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खूबसूरत | Khoobsurati ki Tareef par Kavita
ByAdminखूबसूरत ( Khoobsurat ) खूबसूरत नज़र आती हो, अदाओं से भी लुभाती हो, आती हो जब भी सामने सच में कयामत ढाती हो। माथे पर बिंदी सजाती हो, आँखों में कजरा लगाती हो, महकाती हो बालों में गजरा सच में कयामत ढाती हो। हाथों में मेहंदी रचाती हो, चूड़ी कंगना खनकाती हो, ओढ़ती हो…

खुशियों की नई भोर | Khushiyon ki Nai Bhor
ByAdminखुशियों की नई भोर ( Khushiyon ki nai bhor ) राखी के स्नेहिल धागों में, खुशियों की नई भोर अंतर्मन अनंत आह्लाद, अनूप उत्सविक परिवेश । शुभता सरित प्रवाह, बहना घर द्वार प्रवेश । श्रृंगारित पुनीत संबंध, रक्षा बंधन भव्यता चारों ओर । राखी के स्नेहिल धागों में, खुशियों की नई भोर ।। सनातनी…

आशा झा की कविताएं | Asha Jha Poetry
ByAdminराखी पर मौलिक ( गीत ) बहना घर आई मुस्काती गातीदेखो आई आईआई आई आई राखीउत्साह उमंग में कमी न रखतीजाऊंगी भइया घर सबसे कहतीराखी मिठाई लेने बाजार जातीदेखो आई आईआई आई आई राखीबहना कहे भइया संग न छोड़नावादा किया जो मुझसे न तोड़नाभाई को याद दिलाती जातीदेखो आई आई आई आई आई राखी ।दीर्घायु…

राई का पहाड़ | Rai ka Pahad
ByAdminराई का पहाड़ ( Rai ka pahad ) क्यों बनाता है ? राई को पहाड़ तू, क्यों बात छोटी को बनाता ताड़ तू। टूट कर पत्थर बना कंकड़ सदा ही है गया फेका कहीं भी बेवजह ही सह गया जो चोट पत्थर मार खाकर पूजा गया भगवान बन सर्वदा ही शैल …

हमारे शहर में | Hamare Shahar mein
ByAdminहमारे शहर में ( Hamare shahar mein ) ( 36) ‘हमारे शहर में’ प्रायः डाॅक्टर का बेटा डाॅक्टर है, वकील का बेटा वकील मास्टर का बेटा मास्टर है. इसी के अनुसार वधू भी तलाशते हैं , डाॅक्टर के लिए डाक्टरनी प्राथमिकता बताते हैं. कमाने वाली बहू सबकी पहली पसंद है , नकद दस लाख फार्चूनर…

हमारी बेवकूफियां | Kavita
ByAdminहमारी बेवकूफियां ( Hamari Bewakoofiyaan ) सचमुच कितने मूर्ख हैं हम बन बेवकूफ हंसते हैं हम झांसा में झट आ जाते हैं नुकसान खुद का ही पहुंचाते हैं सर्वनाश देख पछताते हैं पहले आगाह करने वाले का ही मज़ाक हम उड़ाते हैं न जाने क्या क्या नाम उन्हें दे आते हैं शर्मिंदा हो आंख…

