सुहाना सपना | Suhana Sapna

सुहाना सपना

( Suhana sapna ) 

 

मेरा बॉस मुझे घर छोड़ने आया,
उसने था मेरा ब्रीफकेस उठाया।

सब्जी का थैला बीवी को थमाया,
सैलरी का चेक भी उसको बताया।

बीवी ने झट मुझे कुर्सी पे बिठाया,
फ्रिज से ठंडा पानी ला के पिलाया।

प्यार से मेरे माथे को था सहलाया,
हाथों से मेरे पैरों को भी दबाया।

अपने पल्लू को हवा में यूँ लहराया,
मुझे ठंडी हवा का एहसास कराया।

डाइनिंग टेबल पर खाना लगाया,
अपने हाथों से मुझे खाना खिलाया।

खाने के बाद बेडरूम में बुलाया,
खुद मेरे लिए उसने पेग बनाया।

पास में मेरे नमकीन सरकाया,
खुद खाया मुझे भी खिलाया।

इतना प्यारा सपना मुझको आया,
जगने का मन नहीं कर रहा भाया।

झूठ बोलने में मैंने रिकार्ड बनाया!
क्या बताऊं मैं कितना मजा आया।

 

कवि : सुमित मानधना ‘गौरव’

सूरत ( गुजरात )

#laughterkefatke
#sumitgaurav

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/dard-e-ishq/

Similar Posts

  • महागौरी मां | Mahagauri Maa

    महागौरी मां ( Mahagauri Maa )    अलौकिक सिद्धियों की वृष्टि, मां महागौरी श्री वंदन से सनातन धर्म परम पद, दुर्गाष्टमी पुनीत महापर्व । नवरात्र आध्यात्म उजास, सृष्टि रज रज क्षेत्र सर्व । जगदंबें नव रूप अति हर्षित , मां श्वेतवर्णी आभा मंथन से । अलौकिक सिद्धियों की वृष्टि, मां महागौरी श्री वंदन से ।।…

  • हम भारत के रखवाले | Ham Bharat ke Rakhwale

    हम भारत के रखवाले ( Ham Bharat ke rakhwale )    हम भारत के रखवाले हैं भारत को विजयी बनाएंगे। धीर वीर महावीर सारे रण कौशल दिखलाएंगे। महासमर में महारथी लोहा लेंगे तूफानों से। शौर्य पराक्रम वीरता दिखला देंगे मैदानों में। बिगुल बजा देंगे विजय का नभ परचम लहराएंगे। सच्चे सपूत भारतमाता के वंदे मातरम…

  • देर कर दी आते आते | Geet der kardi aate aate

    देर कर दी आते आते ( Der kardi aate aate )   खूब कमाया धन दौलत, थक गए तुम्हें बुलाते। प्राण पखेरू उड़ गए उनके, जन्मदाता कहलाते। उठ गया साया सर से तेरा, कभी पुत्र धर्म निभाते। बुढ़ापे का सहारा भी कैसा, आशीष नहीं ले पाते। देर कर दी आते आते,देर कर दी आते आते…

  • बिरसा मुंडा | Birsa Munda

    बिरसा मुंडा ( Birsa munda )    देश दुनिया के इतिहास में ०९ तारीख है ये ख़ास, पुण्य-तिथि मनाते हर साल जो जून का है मास। इस दिन उस महान आत्मा ने लिया अंतिम श्वास, राॅंची में समाधि बनी है डिस्टिलरी पुल के पास।। वनवासियों-आदिवासियों के वे कहलाएं भगवान‌, साहस एवम ताकत के बल पर…

  • हिन्दुस्तान को जगाओ | Kavita Hindustan ko Jagao

    हिन्दुस्तान को जगाओ ( Hindustan ko Jagao ) हम कुम्भ की भाँति सो रहे हैं, बाहरी आकर हमें टटोल रहे हैं, हम खुशी का सपना देख रहे हैं, बाहरी कारोबार को बटोर रहे हैं, हम हिन्दू हिन्दी में खुश हो रहे हैं! बाहरी हिन्दुस्तान को लपेट रहे हैं। हम मात्र दो बच्चों में बस कर…

  • मधु-मक्खी | Madhumakhi par kavita

    मधु-मक्खी ( Madhumakhi )   मधु-मक्खी की महानता …..| 1.सौ शहर-सौ खेत गई, सौ कलियों से मुलाकात हुई | साथ मे लाखों साथी लेकर, सौ गलियों से शुरुवात हुई | मुख मे मधुरस भरकर, पहुँच गई अपने ठिकाने मे | दिन-रात मेहनत करती, लगती हैं शहद जुटाने मे | मधु-मक्खी की महानता …..| 2.फूलों से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *