Poem Siya Ke Ram

सिया के राम | Poem Siya Ke Ram

सिया के राम

( Siya Ke Ram )

 

सिया के राम जन्म लेकर, पतित का नाश करेगे अब।
ताड़का खर दूषण के संग, नाराधम मारेगे वो अब।

 

धरा पर पाप बढा जब,नारायण राम रूप सज धज,
मनोहर रूप भुजा कोदंड, धरा से पाप मिटेगा अब।

 

प्रकट भयो नवमी को श्रीराम,पूर्णिमा जन्म लिए हनुमान।
सनातन उदित हुए इस मास, चैत है शक्ति का गुणगान।

 

पधारो लेकर पूजन थाल, मिटा तम् फैल रहा है प्रकाश,
राम नवमी है पावन आज, अवध मे सोहर गावत गान।

 

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

ओ निर्मोही | Kavita o nirmohi

Similar Posts

  • आग | Kavita Aag

    आग ( Aag ) आग में हि आग नहीं होती पानी में भि होता है दावानल धातुयें भी बहती हैं जमीं मे धारा की तरह आसमान से भी बरसती है आग धूप बनकर आग का होना भी जरूरी है हिम्मत, हौसला, जुनून के लिए बिना ऊर्जा के शक्ति मिलती नही बिना आग के ज्योत जलती…

  • कोकिला उपवन क्यों न आई

    कोकिला उपवन क्यों न आई कोकिला उपवन क्यों न आईखिली बहारें यहां रुत पतझड़ीकिसलय ने अश्रु बूंदें टपकाईकोकिला उपवन क्यों न आई काली आंखें काला वस्त्रपहन कौन तू देश गईतेरे गीतों तेरी धुनों सेसजी क्या महफिल नईकोमल – कोमल पत्ते डालीचुप थे तुझ बिन न खड़खड़ाएफाख्ता उदास अमलतास पर बैठीउसने पंख न फड़फड़ाएआम्र मंजरी रूठी…

  • कमरा | Kamra

    कमरा ( Kamra )    अनायास तीव्र वेग से मेरे कमरे में आकर हवा ने हलचल मचा दी और परदे ने लहराकर मेरे टेबिल पर रखी कांच से मढ़ी फ्रेम हुई तस्वीर को गिरा दिया साथ ही वही रखी हुई मियाज के पन्नों ने फड़फड़ाकर हलचल मचा दी और फिर वही रखी हुई इंक की…

  • इतिहास याद रखेगा आपको | Poem in Hindi on late general Bipin Rawat

    इतिहास याद रखेगा आपको ( Itihas yaad rakhega aapko ) (सीडीएस बिपिन जनरल रावत को पुण्यतिथि पर शत-शत नमन)    इतिहास याद रखेगा आज हुआ हेलिकॉप्टर क्रेश, कीर्ति पताका लहराता रहेगा आपका देश-विदेश। यह कर्तव्यों की वेदी पहनकर अमर हो गऐ आप, जनरल को श्रद्धांजलि देता आज पूरा भारत देश।।   सीडीएस बिपिन जनरल रावत‌…

  • हम मिले थे आपसे वो जमाना याद है | Geet

    हम मिले थे आपसे वो जमाना याद है ( Hum mile the aapse woh zamana yaad hai )     वो हंसी पल वो तराना सुहाना याद है हम मिले थे आपसे वो जमाना याद है   खिल उठा था चमन चहक उठी वादियां सभी खुशियां बरस पड़ी महक उठी बगिया तभी   प्रीत भरी…

  • मैं आपकी | Kavita Main Aap ki

    मैं आपकी ( Main Aap ki ) जनम -जनम का प्रीति जुड़ा है । सर्वस्व आपसे पूरा है ।। धर्म, हे प्रभु! आप निभाइए। सुमा के भी नाथ कहाइए।। मांग सिंदुरी नित सजती रहे। पाँव पैंजनियाँ बजती रहे ।। कंगन भी मैं तो खनकाऊँ। नित मैं आपकी ही कहाऊँ।। भक्ति- धारा सदा बहाइए। सुमा के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *