Pyar wali ghazal
Pyar wali ghazal

तू प्यार की हमेशा दिल में चाह कर ?

( Tu pyar ki hamesha dil mein chah kar )

 

 

तू प्यार की हमेशा दिल में चाह कर ?

नफ़रत की यूं न दिल में तू पनाह कर

 

तू डोर तोड़ मत रिश्तें वफ़ा भरी

तू रिश्तें में वफ़ा से ही निबाह कर

 

पढ़ले नमाज रब की रोज़ दोस्त तू

कोई न जीवन में ही तू गुनाह कर

 

दुश्मन रहे सभी जो दूर हर घड़ी

अपनी ख़ुदा सदा मुझ पर पनाह कर

 

आयेगा वो नहीं मिलनें तुझे कभी

उसकी न अब मगर देखो  यूं राह कर

 

तेरी करेगा मुहब्बत वो क़बूल

उसकी गली न सजदे करके गाह कर

 

तू भूल जा उसे अब उम्रभर दिल से

आज़म न याद में उसकी यूं आह कर

❣️

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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