.रौद्र रस | Raudra Ras Kavita

.रौद्र रस 

( Raudra Ras )

 

मन करता है कभी, ज़ुबां के ताले अब खोल दूँ,
है दुनिया कितनी मतलबी जाके उनको बोल दूँ,

उतार फेंकूँ उनके चेहरे से चापलूसी के मुखौटे,
सच के आईने दिखा बदसूरती के राज़ खोल दूँ,

कैसी हवस है यह पैसे की जो ख़त्म नहीं होती,
चाहूँ तो सच के तराज़ू में आमाल इनके तोल दूँ,

छलका जो कभी मेरा रौद्र रस सब बह जाएगा,
हरइक की ख़ुदग़र्ज़ी की उनको सज़ा बेमोल दूँ,

दिल चाहता है एक मोहब्बतों का जहां बनाऊँ,
नफ़रतें मिटाके अपनायित की मिठास घोल दूँ!

Aash Hamd

आश हम्द

पटना ( बिहार )

यह भी पढ़ें :-

रिवाज़ | Poem Riwaz

Similar Posts

  • घर बेटी का | Kavita Ghar Beta Ka

    घर बेटी का ( Ghar Beta Ka ) आज घर में सन्नाटा छा गया। जब बेटी ने प्रश्न एक किया। जिसका उत्तर था नही हमारे पास। की घर कौनसा है बेटियों का।। पैदा होते ही घर वाले कहते है। बेटी जन्मी है जो पराया धन है। बेटा जन्मता तो कुल दीपक होता। पर जन्म हुआ…

  • ढाई अक्षर | Dhai akshar

    ढाई अक्षर ( Dhai akshar )   रातभर फिर सोचकर घबराये हम। ढाई अक्षर भी नहीं पढ़ पाये हम।।   मेरी आंखों में तुम्हारे आंसू थे, चाह करके भी नहीं रो पाये हम।।   एक पग भी तुम न आगे आ सके, सारे बंधन तोड़कर के आये हम।।   तमस तेरे मन से कब जायेगा…

  • अकेला ही | Akela Hi

    अकेला ही ( Akela hi )    अकेले ही चलना पड़ता है मुश्किलों से संभलना पड़ता है तूफानों से जीतना है अगर खुद को सिकंदर बनना पड़ता है काटनी है अगर फसल भी तो धूप मे जलना पड़ता है आसान नहीं है अनाज को भी घर में ले आना ठंड भरी रातों में ठिठुरना पड़ता…

  • मैं भारतीय हूं | Poem Main Bharatiya Hoon

    मैं भारतीय हूं ( Main Bharatiya Hoon )     मैं भारतीय हूं सभी धर्मों का सदा आदर करता हूं। संस्कृति उपासक हूं शुभ कर्मों से झोली भरता हूं।   शौर्य पराक्रम स्वाभिमानी रगों से गहरा नाता है। रणभूमि में जोहर दिखलाना शमशीरों से आता है।   अतिथि आदर करना पावन परिपाटी वतन की। उस…

  • संयम करना सिखा दिया

    संयम करना सिखा दिया तेरे प्यार ने सिखा दिया, कैसे दर्द को हँसते हुए सहना है। तुझे अपनी यादों में बसाकर, तुझमें ही खोया रहना है। तेरे ख्यालों ने समझाया, दूरी को कैसे सहेजा जाता है। तेरी याद मात्र से भी मुस्काना, यह प्यार में कितना मज़ा आता है। तेरी बातों की मिठास, हर दर्द…

  • पौधा संरक्षण है जरूरी

    पौधा संरक्षण है जरूरी ****** आओ मिलकर ठान लें पौधों की न जान लें महत्त्व उसकी पहचान लें अपना साथी मान लें वायु प्राण का है दाता फल फूल बीज दे जाता जीवन भर प्राणी उसे है खाता आश्रय भी है पाता फिर भी उसकी रक्षा करने से है कतराता जिस दिन नष्ट हो जाएगा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *