Prabhu ki prathna Hindi mein

मेरे प्रभु | Prabhu ki prathna Hindi mein

मेरे प्रभु

( Mere prabhu ) 

 

आपके चरणों में थोड़ी जगह मुझे दे देना प्रभु,

जीवनभर संग निभाना आप हमारे प्यारे प्रभु।

सद्मार्ग मुझको दिखाना जीवन पथ पर हमेशा,

कठिनाई एवं समस्याओं से उभारना मेरे प्रभु।।

 

ज़िन्दग़ी मेरी कठिन हो तो नैया पार लगा देना,

भवसागर से पार प्रभु मुझको आप करा देना।

हाथ और साथ हमारा आप कभी नही छोड़ना,

प्रेममदिरा का ऐसा प्याला मुझको पिला देना।।

 

कण-कण में शिव जी बसें जिव्हा पर श्री राम,

महा गौरी माॅं दिल में है जनक नंदिनी प्रणाम।

सुकून व शांति मिलती जब लेते आपका नाम,

आपसे होता उजियारा और आप से ही शाम।।

 

नही है ईश्वर आपसे बड़ा यहां पर कोई कैमरा,

नज़र रखतें सबके ऊपर कैसा भी हो माॅंजरा।

है सर्वत्र आप प्रभुजी बिगड़े कार्य यें बना देना,

आकाश हो या हों पाताल चाहें हरी-भरी धरा।।

 

धरा पर प्रभु आप कई-रूपो में अवतार लिये,

मत्स्य कूर्म वराह एवं नरसिंह वामन रूप धरे।

परशुराम राम कृष्ण वेंकटेश्वर कल्कि जो बनें,

बुराईयों का नाश कियें नारायण नर रूप धरे।।

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

Similar Posts

  • बुजुर्ग | Atukant kavita

    बुजुर्ग ( Buzurg ) अतुकांत कविता   अधेड़ सी उम्र सफेद बालों वाले बुजुर्ग जीवन का अनुभव लिए हुए दुनिया का जाने क्या-क्या उतार-चढ़ाव देखे होंगे कितने आंधी और तूफान आए होंगे कितने सावन बरसे पुष्प खिले होंगे मन के किसी कोने में खुशियों की बहारों के कितनी मेहनत संघर्ष किया होगा जीवन में उम्र…

  • मैं अछूत हूं | Main Achut Hoon

    मैं अछूत हूं ( Main achut hoon )   गरीब हूं तो क्या हुआ ! इमानदारी से कमाता हूं दो रोटी ही सही मेहनत की कमाई खाता हूं। मुझे कष्ट नहीं है न अफसोश है कि मैं गरीब हूं, दुख है ! कि लोग मुझे कहते हैं कि मैं अछूत हूं! एहसास करो गरीबी खराब…

  • संसार | Sansar par Kavita

    संसार ( Sansar )  ईश्वर तेरे संसार का बदल रहा है रूप-रंग, देख सब हैं चकित और दंग। क्षीण हो रहा है वनों का आकार, जीवों में भी दिख रहा बदला व्यवहार। कुछ लुप्त भी हो रहे हैं, ग्लेशियर पिघल रहे हैं। वायु हुआ है दूषित, विषैले गैसों की मात्रा बढ़ी है अनुचित। समझ नहीं…

  • जगमग जगमग दीप जले है | Diwali ki kavita

    जगमग जगमग दीप जले है ( Jagmag jagmag deep jale )     जगमग जगमग दीप जले है। अँधियारे सब दूर टले है।।   घर घर में छाये खुशहाली । दिल में अरमां आज पले है।।   आज मिटा दो दिल से सारे। जितने शिकवे और गिले है।।   इस दिल में जो वैर न…

  • होली प्रेम | Holi Prem

    होली प्रेम ( Holi Prem )   महक उठा फिर से टेशू, फूलों से अपने प्रिय लाल ! फागुन में उड़ने लगा फिर प्रेम से बने रंग का गुलाल ।। जब पिचकारी मोहे पिया ने मारी रंग डारी मोहे सभी रंगों से सारी, रगड़ रगड़ मोहे ऐसे रंग लगाया निकल गई थकन,सारी बीमारी ।। मचाया…

  • नरक का द्वार | Narak ka dwar | Kavita

    नरक का द्वार ( Narak ka dwar )   नैन दिखा मां बाप को, खोले नरक के द्वार। अभिशापों की जिंदगी, मत जीओ संसार।   कच्ची कलियां नोंचतें, करते जो पापाचार। नरक द्वार खोलते, पापी वो नरनार।   स्वांग रचा छद्म करे, करते जो लूटमार। दीन दुखी की हाय ले, जाते नरक के द्वार।  …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *