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तमन्नाएं | Tamannayen
ByAdminतमन्नाएं ( Tamannayen ) निकला था आकाश को छू लेने की ख्वाहिश मे तमन्ना थी सितारों के साथ बादलों संग खेलूं चांद की धरती पर सूरज से बाते करूं पर, अचानक ही धरती डोल गई,और मैं गिरा गहरी खाई मे बहुत देर बाद समझा की मैं हनुमान नही था ऐसे ही ठंड की कंपकंपाती रातों…

जीवन की शुरुआत | Jeevan ki Shuruaat
ByAdminजीवन की शुरुआत ( Jeevan ki Shuruaat ) हम हरदम ही हारे ज़माना हमेशा हमसे जीत गया, हार जीत के इस खेल को खेलते जीवन बीत गया, सारे दाव-ओ-पेंचों को समझने में उम्र निकल गया, खेल के इख़्तिताम पे तन्हा थे दूर हर मनमीत गया, रिश्तों की उलझी गिरहें सुलझाने में खुद यूँ टूट गए,…

जगमगाती दीपावली | Jagmagati Dipawali
ByAdminजगमगाती दीपावली ( Jagmagati dipawali ) दीप प्रज्ज्वलित हो रहें छठ रही है बदली काली , तुम्हारे मन के कोने में कही ना रहें कोई जगह खाली भर लो खुशी से हृदय तुम, सकारात्मक दिवाली मनाना तुम ।। मिट्टी के दिए जलाना तुम पवित्र चौक आंगन पुराना तुम करके सभी का सहयोग सेवा ,…

लोग क्या कहेंगे | Kavita Log Kya Kahenge
ByAdminलोग क्या कहेंगे ( Log Kya Kahenge ) हमें लोग क्या कहेंगे, अब लोगों को भी कहने दो। मतलब की है सारी दुनिया, स्वार्थ में ही रहने दो। तुमको अब बढ़ते जाना, कुछ काम ऐसा कर लो। जीवन में कुछ है पाना, खुशियों से झोली भर लो। साध लो अब निशाना, मंजिल पर तुमको जाना।…

प्रीति के गीत | Hindi Poetry
ByAdminप्रीति के गीत ( Preeti ke geet ) प्रीत के गीत गाकर सयानी हुई, मै हूं मीरा जो मोहन दीवानी हुई। राग और रागिनी में समाई हूं मैं, ताल और छंद संग लेकेआई हूं मैं। सुर सरिता की मैं एक कहानी हुई। मै हूं मीरा जो मोहन दीवानी हुई। हिन्द कीशान और…

वक्त का दौर | Waqt ka Daur
ByAdminवक्त का दौर ( waqt ka daur ) समझौता जरूरी है जिंदगी में अगर वह सामान, संबंध या साथ का हो बहुत कठिन होता है देख पाना अपने स्वाभिमान को ही तिल तिल मरते हुए स्वाभिमान ही अपनी कमाई है वहीं अगर हो जाए मजबूर किसी के हाथों तो बंधक जमीर नहीं आदमी स्वयं…

