आओ मेरे गणराजा

️️आओ गणेश जी️ | Aao Ganesh Ji

️ आओ गणेश जी 

( Aao Ganesh Ji )

 

–>आओ मेरे गणराजा………..||

1.आओ मेरे महराज गजानन, स्वागत है अभिनन्दन है |
ऋद्धि-सिद्धि को साथ मे लाना, उनका भी सत-बन्दन है |
सालों से तुम अपने भक्तों के, दूर दुखों को करते हो |
निर्बल और पीडित भक्तों की, पीडा को तुम हरते हो |

–>आओ मेरे गणराजा………..||

2.एक साल मे एक बार, थोडे दिन को तुम आते हो |
अपने भक्तों के सीने मे, खुशियां लाखों भर जाते हो |
निर्धन को धन देते हो तुम, देते हो कोढ़ी को काया |
अग्यानी को ग्यान दे-देते, पथिक को दो निर्मल छाया |

–>आओ मेरे गणराजा………..||

3.गणेश-गजानन-दयावंत, नाम अनेक तुम्हारे हैं |
लड्डू-मोदक प्रिय आपको, मूसक वाहन तुम्हारे हैं |
वचन के खातिर खडे द्वार पर, परशुराम से टकराये |
दांत तोड़ दिया परशुराम ने, एक दन्त तब कहलाये |

–>आओ मेरे गणराजा………..||

4.जो दीनों की मदद करे, मात-पिता की करे सेवा |
गणपती बप्पा खुश हो जाते, देते हैं उनको मेवा |
गणपती बप्पा मौरया का, लगता है जब जय-कारा |
सच्चे दिल से जो भी बोले, मिल जाये उसे जग सारा |

–>आओ मेरे गणराजा………..||

 

कवि :  सुदीश भारतवासी

 

 

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आईना | Aaina kavita

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