Priya Gupta

प्रिया गुप्ता की कविताएँ | Poems by Priya Gupta

शीतल रहे ये धरा

ले पूजा की थाली मैया
आया तेरे द्वार
मैं नादान बालक मैया
भक्ति करो स्वीकार l

अक्षत, चना चुनरी चढ़ाऊ
श्रीफल, नीम से तुझे मनाऊं
स्वस्थ,शीतल रहे ये धारा
ढोल मंजीरा आज बजाऊं l

मां शीतला के दरबार में
नमन करते है बारंबार
भर दो सबकी झोली मैया
आए जो तेरे द्वार।

Priya Gupta

प्रिया गुप्ता

भिलाई

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