Ram navmi kavita
Ram navmi kavita

रामनवमी

( Ram navmi )

 

हाथी घोड़े ऊंट सज रहे रामनाम की जय जयकार
रामनवमी पर्व सनातन खुशियों भरा आया त्योहार

 

केशरिया ध्वज लहराये गूंज रहा है नारा श्रीराम
हर हर महादेव स्वर गूंजे रामनाम बस राम ही राम

 

झूम रहे हैं राम राम में राम सिवा नहीं कोई काम
नगर सजे सुंदर प्यारे आए राम अवध के धाम

 

साधु संत मुनिजन आए सत्य सनातन जय श्रीराम
जन्मदिन आराध्य हमारे घट घट वासी है प्रभु राम

 

शंख नगाड़े ढोल बज रहे गूंज रही शहनाई तान
मुरली मजीरा इकतारा भी गा रहे राम गुणगान

 

जनसमूह उमड़ा आता राम राम जय जय श्रीराम
मनाये महोत्सव मिलकर राममय हुआ शहर गांव

 

पगडंडी से राम की झांकी गली-गली छवि राम की
हर सड़क चौराहों से निकले झांकी प्रभु राम की

 

श्री राम की धूम मची होठों पर बस राम ही राम
जन आस्था प्रेम उमड़े सब नाच रहे हो निष्काम

 

सज रहा सारा देश हमारा सज गई अयोध्या सारी
जन्मे राम प्रभु हमारे रामनवमी लाई खुशियां भारी

 

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कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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