Tag: कविता

  • Ghazal | जिंदगी में नहीं मतलबी चाहिए

    जिंदगी में नहीं मतलबी चाहिए ! ( Jindagi mein nahi matalabi chahie )   जिंदगी में नहीं मतलबी चाहिए ! इक वफ़ा की मगर दोस्ती चाहिए    जिंदगी अब ग़मों में बहुत जी ली है ऐ ख़ुदा उम्रभर अब ख़ुशी चाहिए उम्रभर के लिये हो वफ़ाये भरी जिंदगी में रब वो आशिक़ी चाहिए   नफ़रतों…

  • उलझन | Hindi poetry on life

    उलझन ( Uljhan )   उलझनों ने घेरा है, कैसा काल का फेरा है। किस्मत क्यों रूठ रही, मुसीबतों का डेरा है।   जीवन की जंग लड़े, कदमों में शूल पड़े। मुश्किलें खड़ी थी द्वार, तूफानों से हम भीड़े।   रिश्ते नाते भूले हम, मर्यादाएं तोड़ चले। बुजुर्ग माता-पिता को, वृद्धाश्रम छोड़ चले।   विकास…

  • Hindi Diwas Poem | मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी

    मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी ( Mera samman – matribhasha Hindi )   कब तक हिंदी मंद रहेगी अग्रेजी से तंग रहेगी कब तक पूजोगे अतिथि को कब तक माँ यूँ त्रस्त रहेगी माना अग्रेजी की जरूरत सबको माना बिन इसके नहीं सुगम डगर हो माना मान सम्मान भी दिलवाती पर मातृ भाषा बिन कैसी…

  • अंतर्मन की बातें | Kavita

    अंतर्मन की बातें ( Antarman ki baatein )   अंतर्मन की बातें निकल जब, बाहर आती हैं। हर पल बदलती जिंदगी, कुछ नया सिखाती है।।   खुशी से हर्षित है ये मन, निशा गम की छा जाती है । कभी बिछुड़न बना है दर्द, मिलन से खुशियां आती है।।   कभी ऐसे लगे जीवन ,खुशनसीब…

  • बेटी | Kavita

    बेटी ( Beti )   बेटी- है तो, माँ के अरमान है, बेटी- है तो, पिता को अभिमान है! बेटी- है तो, राखी का महत्त्व है, बेटी- है तो, मायका शब्द है!   बेटी- है तो, डोली है, बेटी- है तो, बागों के झुले हैं! बेटी- है तो, ननद- भाभी की ठिठोली है! बेटी- है…

  • दीवारों के कान | Geet

    दीवारों के कान ( Geet : deewaron ke kaan )   कितने घर उजाड़े होंगे, सारे भेद ले जान। सारी दुनिया ढोल पीटते, दीवारों के कान।   मन की बातें मन में रखना, सोच समझ ले इंसान। राम को वन में भिजवा दें, दीवारों के कान।   कहीं मंथरा आ ना जाए, घर में कृपा…

  • अब पहली सी बात नहीं है | Kavita

    अब पहली सी बात नहीं है ( Ab pehli si baat nahi hai )   कह देते थे खरी खरी पर, पीठ के पीछे घात नहीं है। बदल गया है आज जमाना, अब पहली सी बात नहीं है।।   ऋषि मुनि और संत महात्मा, मन फकीरी धरते थे। मोह माया से दूर रहे वो, कठिन…

  • कृष्ण ने लिया मनुज अवतार | Geet

    कृष्ण ने लिया मनुज अवतार ( Krishna ne liya manuj avtaar )   कारावास दिया बहना को, बढा कंस का अत्याचार। आठवां पुत्र मौत बनेगा, हो गया अब जीना दुश्वार। खुल गए सारे द्वार जेल के, सो गए सारे पहरेदार। दुष्ट कंस वध करने, कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।   कृष्ण कंहैया नटवर नागर, तेरी…

  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) | Shri Krishna Janmashtami vishesh

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) ( Shri Krishna Janmashtami vishesh – Kajri )   जनमे देवकी के जब लाला खुलिगा जेल का ताला ना …2 ll   हाथों से हथकड़ियां छूटी मात पिता की बेड़ी टूटी खुल गए पाप के बंधन सारे आए जब नंदलाला ना…. जनमे देवकी ०…   सो गए सारे पहरेदार खुल…

  • घर घर बजे बधाई | Krishna Janmashtami Par Kavita

    घर घर बजे बधाई ( Ghar ghar baje badhai )   घर घर बजे बधाई लयबद्ध——ले के पहला पहला प्यार   जन्मे जग के पालनहार ,मैया करे लाल से प्यार , नाचे गाए सब नर नार, बधाई बज रही घर-घर में।।   भादो कृष्ण अष्टमी आई ,नंद बाबा घर खुशियां छाई। सखियां गावे मंगलाचार, घर-घर…