सोशल मीडिया | Social media par kavita

सोशल मीडिया

( Social media )

 

सोशलमीडिया भी है अपना ये प्यारा सा परिवार,

जिससे जुड़े है भाई बहन‌ और माॅं बाप रिश्तेदार।

बेशक खोज जारी रखें अपनी पहचान बनानें को,

पर ऐसी पोस्ट कोई न करें परेशानी हो सभी को।।

 

कोशिश सबकी रहती है अपना हुनर दिखाने की,

नयी ऊॅंचाईयां छूने की और मंजिल को पाने की।

चाहें रुख़ भी बदल ले यह शीत लहरें और हवाऍं,

किसी के हृदय को ठेस न लगें ऐसा पोस्ट लगाऍं।।

 

नकारात्मक और सकारात्मक डालतें इसमें पोस्ट

कई सामाजिक विकास में यह बन रहा सहायक।

यह धर्म ही दिखाता सब को अच्छा-सच्चा रास्ता

लेकिन अपनी मंजिल तक तो यह कर्म पहुंचाता।।

 

प्यार की महफ़िल भी इसमें सब को नज़र आती,

दर्द-दवा हल्लो हाय जन्म-दिन सभी का दर्शाती।

फेस-बुक के नाम से जिसको जानता है ये संसार,

लोगों के संग मेल-जोल को ये बख़ूबी से बढ़ाती।।

 

रचनाकार :गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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