प्रत्येक प्राणि बुद्ध हो
प्रत्येक प्राणि बुद्ध हो
जग भले विरुद्ध हो,
राह भी अवरुद्ध हो ।
सत्य पथ न छोड़िए
हृदय सदैव शुद्ध हो ।।
मूढ़ या प्रबुद्ध हो ,
मन कभी न क्रुद्ध हो ।
अप्प दीपो भव गहें ,
भावना विशुद्ध हो ।।
न हर्ष हो न क्षुब्ध हो,
न द्वेष हो न युद्ध हो।
कामना हमारी है,
प्रत्येक प्राणि बुद्ध हो ।।
रचनाकार…
अजय जायसवाल ‘अनहद’
श्री हनुमत इंटर कॉलेज
धम्मौर सुलतानपुर

अजय जायसवाल ‘अनहद’
श्री हनुमत इंटर कॉलेज धम्मौर
सुलतानपुर उत्तर प्रदेश
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