Sarojini Naidu par Kavita

श्रीमती सरोजिनी नायडू | Sarojini Naidu par Kavita

श्रीमती सरोजिनी नायडू

( Shrimati Sarojini Naidu ) 

 

बहुमूल्य हीरे के समान थी वह देश-दुनिया के लिए,
स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी के रुप में ढ़ेरों कार्य किए।
सबसे उपर आता है जिनका इन महिलाओं में नाम,
ऐसी ही आदर्श है वह भारतीय महिलाओं के लिए।।

१२ साल की आयु में जो मैट्रिक परीक्षा टाॅप किया,
१३०० पदो की “झील की रानी’ कविता रच दिया।
अच्छी छात्रा के साथ अनेंक भाषाओं का ‌ज्ञान रहा,
आगे चलकर केसर ए हिंद उपाधि से नवाजा गया।।

सरोजिनी नायडू था उस महान शख्शियत का नाम,
जो स्त्रियों में आत्मविश्वास जगाने का किया काम।
भारत कोकिला से भी जानता है उनको हिन्दुस्तान,
जो कांग्रेस अध्यक्ष व नेता बनकर ढ़ेरों कार्य काम।।

आठ भाई-बहनों में सरोजिनी जी थी सभी से बड़ी,
बुद्धि में कुशाग्र आप मद्रास-महाविद्यालय में पढ़ी।
निराशा और भय को जिन्होंने कभी-भी नही जाना,
किंग्ज काॅलेज लंदन गर्टन काॅलेज कैंब्रिज में पढ़ी।।

गांधीजी के संग चलने वाले स्वयं सेवकों में ये एक,
सुंदर शिक्षाप्रद कविताएं लिखी आपने यह अनेंक।
महिला होने पर भी साहसी, निर्भिकता की प्रतीक,
उत्तरप्रदेश की पहली महिला राज्यपाल बनी-नेक।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

 

Similar Posts

  • स्त्री हृदय | Strī Hridaya

    स्त्री हृदय ( Strī hridaya )    प्यार भरा हृदय आंखों में हया है, फिर भी यह जीवन तो सवालों से घिरा है माना अहसास है एक अपने अगल होने का हमें स्त्री का खुलकर जीना भी क्या यहाँ कोई सजा है ??????? बिखरे रंगों से पुस्पों की भांति ही सजाते हैं हम रंगोली प्रतिपल…

  • पर्यावरण | Paryavaran

    पर्यावरण ( Paryavaran )    विविध जीवों का संरक्षण मान होना चाहिए। स्वस्थ पर्यावरण का संज्ञान होना चाहिए।। प्रकृति साम्यता रहे धरा का भी श्रृंगार हो, वृक्षों की उपयोगिता पर ध्यान बार बार हो। वृक्ष, प्राणवायु फल छाया लकड़ियां दे रहे, उसके बदले में हम उनकी संख्या न्यून कर रहे। ‘दस पुत्र समो द्रुम:’ यह…

  • गला कटे तत्काल | Gala Kate Tatkal

    गला कटे तत्काल ( Gala Kate Tatkal ) कत्ल करे दुश्मन बने, बदल गई वो चाल। करके देखो नेकियाँ, गला कटे तत्काल।। जो ढूंढे हैं फायदा, उनका क्या परिवार। संबंधों की साधना, लुटती है हर बार।। नकली है रिश्ते सभी, नहीं किसी में धीर। झूठी है सद्भावना, समझेंगे क्या पीर।। सब कुछ पाकर भी रहा,…

  • बचपन लौटा दो | Kavita Bachpan lauta do

    बचपन लौटा दो ( Bachpan lauta do ) मुझे मेरा बचपन लौटा दो, बालपन का पौधा महका दो, आंगन की किलकारियां गुनगुना दो, दादी की पराती सुना दो, मां का आंचल ओढ़ा दो, पापा के खिलौने ला दो, बैग का बोझ घटा दो, कागज का नाव तैरा दो, कान्वेंट से गुरुकुल पहुंचा दो । एकलव्य…

  • गासो का प्रकाश | Gaso ka Prakash

    गासो का प्रकाश ( Gaso ka Prakash )    एक रवि जो हमें हर रोज दिखाई देता है जो दिन में दिखाई देता है एक रवि जो हमें छोड़ कर चले गए वो नहीं आयेंगे उसका प्रकाश दिन रात हर वक्त हर घड़ी होता था गरीबों और मजदूरों में उन्होंने बुझे दिलों में प्रकाश फैलाया…

  • हर पल दिल बस तुझको देखे | Hindi romantic geet

    हर पल दिल बस तुझको देखे (Har pal dil bas tujhko dekhe )   हवाओं में फिजाओं में, धड़कनों सदाओं में। मौसम की बहारों में, सावन की घटाओं में। महकती वादियों में, दिल के जो अरमान रखें। सलोनी सूरत वो प्यारी, ख्वाबों में तुझको देखे। हर पल दिल बस तुझको देखे-2   चाल निराली लगे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *