
हम सबका अभिमान तिरंगा

अमर शहीदों का बलिदान तिरंगा
वीर सपूतों का स्वाभिमान तिरंगा
वतन की आन बान शान तिरंगा
जन गण मन का है जान तिरंगा

राष्ट्र धर्म का मेरे सम्मान तिरंगा
उज्वल भविष्य की पहचान तिरंगा
सर्व धर्म समभाव का गान तिरंगा
सत्य पथ पर है गतिमान तिरंगा

जीवन तुझ पर है कुर्बान तिरंगा
इन सांसों की अंतिम सांस तिरंगा
शीश न झुकने देंगे है संकल्प तिरंगा
होगा सबसे ऊंचा तेरा भाल तिरंगा

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

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