Sukhe Ped

सूखे पेड़ पर परिंदे भी घर नहीं बनाते | Sukhe Ped

सूखे पेड़ पर परिंदे भी घर नहीं बनाते

( Sukhe ped par parinde bhi ghar nahi banate )

 

तंगहाली में अपने भी साथ नहीं निभाते।
सूखे रूख पर परिंदे भी घर नहीं बनाते।

बिन जल सरोवर सूना सूना सा लगता।
नीरव तलाश में पंछी अन्यत्र चले जाते।

हरी भरी हरियाली हो तरूवर लहराते हैं।
सूखे पेड़ पर परिंदे भी घर नहीं बनाते हैं।

मुफलिसी में मुंह फेर लेते हैं दुनिया वाले।
भाग्य सितारे भी जाने कहां खो जाते हैं।

वक्त देता साथ तो सब अपने हो जाते हैं।
सूखे पेड़ पर परिंदे भी घर नहीं बनाते हैं।

बड़ा मुश्किल पड़ाव बुढ़ापा ऐ जिंदगी का।
जो सेवा करते हैं जीवन में सुख पाते हैं।

 

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

कितनी दीवारें खड़ी करते हो | Kitni Diwaren

Similar Posts

  • कवि की दुनिया जैसे न्यारी है | Kavi par kavita

    कवि की दुनिया जैसे न्यारी है  ( Kavi ki duniya jaise nyari hai )      शब्द-शब्द पिरोकर लेखक बुक माला बना देते, भाव अपनें मन के ये इसी क़लम से लिख देते। इन कवियों की दुनिया सब से अलग हीं लगती, कविता से कहानी कहानी से कविता बना देते।।   कल्पना से सोचकर लेखक…

  • स्तवन | Stavan

    स्तवन *सरस्वती शारद ब्रम्हाणी!जय-जय वीणा पाणी!!*अमल-धवल शुचि,विमल सनातन मैया!बुद्धि-ज्ञान-विज्ञानप्रदायिनी छैंया।तिमिरहारिणी,भयनिवारिणी सुखदा,नाद-ताल, गति-यतिखेलें तव कैंया।अनहद सुनवाई दो कल्याणी!जय-जय वीणापाणी!!*स्वर, व्यंजन, गण,शब्द-शक्तियां अनुपम।वार्णिक-मात्रिक छंदअनगिनत उत्तम।अलंकार, रस, भाव,बिंब तव चारण।उक्ति-कहावत, रीति-नीति शुभ परचम।कर्मठ विराजित करते प्राणीजय-जय वीणापाणी!!*कीर्ति-गान कर,कलरव धन्य हुआ है।यश गुंजाता गीत,अनन्य हुआ है।कल-कल नाद प्रार्थना,अगणित रूपा,सनन-सनन-सन वंदनपवन बहा है।हिंदी हो भावी जगवाणीजय-जय वीणापाणी!! संजीव सलिल यह…

  • तेरी दोस्ती | Teri Dosti

    तेरी दोस्ती ( Teri Dosti )  तेरी दोस्ती से, गुलजार जिंदगी मेरी पाकर तुम्हारा साथ, जीवन सम प्रसून खिला । बोझिल सी राहों पर, आनंद भरा शकून मिला । जले नव आशा दीप , दूर सारी नैराश्य अंधेरी । तेरी दोस्ती से,गुलजार जिंदगी मेरी ।। मेरा जीवन तो जैसे, तपता रेगिस्तान था । कदम कदम…

  • होली में बरसे रंग प्यार के | Kavita Holi me

    होली में बरसे रंग प्यार के ( Kavita Holi me Barse Rang Pyar ke )   होली मे बरसे रंग प्यार के, आओ रंग दे तुम्हें गुलाल से। ढोलक और चंग आज बजाएं, रंग दे तुम को हर एक रंग से।। जागी है मन में आज उमंग, बुराई का करेंगे हम तो दमन। हिन्दू मुस्लिम…

  • शरद चाँदनी | Sharad Chandni 

    शरद चाँदनी ( Sharad Chandni ) चली है ..पवन शीतल मंद सुगन्ध नूपुरखिले खिले हुए हैशरद की चाँदनी मेंकुन्द के फूलचंद्र पूर्ण आकार सोलह कलाओं को संग लियें उदित हुआ बदली तेजपुंज से भरी-भरीहो रही है अमृत वर्षाआकाश से आज बरस रही है शरद चाँदनीहै ओस की बूँद में भीअमृत बूटी चूर्णसब रोगों का होगा नाशमाँ…

  • सजा मां दरबार निराला | Navratri ke bhakti geet

    सजा मां दरबार निराला ( Saja maan darabaar niraala )   सब के दुख हरने वाली, सजा मां दरबार निराला। रणचंडी खप्पर वाली, दुर्गा महाकाली ज्वाला।   सिंह सवार मात भवानी, तेरी लीला अपरंपार। तू है सृष्टि नियंता, तू ही मां जग की करतार।   त्रिशूल चक्र कर सोहे, गदा शंख अरू भाला। भक्तों की…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *