two words of love

प्रेम के दो बोल | Prem ke Do Bol

प्रेम के दो बोल


दो बोल मोहब्बत के बोल प्यारे
जिंदगी में न ज़हर घोल प्यारे
तनहाइयां भरी है जमाने में
कुछ तो मीठा बोल प्यारे।।

क्या लाए हो क्या लेकर जाओगे
कुछ न धन का मोल प्यारे
दुनिया प्रेम की दीवानी है
प्रेम ही अनमोल प्यारे।।

मोहब्बत कर लो थोड़ी जवानी में
बुढ़ापे में अक्सर झोल प्यारे
याद करेगा कभी जमाना
बस दो मीठे बोल प्यारे ।।

कवि : रुपेश कुमार यादव ” रूप ”
औराई, भदोही ( उत्तर प्रदेश।)

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