श्रीगंगा-स्तुति
श्रीगंगा-स्तुति

श्रीगंगा-स्तुति

(गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर)

 

जगत् पावनी जय गंगे।
चारों युग त्रिलोक वाहनी त्रिकाल-विहारिणी जय गंगे।।

 

महा वेगवति, निर्मल धारा, सुधा तरंगिनी जय गंगे।
महातीर्था, तीर्थ माता , सर्व मानिनी जय गंगे।।

 

अपारा, अनंता, अक्षुण्ण शक्ति, अघ-हारिणी जय गंगे।
पुण्य-मोक्ष-इष्ट प्रदायिनि, भव-तारिणी जय गंगे।।

 

“कुमार”मन पावन करो ,शिव जटा विहारिणी जय गंगे।
लेकर के निज शरण में मैया पार लगाओ जय गंगे।।

 

 

कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

यह भी पढ़ें : 

रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here